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Muzaffarnagar News: जीवनदायिनी नदियों ने दी मौत की दस्तक

Fri, 03 Feb 2023 04:44 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 03 Feb 2023 04:44 PM IST
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Life-giving rivers gave death's knock
- रोगियों के उपचार की व्यवस्था और रिकॉर्ड ही नहीं
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अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। कभी लोगों की जीवनरेखा रहीं हिंडन और काली नदी के किनारे बसे गांव के लोग कैंसर और अन्य बीमारियों की चपेट में है। नदियों का प्रदूषित जल मुसीबत बन गया है। पीड़ितों के उपचार की व्यवस्था नहीं हुई और हर साल मर्ज बढ़ता चला गया। जांच सिर्फ पानी तक सिमट गई, लेकिन शुद्ध पानी घरों तक पहुंचना टेढ़ी खीर बन गया है। स्वास्थ्य विभाग के पास न तो कैंसर पीड़ितों के इलाज की सुविधा है और न ही बीमारी के प्रकोप का रिकॉर्ड। मरीज खुद ही दूर-दराज के अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं। दिल्ली, देहरादून, ऋषिकेश और हरियाणा में उपचार के लिए जिले के लोग चक्कर काट रहे हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों को बीमारी से बचाने के लिए ठोस इंतजाम नहीं हुए। रतनपुरी निवासी बुजुर्ग चरतु सिंह बताते हैं कि गंगनहर से पानी काली नदी में डाले जाने से समस्या का समाधान हो सकता है।

इन गांव में कैंसर का बढ़ रहा प्रकोप
रतनपुरी क्षेत्र में काली नदी किनारे के रामपुर, घनश्यामपुरा, समौली, डबल, इंचौड़ा, कितास, रतनपुरी, मंडावली खादर में प्रदूषित जल के कारण कैंसर, हेपेटाइटिस और त्वचा संबंधी रोग पैर पसार रहे हैं। डबल और रतनपुरी में अब तक बीस से अधिक लोगों की कैंसर से मौत हो चुकी है। चरथावल क्षेत्र के गांव कसौली, न्याम, दूधली में भी नदी का प्रदूषित पानी पशुओं और आमजन के लिए खतरा बना है।
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कैंसर से लड़ रहे हैं रूपीदमन
डबल निवासी रूपीदमन पिछले करीब बीस वर्षो से जीभ के कैंसर से लड़ रहे हैं। दिल्ली के लोक नायक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। इसी गांव के बिनेश तीन वर्ष से मुंह के कैंसर और सतीश गले के कैंसर से पीड़ित हैं।
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नलों से निकल रहा प्रदूषित पानी
रतनपुरी निवासी सतेंद्र सोम का कहना है कि काली नदी में प्रदूषण की वजह से गांव के नलों से दूषित पानी ही निकलता है। जिसके कारण लोगो को सबमर्सिबल का सहारा लेना पड़ रहा है।

कामयाब नहीं हुए वाटर फिल्टर
डबल निवासी ईश्वर त्यागी बताते हैं कि मेरठ के नीर फाउंडेशन की ओर से गांव में वाटर फिल्टर वितरित किए गए थे, लेकिन नदी के दूषित पानी की वजह से वाटर फिल्टर ज्यादा कारगर साबित नही हो सके।

बीमारियां दे रही है दस्तक
छिमाऊ के ग्रामीण मुकेश कुमार का कहना है हिंडन नदी में फैक्ट्रियों का प्रदूषित पानी से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों खतरा पनप रहा है। गांव में पिछले वर्ष महिपाल गले में कैंसर की वजह से मौत हो चुकी है।


जिले में नहीं उपचार की सुविधा : त्यागी
जिला अस्पताल में एनसीडी (गैर संचारी रोग) सैल के नोडल अधिकारी डॉ. एसके त्यागी बताते हैं कि जिले में कैंसर के उपचार की सुविधा नहीं है। इसी वजह से मरीजों का रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं है।
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