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परिचित महिला की गोद भरने के लिए किया था सगे भांजे का अपहरण
Mon, 17 Jun 2019 12:25 AM IST
Deepak Kausik
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Published by: Deepak Kausik
Updated Mon, 17 Jun 2019 12:25 AM IST
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मुजफ्फरनगर में बच्चे के अपरण के बाद रोती महिला।
- फोटो : अमर उजाला
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मोहल्ला रामलीला टिल्ला से परिचित महिला की गोद भरने के लिए बहन के आठ माह के बेटे को अगवा करने के आरोपी मामा सचिन व उसके दोस्त को पुलिस ने जेल भेज दिया है। पीड़ित बहन ने ही आरोपी भाई समेत दोनों आरोपियों के खिलाफ बेटे के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला रामलीला टिल्ला निवासी ममता पत्नी शेखर निवासी पलड़ी करीब डेढ़ माह से मायके आई हुई थी। शनिवार सुबह करीब दस बजे ममता का आठ माह का बेटा अवि संदिग्ध हालात में लापता हो गया था। बच्चे की बरामदगी के लिए तीन टीमों का गठन करते हुए क्राइम ब्रांच को भी इसमें लगाया गया था। शाम को ही पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया था। पुलिस ने इस मामले में रामलीला टिल्ला निवासी बच्चे के मामा सचिन व उसके दोस्त सोनू को भी गिरफ्तार कर लिया था।
एसपी सिटी सतपाल आंतिल ने बताया कि गांव सरवट निवासी परिचित महिला की गोद में डालने की खातिर ममता के भाई सचिन ने ही अपने भांजे को अगवा किया था। पुलिस को बरगलाने के लिए आरोपी ने दंत मंजन विक्रेता के आने की फर्जी कहानी गढ़ी, जिसकी जांच के दौरान मंजन विक्रेता की चार दिन पहले ही मौत होने की पुष्टि के बाद सचिन पर पुलिस का शक गया था। बरामद किए गए बच्चे को मेडिकल कराकर मां ममता के सुपुर्द कर दिया गया था। ममता द्वारा ही भाई सचिन व उसके दोस्त सोनू के खिलाफ बेटे के अपहरण की तहरीर दी गई, जिस पर रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
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सचिन ने जो किया, उसकी सजा मिले
मुजफ्फरनगर। परिचित महिला के लिए मासूम भांजे का अपहरण करने वाले सचिन की करतूत से उसका पूरा परिवार दुखी है। नाराजगी का आलम यह कि शनिवार देर रात के बाद रविवार शाम जेल जाने तक हवालात में उससे मिलने कोई भी नहीं पहुंचा। पिता बाबूराम, भाई नितिन व बहनोई शेखर का कहना है कि उन्हें पहले तो यकीन नहीं हुआ कि सचिन ऐसा कर सकता है, लेकिन जब उसने सबके सामने अपना गुनाह कबूल किया तो बहुत बुरा लगा। सचिन ने जो शर्मनाक गुनाह किया, इसकी सजा उसे मिलनी ही चाहिए।
भाई ने किया गुनाह, परिजनों का क्या कसूर ?
मुजफ्फरनगर। भाई सचिन द्वारा आठ माह के मासूम बेटे अवि का अपहरण करने का दंश झेल चुकी ममता फिलहाल पति व दोनों बच्चों आयुष और अवि के साथ मायके में ही रह रही है। ममता का कहना है कि भाई ने जो गुनाह किया, उसकी सजा उसे मिलेगी, लेकिन इसमें बाकी मायके वालों का क्या कसूर है।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला रामलीला टिल्ला निवासी ममता पत्नी शेखर निवासी पलड़ी करीब डेढ़ माह से मायके आई हुई थी। शनिवार सुबह करीब दस बजे ममता का आठ माह का बेटा अवि संदिग्ध हालात में लापता हो गया था। बच्चे की बरामदगी के लिए तीन टीमों का गठन करते हुए क्राइम ब्रांच को भी इसमें लगाया गया था। शाम को ही पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया था। पुलिस ने इस मामले में रामलीला टिल्ला निवासी बच्चे के मामा सचिन व उसके दोस्त सोनू को भी गिरफ्तार कर लिया था।
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एसपी सिटी सतपाल आंतिल ने बताया कि गांव सरवट निवासी परिचित महिला की गोद में डालने की खातिर ममता के भाई सचिन ने ही अपने भांजे को अगवा किया था। पुलिस को बरगलाने के लिए आरोपी ने दंत मंजन विक्रेता के आने की फर्जी कहानी गढ़ी, जिसकी जांच के दौरान मंजन विक्रेता की चार दिन पहले ही मौत होने की पुष्टि के बाद सचिन पर पुलिस का शक गया था। बरामद किए गए बच्चे को मेडिकल कराकर मां ममता के सुपुर्द कर दिया गया था। ममता द्वारा ही भाई सचिन व उसके दोस्त सोनू के खिलाफ बेटे के अपहरण की तहरीर दी गई, जिस पर रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
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सचिन ने जो किया, उसकी सजा मिले
मुजफ्फरनगर। परिचित महिला के लिए मासूम भांजे का अपहरण करने वाले सचिन की करतूत से उसका पूरा परिवार दुखी है। नाराजगी का आलम यह कि शनिवार देर रात के बाद रविवार शाम जेल जाने तक हवालात में उससे मिलने कोई भी नहीं पहुंचा। पिता बाबूराम, भाई नितिन व बहनोई शेखर का कहना है कि उन्हें पहले तो यकीन नहीं हुआ कि सचिन ऐसा कर सकता है, लेकिन जब उसने सबके सामने अपना गुनाह कबूल किया तो बहुत बुरा लगा। सचिन ने जो शर्मनाक गुनाह किया, इसकी सजा उसे मिलनी ही चाहिए।
भाई ने किया गुनाह, परिजनों का क्या कसूर ?
मुजफ्फरनगर। भाई सचिन द्वारा आठ माह के मासूम बेटे अवि का अपहरण करने का दंश झेल चुकी ममता फिलहाल पति व दोनों बच्चों आयुष और अवि के साथ मायके में ही रह रही है। ममता का कहना है कि भाई ने जो गुनाह किया, उसकी सजा उसे मिलेगी, लेकिन इसमें बाकी मायके वालों का क्या कसूर है।