{"_id":"5f95c7e88ebc3edc0f59db62","slug":"in-kawal-celebrate-the-toll-collector-s-effigy-khatauli-news-mrt5079368130","type":"story","status":"publish","title_hn":"कवाल में रावण का पुतला दहन करने से मना करने पर हडकंप मचा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कवाल में रावण का पुतला दहन करने से मना करने पर हडकंप मचा
विज्ञापन
जानसठ में रावण के पुतले का दहन किया गया
- फोटो : KHATAULI
तहसीलदार के मनाने पर कवाल में हुआ पुतला दहन
जानसठ (मुजफ्फरनगर)। गांव कवाल में रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने रावण का पुतला दहन करने से इंकार कर दिया। विवाद को बढ़ता देख तहसीलदार अभयराम पांडेय ने गांव में पहुंचकर श्रीराम लीला कमेटी के पदाधिकारियों को समझाया, तब कहीं जाकर गांव में पुतला दहन हो सका।
शनिवार को कवाल गांव में श्रीरामलीला की गांव में करीब दस बीघा खेती की भूमि को विधायक विक्रम सैनी ने खाली कराने से मना कर दिया था। इस मामले को लेकर विधायक और श्रीराम लीला कमेटी के लोग आमने सामने आ गए थे। एसडीएम अमृत पाल कौर भी इस विवाद का निस्तारण नहीं करा सकी थीं। विधायक के व्यवहार को लेकर श्रीराम लीला कमेटी के पदाधिकारियों में रोष व्याप्त हो गया था। रविवार को दशहरे के दिन श्रीराम लीला कमेटी के अध्यक्ष नरेश कुमार व अन्य पदाधिकारियों ने रावण का पुतला दहन करने से इंकार कर दिया। इस बात का प्रशासन को पता चला तो अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर तहसीलदार अभयराम पांडेय रविवार दोपहर को पुलिस को साथ लेकर गांव में पहुंचे। गांव कवाल में पूर्व प्रधान महेंद्र सिंह सैनी के आवास पर तहसीलदार ने श्रीराम लीला कमेटी के पदाधिकारियों को समझाया। तहसीलदार ने श्रीराम लीला कमेटी को आश्वस्त किया कि वे खुद पुलिस बल के साथ रावण का पुतला दहन कराएंगे और मेले भी लगेगा। तहसीलदार के समझाने पर कमेटी के पदाधिकारियों ने रामलीला की भूमि में ही रावण का पुतला दहन किया और मेले में दुकानें भी लगी। इस तरह से विधायक की गैरमौजूदगी में प्रशासन ने इस विवाद का पटाक्षेप करा दिया।
विज्ञापन
जानसठ (मुजफ्फरनगर)। गांव कवाल में रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने रावण का पुतला दहन करने से इंकार कर दिया। विवाद को बढ़ता देख तहसीलदार अभयराम पांडेय ने गांव में पहुंचकर श्रीराम लीला कमेटी के पदाधिकारियों को समझाया, तब कहीं जाकर गांव में पुतला दहन हो सका।
शनिवार को कवाल गांव में श्रीरामलीला की गांव में करीब दस बीघा खेती की भूमि को विधायक विक्रम सैनी ने खाली कराने से मना कर दिया था। इस मामले को लेकर विधायक और श्रीराम लीला कमेटी के लोग आमने सामने आ गए थे। एसडीएम अमृत पाल कौर भी इस विवाद का निस्तारण नहीं करा सकी थीं। विधायक के व्यवहार को लेकर श्रीराम लीला कमेटी के पदाधिकारियों में रोष व्याप्त हो गया था। रविवार को दशहरे के दिन श्रीराम लीला कमेटी के अध्यक्ष नरेश कुमार व अन्य पदाधिकारियों ने रावण का पुतला दहन करने से इंकार कर दिया। इस बात का प्रशासन को पता चला तो अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर तहसीलदार अभयराम पांडेय रविवार दोपहर को पुलिस को साथ लेकर गांव में पहुंचे। गांव कवाल में पूर्व प्रधान महेंद्र सिंह सैनी के आवास पर तहसीलदार ने श्रीराम लीला कमेटी के पदाधिकारियों को समझाया। तहसीलदार ने श्रीराम लीला कमेटी को आश्वस्त किया कि वे खुद पुलिस बल के साथ रावण का पुतला दहन कराएंगे और मेले भी लगेगा। तहसीलदार के समझाने पर कमेटी के पदाधिकारियों ने रामलीला की भूमि में ही रावण का पुतला दहन किया और मेले में दुकानें भी लगी। इस तरह से विधायक की गैरमौजूदगी में प्रशासन ने इस विवाद का पटाक्षेप करा दिया।
विज्ञापन