बोले युवा, वोट की चोट से तोड़ेंगे भाजपा की कमर, जबरदस्त भीड़ देख आई बाबा टिकैत की याद
- संभल जाए किसान युवाओं के वोट से सत्ता में आई भाजपा सरकार
मोरना क्षेत्र के गांव निरगाजनी निवासी संजय कुमार, गांव छछरौली निवासी प्रधान अनुज पहलवान, मोंटी व शुभम राठी, कस्बा भोकरहेड़ी निवासी तरुण, बबलू व वरुण, गांव करेहड़ा निवासी पिंकू राठी, बिन्नू राठी व दीपक और गांव फिरोजपुर निवासी योगेंद्र, योगेश, राजकुमार, परविंदर, शिवम व राहुल ने कहा कि वर्ष 2014 व वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों में किसान युवाओं ने अपनी पारंपरिक पार्टी छोड़कर भाजपा के पक्ष में जबरदस्त मतदान किया था। इसके फलस्वरूप केंद्र में भाजपा ने भारी बहुमत के साथ सरकार बनाई थी, लेकिन अब भाजपा सरकार किसानों की ही कमर तोड़ने की नीति पर चल रही है।
भाकियू की किसान महापंचायत में लंबे अरसे के बाद उमड़ी भारी भीड़ देख बुजुर्ग किसान भावुक हो गए। महापंचायत में जगह-जगह गुड़गुड़ाए जाते हुक्के और भाकियू का चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की फोटो लगा झंडा देख बुजुर्ग किसान भी भाजपा से खफा नजर आए।
किसानों को नए ट्रैक्टर दिलवाए और हर साल गन्ने के वाजिब दाम भी बढ़वाए। उनके जाने के बाद हमारे बच्चे बहक गए थे, जो अब भाजपा की करतूत देख सुधर गए हैं। अब भाजपा को किसान हवा में उड़ाकर ही दम लेंगे।
क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय महासचिव व कांग्रेस नेता राकेश पुंडीर ने कहा कि केंद्र सरकार ने साजिश के तहत किसानों को बदनाम किया है। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली में किसानों का 60 दिन से शांतिपूर्ण धरना चल रहा था, लेकिन सरकार ने गणतंत्र दिवस पर निकाली गई ट्रैक्टर रैली में बवाल कराकर अन्नदाताओं को बदनाम कर दिया। इसके बाद गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे धरने पर भी भाजपा विधायकों ने अपने समर्थकों के साथ पथराव कर किसानों का अपमान किया है। उन्होंने भाजपा सरकार से कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग की।