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बांग्लादेशी अफसरों ने जाना इंडिया का सिस्टम
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 17 Sep 2015 12:07 AM IST
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मुजफ्फरनगर। बांग्लादेश के 43 अधिकारियों की टीम ने भारत की पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था के बारे में गहराई से जानकारी ली। टीम ने सभी कार्य कंप्यूटरीकृत होने पर खुशी जाहिर की और बताया कि बांग्लादेश में अभी ऐसा नहीं हो पाया है।
विकास भवन में पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन कार्यक्रम में आईएएस अधिकारी एसडीएम सदर उज्ज्वल कुमार ने जिले के प्रशासनिक ढांचे के बारे में बताया। डीएम, एसडीएम, तहसीलदार प्रशासनिक और राजस्व वसूली में किस तरह काम करते हैं, इसे गहराई से बताया।
कुमार ने पुलिस के बारे में भी जानकारी दी। बताया कि एसएसपी, सीओ, एसओ के क्या अधिकार हैं और उनकी क्या प्रणाली है। बांग्लादेश के अधिकारियों के ग्रुप लीडर ने डीएम निखिलचंद्र शुक्ला से कई सवाल पूछे, जिनमें पंचायतीराज व्यवस्था के परिणामों के बारे में जानकारी ली।
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चुनाव में डीएम की क्या भूमिका रहती है, यह भी पूछा। एसएसपी केबी सिंह से भी कुछ सवाल किए। दोनों अधिकारियों ने बड़े ही तथ्यपरक जवाब दिए। टीम ने सीडीओ कार्यालय, डीडी और पीडी कार्यालय भी देखा। विकास कार्य कैसे संचालित होते हैं, यह गहराई से जाना।
विकास भवन में पहुंचने पर सभी अधिकारियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। विकास भवन के बाद टीम कलक्ट्रेट पहुंची और वहां डीएम का दफ्तर और कार्यालय देखे। रिकार्ड रूम देखा कि किस तरह रिकार्ड रखा गया है।
कलक्ट्रेट और विकास भवन के सभी कार्य कंप्यूटरीकृत होने पर टीम ने खुशी जाहिर की। टीम के सदस्यों ने बताया कि उनके यहां अभी सरकारी कार्य कंप्यूटरीकृत नहीं हो पाए हैं। यहां आकर उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला। यहां से बांग्लादेश के अधिकारियों का यह प्रतिनिधिमंडल दिल्ली के लिए रवाना हो गया।
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विकास भवन में पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन कार्यक्रम में आईएएस अधिकारी एसडीएम सदर उज्ज्वल कुमार ने जिले के प्रशासनिक ढांचे के बारे में बताया। डीएम, एसडीएम, तहसीलदार प्रशासनिक और राजस्व वसूली में किस तरह काम करते हैं, इसे गहराई से बताया।
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कुमार ने पुलिस के बारे में भी जानकारी दी। बताया कि एसएसपी, सीओ, एसओ के क्या अधिकार हैं और उनकी क्या प्रणाली है। बांग्लादेश के अधिकारियों के ग्रुप लीडर ने डीएम निखिलचंद्र शुक्ला से कई सवाल पूछे, जिनमें पंचायतीराज व्यवस्था के परिणामों के बारे में जानकारी ली।
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चुनाव में डीएम की क्या भूमिका रहती है, यह भी पूछा। एसएसपी केबी सिंह से भी कुछ सवाल किए। दोनों अधिकारियों ने बड़े ही तथ्यपरक जवाब दिए। टीम ने सीडीओ कार्यालय, डीडी और पीडी कार्यालय भी देखा। विकास कार्य कैसे संचालित होते हैं, यह गहराई से जाना।
विकास भवन में पहुंचने पर सभी अधिकारियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। विकास भवन के बाद टीम कलक्ट्रेट पहुंची और वहां डीएम का दफ्तर और कार्यालय देखे। रिकार्ड रूम देखा कि किस तरह रिकार्ड रखा गया है।
कलक्ट्रेट और विकास भवन के सभी कार्य कंप्यूटरीकृत होने पर टीम ने खुशी जाहिर की। टीम के सदस्यों ने बताया कि उनके यहां अभी सरकारी कार्य कंप्यूटरीकृत नहीं हो पाए हैं। यहां आकर उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला। यहां से बांग्लादेश के अधिकारियों का यह प्रतिनिधिमंडल दिल्ली के लिए रवाना हो गया।