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20 फरवरी तक चिन्हित होगी सिंचाई की कब्जाई जमीन
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मुजफ्फरनगर। जिले में सिंचाई विभाग की अवैध रूप से कब्जाई गई सभी जमीनें खाली होंगी। शासन ने 20 फरवरी तक ऐसी जमीनों को चिह्नित करने के आदेश विभाग को दिए हैं। शासन के आदेश के बाद विभाग में खलबली मच गई है। जड़ौदा रजबहे, इसकी माइनर विक्टोरिया और नरा को कब्जे से मुक्त कराया जाएगा।
सिंचाई विभाग की लापरवाही से आबादी के निकट आने वाले रजबहों और माइनरों पर लगातार कब्जे होते जा रहे हैं। अमर उजाला द्वारा इस मामले को उठाए जाने के बाद शासन ने इसे गंभीरता से लिया है। प्रदेश के जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने सिंचाई विभाग की जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने सिंचाई विभाग के अफसरों को सीधे निर्देश दिए हैं कि 20 फरवरी तक उन सभी जमीनों का चिह्निकरण कर लिया जाए, जिन पर कब्जे हैं। जिले में सबसे बड़ा कब्जा जड़ौदा रजबहे पर है। यह शहर से सटा हुआ है। गढ़ी के जंगल से दीनदयाल कॉलेज के पास से शुरू होकर यह रजबहा विश्वकर्मा चौक, मंडी रोड, एटूजेड रोड को होते हुए जड़ौदा तक जाता है।
जड़ौदा गांव से पहले लगभग डेढ़ किमी का इसका हिस्सा अभी भी खाली है और इसमें कीमती शीशम के पेड़ खड़े हुए हैं। बाकी हिस्से पर अवैध कब्जे हो चुके हैं। कई विभागों ने अपनी सड़क तक बना दी है। इसमें से निकलने वाली विक्टोरिया माइनर पर सड़क बन चुकी है। नरा माइनर पर लोग धीरे-धीरे कब्जा कर रहे हैं। शासन के आदेश के बाद विभाग में खलबली मची हुई है। विभाग के अधिकारी रजबहे और माइनर का रिकार्ड खंगाल रहे हैं। 20 फरवरी तक जिले में सभी स्थानों पर जहां अवैध कब्जे है, उन सबकों चिह्नित किया जाना है। अब देखना यह है कि विभागीय अधिकारी क्या एक्शन लेते हैं।
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सिंचाई विभाग की लापरवाही से आबादी के निकट आने वाले रजबहों और माइनरों पर लगातार कब्जे होते जा रहे हैं। अमर उजाला द्वारा इस मामले को उठाए जाने के बाद शासन ने इसे गंभीरता से लिया है। प्रदेश के जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने सिंचाई विभाग की जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने सिंचाई विभाग के अफसरों को सीधे निर्देश दिए हैं कि 20 फरवरी तक उन सभी जमीनों का चिह्निकरण कर लिया जाए, जिन पर कब्जे हैं। जिले में सबसे बड़ा कब्जा जड़ौदा रजबहे पर है। यह शहर से सटा हुआ है। गढ़ी के जंगल से दीनदयाल कॉलेज के पास से शुरू होकर यह रजबहा विश्वकर्मा चौक, मंडी रोड, एटूजेड रोड को होते हुए जड़ौदा तक जाता है।
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जड़ौदा गांव से पहले लगभग डेढ़ किमी का इसका हिस्सा अभी भी खाली है और इसमें कीमती शीशम के पेड़ खड़े हुए हैं। बाकी हिस्से पर अवैध कब्जे हो चुके हैं। कई विभागों ने अपनी सड़क तक बना दी है। इसमें से निकलने वाली विक्टोरिया माइनर पर सड़क बन चुकी है। नरा माइनर पर लोग धीरे-धीरे कब्जा कर रहे हैं। शासन के आदेश के बाद विभाग में खलबली मची हुई है। विभाग के अधिकारी रजबहे और माइनर का रिकार्ड खंगाल रहे हैं। 20 फरवरी तक जिले में सभी स्थानों पर जहां अवैध कब्जे है, उन सबकों चिह्नित किया जाना है। अब देखना यह है कि विभागीय अधिकारी क्या एक्शन लेते हैं।
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