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महंगाई ने आशियाना बनाने वालों का सपना तोड़ा

Wed, 30 Dec 2020 12:38 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 30 Dec 2020 12:38 AM IST
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Inflation broke the dream of the builders
महंगाई ने आशियाना बनाने वालों का सपना तोड़ा
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मुजफ्फरनगर। निर्माण सामग्री के रेट बढ़ने से आशियाना बनाने वालों को जोर का झटका दिया है। सरकारी योजनाओं का बजट बढ़ने से ठेकेदारों के सामने कार्य की लागत पूरी करने का संकट उत्पन्न हो गया है। पीएम आवास के लिए सरकार द्वारा निर्धारित बजट में 15-20 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने से लाभार्थी परेशान हैं। विभाग द्वारा स्वीकृत आवास की दूसरी और तीसरी किस्तें नहीं आने और निरंतर महंगाई बढ़ने से लोग दुविधा में हैं। लोहे के रेट बढ़ने से ठेकेदार और निर्माण कंपनी असमंजस में है।
कोरोना काल में बढ़ती महंगाई से मकान निर्माण करना आमजन के बूते की बात नहीं है। लॉकडाउन से पहले रेट काफी कम थे। लॉकडाउन लगने से निर्माण सामग्री की दरें आसमान छू गई। रेट बढ़ने से जरूरी सरकारी योजनाओं को छोड़कर मुख्य कार्यों पर ब्रेक लगा है। महंगाई ने मकान निर्माण करने वालों का बजट बिगाड़ कर रख दिया है। पीएम आवास की तीसरी किस्त अरसे से नहीं आने से लागत दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। लाभार्थी प्रियंका ने बताया कि सरकारी अनुदान 2.50 लाख के अलावा डेढ़ लाख रुपये अपने बजट से लगाने पड़ते थे। फिलहाल महंगाई के कारण अपने बजट की लागत अब दो लाख रुपये पहुंच गई है।
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सीमेंट कारोबारी इमरान त्यागी और विशाल बताते हैं कि कोविड काल में मकान बनाने में करीब 20 फीसदी तक वृद्धि हुई है। हालांकि अनलॉक में कुछ निर्माण सामग्रियों की दरों में मामूली कमी आई है। हालांकि सरकारी काम कम होने से मंदी है।
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चरथावल के ईंट भट्ठा कारोबारी सलीम राना और अमित सिंघल बताते है ईंट के रेट भट्ठे पर 15 दिन पहले 5000 रुपये हजार थे, लेकिन अब 4500 पर आ गए हैं। हालांकि लॉकडाउन से पहले ईट 5500 रुपये तक बिक चुकी है।

राजकीय ठेकेदार नरेंद्र अग्रवाल और श्रीपाल सिंह ने बताया कि वो नगर पालिका और लोकनिर्माण विभाग में कार्य कराते हैं। पिछले एक साल में सरकारी इस्टीमेट में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। जिनके पुराने कार्यों के अनुबंध हुए हैं, उन्हें पुराने रेट पर कार्य करने से 15 से 20 प्रतिशत का नुकसान उठाना पड़ेगा। सरकारी कार्यों के लिए लोनिवि द्वारा निर्धारित रेट ही हर विभाग में मान्य होते हैं।
वर्तमान रेट लॉकडाउन से पहले
सीमेंट प्रति बैग-400 रुपये- -325-330
सरिया लोहा-50 50 रुपये क्विंटल- 3200-3300
रेत- 70 रुपये क्विंटल-- 50 रुपये क्विंटल
रोड़ी- 90 से100 रुपये क्विंटल- 70-75 रुपये
ईंट- 4400- 4500 हजार- 5200-5500
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