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कमरे में रोशनदान न होना बना दम घुटने की वजह
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मुजफ्फरनगर के भौराकलां में घटना स्थल पर कमरे में सुलगते उपले, जहां तीन बच्चों की मौत हो गई।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
भौराकलां (मुजफ्फरनगर)। घर में सोए तीन बच्चों की मौत कमरे में रोशनदान न होना हादसे की वजह रहा। जिससे धुआं बाहर न निकलकर अंदर ही भर गया और बच्चों का दम घुट गया।
भौराकलां निवासी राजवीर पुत्र हुकम सिंह के परिवार में पत्नी सीमा के साथ तीन बेटियों मोनी (15), प्रिया (13), सपना (11) और दो बेटे अभय (9) व निखिल (7) थे। राजवीर पहले हरियाणा के पानीपत में मजदूरी करता था, लेकिन करीब एक साल पूर्व वह गांव लौटकर परिवार के ही हरपाल के मकान में रहने लगा था। शुक्रवार रात को वह पत्नी सीमा और दो बेटियों प्रिया, मोनी के साथ भट्ठे पर गया था। घर पर बाकी तीनों बच्चे सोए थे। मच्छरों से बचाव को उसने मॉर्टिन जलाई थी। जिस कमरे में तीन बच्चे सपना, अभय व निखिल सोए थे, उसमें कोई रोशनदान नहीं है और एक कोने में उपले लगे हुए थे। माना जा रहा है कि मॉर्टिन के कारण ही उपलों में आग लगी। कमरे में रोशनदान न होने से धुआं कमरे में ही भरता गया, जिससे वहां सोए तीनों बच्चों का दम घुट गया। शनिवार सुबह दसे बजे सीमा भट्ठे से घर लौटी तो घटना का पता चला। सबसे छोटे बेटे निखिल की सांस चलती देख ग्रामीण उसे लेकर शामली की ओर दौड़े, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। एक साथ तीन बच्चों के शव देख मां सीमा होश खो बैठी और पिता राजवीर का रो रोकर बुरा हाल था।
लॉकडाउन के चलते नहीं पहुंच सके रिश्तेदार व संबंधी
भौराकलां। लॉकडाउन के कारण राजवीर के तीन बच्चों की मौत पर रिश्तेदार व संबंधी भी शोक संवेदना व्यक्त करने नहीं पहुंच सके। तीनों बच्चों की मौत पर बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे, जिन्हें एसएसआई दिनेश कुमार ने बामुश्किल समझाबुझाकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया।
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विधायक उमेश मलिक ने एक करोड़ दिए
मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक की शनिवार रात को सीएम योगी आदित्यनाथ से वीडियो कांफ्रेसिंग हुई। इसमें विधायक कोरोना की जंग में जरूरतमंदों की मदद के लिए अपनी विधायक निधि से एक करोड़ रुपये और अपने एक माह का वेतन देने की बात कही है।
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भौराकलां निवासी राजवीर पुत्र हुकम सिंह के परिवार में पत्नी सीमा के साथ तीन बेटियों मोनी (15), प्रिया (13), सपना (11) और दो बेटे अभय (9) व निखिल (7) थे। राजवीर पहले हरियाणा के पानीपत में मजदूरी करता था, लेकिन करीब एक साल पूर्व वह गांव लौटकर परिवार के ही हरपाल के मकान में रहने लगा था। शुक्रवार रात को वह पत्नी सीमा और दो बेटियों प्रिया, मोनी के साथ भट्ठे पर गया था। घर पर बाकी तीनों बच्चे सोए थे। मच्छरों से बचाव को उसने मॉर्टिन जलाई थी। जिस कमरे में तीन बच्चे सपना, अभय व निखिल सोए थे, उसमें कोई रोशनदान नहीं है और एक कोने में उपले लगे हुए थे। माना जा रहा है कि मॉर्टिन के कारण ही उपलों में आग लगी। कमरे में रोशनदान न होने से धुआं कमरे में ही भरता गया, जिससे वहां सोए तीनों बच्चों का दम घुट गया। शनिवार सुबह दसे बजे सीमा भट्ठे से घर लौटी तो घटना का पता चला। सबसे छोटे बेटे निखिल की सांस चलती देख ग्रामीण उसे लेकर शामली की ओर दौड़े, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। एक साथ तीन बच्चों के शव देख मां सीमा होश खो बैठी और पिता राजवीर का रो रोकर बुरा हाल था।
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लॉकडाउन के चलते नहीं पहुंच सके रिश्तेदार व संबंधी
भौराकलां। लॉकडाउन के कारण राजवीर के तीन बच्चों की मौत पर रिश्तेदार व संबंधी भी शोक संवेदना व्यक्त करने नहीं पहुंच सके। तीनों बच्चों की मौत पर बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे, जिन्हें एसएसआई दिनेश कुमार ने बामुश्किल समझाबुझाकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया।
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विधायक उमेश मलिक ने एक करोड़ दिए
मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक की शनिवार रात को सीएम योगी आदित्यनाथ से वीडियो कांफ्रेसिंग हुई। इसमें विधायक कोरोना की जंग में जरूरतमंदों की मदद के लिए अपनी विधायक निधि से एक करोड़ रुपये और अपने एक माह का वेतन देने की बात कही है।

मुजफ्फरनगर के भौराकलां में राजबीर के घर पर गमजदा परिजन।- फोटो : MUZAFFARNAGAR