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डेढ़ करोड़ पहुंची खातों से घपलेबाजी कर निकाली गई रकम, किसानों ने दिया धरना

Fri, 28 Jun 2019 12:43 AM IST
Deepak Kausik अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Published by: Deepak Kausik Updated Fri, 28 Jun 2019 12:43 AM IST
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Kakrauli State Bank of India Muzaffarnagar
ककरौली में धरने के दौरान अधिकारियों से उलझते किसान। - फोटो : अमर उजाला
ककरौली में भारतीय स्टेट बैंक में ग्राहकों के खातों से घपलेबाजी कर निकाली गई रकम का हिसाब अब एक करोड़ से डेढ़ करोड़ के बीच पहुंच गया है। इस घपलेबाजी को लेकर भाकियू तोमर गुट ने बैंक परिसर में प्रदर्शन कर बेमियादी धरना देकर बैठ गए। धरने की सूचना पर पहुंचे एसडीएम व सीओ भोपा ने 16 दिनों में ग्राहकों के खातों में रकम को वापस भेज देने का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर घंटों बाद धरना प्रदर्शन समाप्त हुआ। इस दौरान धरने पर पहुंच कर बैंक के उच्चाधिकारियों ने घपलेबाजी पर माफी भी मांगी।
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एसबीआई शाखा पर धरने में भाकियू तोमर के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर ने कहा कि बैंक कर्मचारियों को सस्पेंड करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उनको बर्खास्त करना चाहिए। सरकार के बैंकों में किसान और मजदूर की मेहनत, ईमानदारी का पैसा अमानत के तौर पर रखा हुआ है। सरकार किसान और मजदूर का शोषण करने में लगी हुई है, जो किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक हमारा पैसा वापस नहीं मिलेगा, हम लोग यहां से नहीं हटेंगे।
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बैंक के कर्मचारियों और अधिकारियों ने पासबुकों को खाली कर दिनदहाड़े किसान और मजदूरों से लूट की है। अगर कोई घटना हो जाती है इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतन का पैसा काटकर पीड़ितों को मिलना चाहिए। धरने की अध्यक्षता हाजी कालू और संचालन जिलाध्यक्ष अखिलेश चौधरी ने किया। इस दौरान पूर्व चेयरमैन सतीश चौधरी, ब्लाक अध्यक्ष राजकुमार, भारतवीर, अमित कुमार, ओमवीर सिंह, कल्लू, पूर्व प्रधान कामिल, युवा ब्लाक अध्यक्ष मुस्तकीम, अशोक कुमार, महकार सिंह आदि ने अपने विचार रखे।
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जांच पूरी, बर्खास्तगी की रिपोर्ट भेजी
मोरना। दिल्ली एसबीआई हेड ऑफिस से ककरौली बैंक शाखा मेें ग्राहकों के खातों से घपलेबाजी करके रकम निकालने के मामले में जांच के लिए आरपी सिंह नोएडा, सुंदरलाल मित्तल जानसठ, दीपक गर्ग की टीम बनाकर भेजी गई थी। टीम प्रभारी आरपी सिंह ने बताया कि ग्राहकों की 62 शिकायतों में एक करोड़ 16 लाख रुपये की घपलेबाजी का मामला जांच पड़ताल में सामने आया है। अभी और जांच की जाएगी, जिसमें इस धनराशि का बढ़ऩा तय है।

जांच में बैंक प्रबंधक चंद्रमोहन शर्मा, फील्ड अफसर राकेश शर्मा, असिस्टेंट वीर बहादुर कैशियर, सहायक रविंद्र दलाल और आउट साइडर बैंकर मनोज कुमार ककरौली दोषी पाए गए हैं,जिसके चलते बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों को सस्पेंड तो कर दिया है। आरोपी लोगों को बर्खास्तगी के लिए रिपोर्ट बनाकर भेजी गई है। वहीं इन पांचों आरोपियों के विरुद्ध ककरौली थाने में नामजद मुकदमा कायम कराया जाएगा। 15 दिनों बाद उपभोक्ताओं के खातों में पैसा वापस भेजा जाएगा।

सीओ सीबीआई जांच को रिपोर्ट गृहमंत्रालय भेजेंगे
सीओ भोपा राम मोहन शर्मा ने बताया कि ककरौली बैंक में करोड़ों का फर्जीवाड़ा कर आम जनता के साथ धोखा किया गया है। जांच पड़ताल के दौरान पता चला है कि यह काम कर्मचारियों के अकेले का नहीं है। बिना आला अधिकारियों की सहमति से इतनी मोटी रकम की घपलेबाजी नहीं हो सकती है। इस मामले की जांच कराने को गृह मंत्रालय को सीबीआई से जांच कराने को लेकर गोपनीय रिपोर्ट भेजी जाएगी।

बैंक प्रबंधक पर लगाया आरोप
गांव प्रधान प्रकाशवीर बाबूजी ने बताया कि ककरौली बैंक में 24 जून 2016 को चंद्रमोहन शर्मा ने प्रबंधक का कार्यभार ग्रहण किया। आरोप है कि तभी से ककरौली क्षेत्र के किसान और मजदूरों को परेशान किया जाने लगा। आरोप लगाया कि प्रबंधक सहित कर्मचारियों ने बैंक खातों में भारी हेराफेरी कर करोड़ों की लूट की है। इनके विरुद्ध गुड्डू, रविंद्र, बबलू प्रधान, कामिल प्रधान, सतेंद्र प्रधान, रणवीर सिंह आदि ने लूट का मुकदमा दर्ज कराए जाने की मांग डीएम से की है।

चाय बेचने वाला लाखों का मालिक बना
जांच टीम प्रभारी आरपी सिंह ने बताया कि मनोज कुमार गांव ककरौली का रहने वाला है, जो कभी बैंक में चाय बनाकर बेचा करता था। कर्मचारियों से जान पहचान होने के बाद उसने एसबीआई ग्राहक सेवा केंद्र व जनसेवा केंद्र खोलकर ग्राहकों का विश्वास जीतकर बैंक खातों से लाखों की हेराफेरी करने का बड़ा फर्जीवाड़ा करना आरंभ कर दिया। बेसहारा, विधवाओं, अनपढ़ ग्रामीणों को अपना शिकार बनाना प्रारंभ कर दिया, जिससे वह लखपति बन बैठा। गांव में आलीशान मकान और गाड़ियों का स्वामी होने की बात ग्रामीणों की जुबां पर रहने लगी। फर्जीवाड़े की जांच टीम ने मनोज को फर्जीवाड़े का मुख्य सूत्रधार होने की बात कही है।

बैंक को बिल्डिंग से खाली कराने को कह दिया
ककरौली में एसबीआई बैंक की शाखा पूर्व प्रधान कामिल ने अपनी निजी जमीन देकर बैंक की बिल्डिंग बनाकर वर्षाें का एग्रीमेंट का करार किया हुआ है। हालांकि इस फर्जीवाड़े और अन्य आशंकाओं के चलते बैंक अधिकारियों से शाखा को कहीं ओर ले जाने का अनुरोध किया है। पूर्व प्रधान कामिल का कहना है कि कोई अप्रिय घटना हो जाए, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। ग्रामीणों में बैंक कर्मचारियों के विरुद्ध भारी रोष व्याप्त है।

ककरौली बैंक घोटाला: निलंबित बैंक शाखा मैनेजर सहित दो की जमानत खारिज
मुजफ्फरनगर। जिला जज कोर्ट ने बृहस्पतिवार को सुनवाई के बाद ककरौली बैंक घोटाले के आरोपी बैंक मैनेजर व कैंटीन ब्वॉय की एंटी सीपेटरी बेल (अग्रिम जमानत) खारिज कर दी। जनपद में एंटी सीपेटरी बेल का जिले में यह पहला केस था। ककरौली की एसबीआई शाखा के मैनेजर चंद्रमोहन शर्मा को हाल ही में बैंक खातेदारों के करोड़ों रुपये घोटाले के आरोप में निलंबित किया गया था। बृहस्पतिवार को बैंक शाखा मैनेजर के साथ ही कैंटीन ब्वॉय मनोज कुमार द्वारा जिला जज की कोर्ट में एंटी सीपेटरी बेल (अग्रिम जमानत) के लिए याचिका दायर की थी।


सुनवाई के बाद जिला जज संजय कुमार पचौरी ने दोनों की जमानत याचिका खारिज कर दी। गौरतलब है कि एंटी सीपेटरी बेल का जिले में यह पहला मामला था, जिसके चलते इस पर सभी अधिवक्ताओं की नजरें भी टिकी हुईं थीं। एंटी सीपेटरी बेल सिस्टम को शासन द्वारा हाल ही में लागू किया गया था, जिसके बाद छह जून को इसे जनपद में भी मंजूरी दे दी गई थी।
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