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संयम से मनुष्य अपनी इच्छाओं पर कर सकता है नियंत्रण
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खतौली। नगर के नौ जैन मंदिरों में पर्यूषण पर्व की धर्म आराधना के लिए भक्तगण नियमित रूप से पूजा पाठ कर आत्मसाधना कर रहे हैं। जैन मंडी मंदिर में पवित्र मंत्रोच्चार के साथ जिनेंद्र भगवान का अभिषेक व पूजन अशोक शास्त्री के मार्गदर्शन में किया गया। भक्तों ने वीतरागी प्रभु का जयकारों के साथ गुणगान किया।
दसलक्षण महामहोत्सव के अवसर पर ऑनलाइन धर्मचर्चा द्वारा रजनी जैन प्रवक्ता ने बताया कि हम उत्तम संयम धर्म का पूजा अर्चना के माध्यम से संकल्प ले रहे हैं। संयम मानव जीवन का अभिन्न अंग है। संयम से मनुष्य अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण कर सकता है। असीमित इच्छाएं ही मानव दुख व कष्टों का मूल कारण है। इच्छाओं व अपेक्षाओं का नियंत्रण ही मानव जीवन में शांति का वाहक है। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र का संयम मानव को दिव्यत्व की ओर ले जाता है। संयम आत्म कल्याण का मार्ग है। वाणी का संयम समाज में सौहार्द कायम करता है। संयमित समाज धर्म के मार्ग का पालन करते हुए विनम्रता व उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ता है। सभी मंदिरों में आनलाइन धार्मिक प्रस्तुति प्रतियोगिता व प्रश्नमंच कार्यक्रम कराए जा रहे हैं। इस अवसर पर विनोद, मनीष, सिद्धांत, विपिन, अजय, चंद्रबोस, संजीव, पवन, अनिल, धनेन्द्र, नरेंद्र, सुधीर, नवीन, मुकेश, सुरेंद्र, प्रदीप, एलएम जैन, नीरज, छवि, संतोष, वंदना, नेहा, स्वाति, मुस्कान, निशा, संगीता, सुमन, डा. ज्योति, डाक्टर आशा, इंदू, गीता, ललिता आदि का योगदान रहा।
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दसलक्षण महामहोत्सव के अवसर पर ऑनलाइन धर्मचर्चा द्वारा रजनी जैन प्रवक्ता ने बताया कि हम उत्तम संयम धर्म का पूजा अर्चना के माध्यम से संकल्प ले रहे हैं। संयम मानव जीवन का अभिन्न अंग है। संयम से मनुष्य अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण कर सकता है। असीमित इच्छाएं ही मानव दुख व कष्टों का मूल कारण है। इच्छाओं व अपेक्षाओं का नियंत्रण ही मानव जीवन में शांति का वाहक है। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र का संयम मानव को दिव्यत्व की ओर ले जाता है। संयम आत्म कल्याण का मार्ग है। वाणी का संयम समाज में सौहार्द कायम करता है। संयमित समाज धर्म के मार्ग का पालन करते हुए विनम्रता व उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ता है। सभी मंदिरों में आनलाइन धार्मिक प्रस्तुति प्रतियोगिता व प्रश्नमंच कार्यक्रम कराए जा रहे हैं। इस अवसर पर विनोद, मनीष, सिद्धांत, विपिन, अजय, चंद्रबोस, संजीव, पवन, अनिल, धनेन्द्र, नरेंद्र, सुधीर, नवीन, मुकेश, सुरेंद्र, प्रदीप, एलएम जैन, नीरज, छवि, संतोष, वंदना, नेहा, स्वाति, मुस्कान, निशा, संगीता, सुमन, डा. ज्योति, डाक्टर आशा, इंदू, गीता, ललिता आदि का योगदान रहा।
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