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मिमलाना में कच्ची छत वाले पूरी रात जागे
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- पीएम आवास योजना में पांच साल से कर रहे आवेदन
- कई मकान ऐसे कभी भी गिर सकते है, हालत खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। मिमलाना में रात में हुए दर्दनाक हादसे के बाद गांव में कच्ची छत वाला कोई भी परिवार सो नहीं पाया। सबको यह डर सताता रहा कि कहीं उनकी छत न गिर जाए। ग्रामीणों ने बताया कि मकान के लिए पांच साल से आवेदन कर रहे हैं, कोई पीड़ा सुनता ही नहीं है।
गांव के नियाजुद्दीन ने बताया कि हादसे के बाद पूरी रात जागकर गुजारी। बताया कि पांच साल से लगातार मकान के लिए आवेदन कर रहा है। हम गरीबों की कोई सुनता ही नहीं है। गांव के ही इकराम ने बताया कि उसकी कच्ची छत है। हर समय खतरा रहता है। वह भी कई बार आवेदन कर चुका है। पीएम आवास में उसका नंबर आया ही नहीं है। गांव के ही नवाब का कहना है कि मेरा घर देख लो, पता नहीं कैसे जीवन गुजार रहे हैं। कच्ची छत सबके सामने है। गरीबों की कोई नहीं सुनता।
पैसे दे देता तो हादसा न होता
नियाजुदीन ने बताया कि आस मोहम्मद के मकान का पांच साल पहले नंबर आ गया था। कुछ लोगों ने इसके बदले कुछ पैसे मांगे थे। ये दे नहीं पाया। मकान बना नहीं। ये उस समय पैसे दे देता तो इसके घर में हादसा न होता। इसकी छत पक्की हो जाती।
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- कई मकान ऐसे कभी भी गिर सकते है, हालत खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। मिमलाना में रात में हुए दर्दनाक हादसे के बाद गांव में कच्ची छत वाला कोई भी परिवार सो नहीं पाया। सबको यह डर सताता रहा कि कहीं उनकी छत न गिर जाए। ग्रामीणों ने बताया कि मकान के लिए पांच साल से आवेदन कर रहे हैं, कोई पीड़ा सुनता ही नहीं है।
गांव के नियाजुद्दीन ने बताया कि हादसे के बाद पूरी रात जागकर गुजारी। बताया कि पांच साल से लगातार मकान के लिए आवेदन कर रहा है। हम गरीबों की कोई सुनता ही नहीं है। गांव के ही इकराम ने बताया कि उसकी कच्ची छत है। हर समय खतरा रहता है। वह भी कई बार आवेदन कर चुका है। पीएम आवास में उसका नंबर आया ही नहीं है। गांव के ही नवाब का कहना है कि मेरा घर देख लो, पता नहीं कैसे जीवन गुजार रहे हैं। कच्ची छत सबके सामने है। गरीबों की कोई नहीं सुनता।
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पैसे दे देता तो हादसा न होता
नियाजुदीन ने बताया कि आस मोहम्मद के मकान का पांच साल पहले नंबर आ गया था। कुछ लोगों ने इसके बदले कुछ पैसे मांगे थे। ये दे नहीं पाया। मकान बना नहीं। ये उस समय पैसे दे देता तो इसके घर में हादसा न होता। इसकी छत पक्की हो जाती।
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