{"_id":"5e6a81268ebc3ea4d030036b","slug":"kalyan-dev-district-hospital-muzaffarnagar-muzaffarnagar-news-mrt4732953160","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल में उमड़ा मरीजों का सैलाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल में उमड़ा मरीजों का सैलाब
विज्ञापन
जिला अस्पताल में चिकित्सक कक्ष के बाहर लगी मरीजों की भीड़।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
मुजफ्फरनगर। चार दिन बाद कल्याण देव जिला चिकित्सालय खुला तो मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। सामान्य दिनों के मुकाबले 500 ज्यादा मरीजों के पंजीकरण हुए। पंजीकरण खिड़की से लेकर चिकित्सक कक्ष और दवा काउंटर पर मरीजों की भीड़ उमड़ी रही। लोग परेशान हाल लंबी लाइनों में लगे रहे।
रविवार को अवकाश के बाद बुधवार तक होली का अवकाश था। बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे से ही अस्पताल में मरीजों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। दोपहर तक पंजीकरण खिड़की पर मरीजों की कतार लगी रही। सामान्य दिनों में अस्पताल में प्रतिदिन करीब 1800 पर्चे बनते हैं, बृहस्पतिवार को यह संख्या 2300 तक पहुंच गई। इसके अतिरिक्त पुराने मरीज भी दवा लेने आए। पंजीकरण खिड़की से पर्चे बनवाकर जैसे ही मरीज अंदर पहुंचे तो चिकित्सक कक्ष में भारी भीड़ थी। मरीजों को चिकित्सक तक पहुंचने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। घंटों बाद उन्हें चिकित्सक को दिखाने का मौका मिला। इसके बाद दवा खिड़की पर भी जबर्दस्त मारामारी रही। तीन काउंटर होने के बावजूद दवा खिड़की पर मरीजों की लंबी लाइन लगी थी।
बुखार से पीड़ित मुस्तकीम ने बताया कि सुबह दस बजे अस्पताल आने के बावजूद उसे एक बजे तक भी दवा नहीं मिल पाई। फिजिशियन को दिखाने के लिए कक्ष के बाहर खड़े संजीव, शमीमा, नौशाद आदि का कहना था कि होली के त्योहार पर अस्पताल का अवकाश था। आज अस्पताल खुला तो मरीजों की भीड़ हो गई। अस्पताल के हर कक्ष के बाहर मरीजों की जबर्दस्त भीड़ रही।
विज्ञापन
अवकाश के बाद अस्पताल खुला है तो मरीजों की संख्या ज्यादा रही। मरीजों को परेशानी न हो इसका पूरा ख्याल रखा गया। प्रत्येक मरीज की जांच कर उपचार किया गया - डा. पंकज अग्रवाल, सीएमएस।
विज्ञापन
रविवार को अवकाश के बाद बुधवार तक होली का अवकाश था। बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे से ही अस्पताल में मरीजों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। दोपहर तक पंजीकरण खिड़की पर मरीजों की कतार लगी रही। सामान्य दिनों में अस्पताल में प्रतिदिन करीब 1800 पर्चे बनते हैं, बृहस्पतिवार को यह संख्या 2300 तक पहुंच गई। इसके अतिरिक्त पुराने मरीज भी दवा लेने आए। पंजीकरण खिड़की से पर्चे बनवाकर जैसे ही मरीज अंदर पहुंचे तो चिकित्सक कक्ष में भारी भीड़ थी। मरीजों को चिकित्सक तक पहुंचने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। घंटों बाद उन्हें चिकित्सक को दिखाने का मौका मिला। इसके बाद दवा खिड़की पर भी जबर्दस्त मारामारी रही। तीन काउंटर होने के बावजूद दवा खिड़की पर मरीजों की लंबी लाइन लगी थी।
विज्ञापन
बुखार से पीड़ित मुस्तकीम ने बताया कि सुबह दस बजे अस्पताल आने के बावजूद उसे एक बजे तक भी दवा नहीं मिल पाई। फिजिशियन को दिखाने के लिए कक्ष के बाहर खड़े संजीव, शमीमा, नौशाद आदि का कहना था कि होली के त्योहार पर अस्पताल का अवकाश था। आज अस्पताल खुला तो मरीजों की भीड़ हो गई। अस्पताल के हर कक्ष के बाहर मरीजों की जबर्दस्त भीड़ रही।
विज्ञापन
अवकाश के बाद अस्पताल खुला है तो मरीजों की संख्या ज्यादा रही। मरीजों को परेशानी न हो इसका पूरा ख्याल रखा गया। प्रत्येक मरीज की जांच कर उपचार किया गया - डा. पंकज अग्रवाल, सीएमएस।