खतौली। भगवान ऋषभदेव आदिनाथ का निर्वाण कल्याणक महोत्सव बुधवार को श्रद्धापूर्वक मनाया। जैन मंदिरों में मांगलिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
प्रात:काल में पीत व केसरिया वस्त्र धारण करइंद्र-इंद्राणी वेशभूषा में सुसज्जित श्रद्धालु श्रावक, श्राविका एकत्रित हुए। भगवान आदिनाथ का भक्तिमय अभिषेक व पूजन किया गया। भक्ति संगीत पर मनोहारी नृत्य किए गए। श्रद्धालुओं ने भजन प्रस्तुत किए। भक्तामर विधान पाठ किया। यहां डॉ. ज्योति जैन ने बताया कि संपूर्ण भारत के श्रद्धालु भगवान आदिनाथ का मोक्ष कल्याण धर्म भावना से मनाते हैं। आज का दिन अत्यंत पावन है। ऋषभ देव का जन्म अयोध्या नगरी में हुआ तथा कैलाश पर्वत से मोक्ष गए। इन्हें माघ कृष्ण चतुर्दशी को निर्वाण प्राप्त हुआ था। अशोक शास्त्री ने बताया ऋषभ देव ने मनुष्य को कर्म करने का उपदेश देते हुए प्रमुख संदेश दिया। यहां श्रीजैन मिलन अरिहंत ने भी कार्यक्रम आयोजित किए। यहां सुनील, प्रदीप, सुशील, राजीव, कार्तिक, राजेंद्र, अरुण, रामकुमार, शीलचंद, अलका, आंचल, प्रियंका, रीतू, अंजलि, करुणा, इंदू, पायल, प्रदीप, नीरज जैन आदि उपस्थित रहे।