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सख्ती हुई तो राशन लेने नहीं पहुंचे लोग
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सख्ती हुई तो राशन लेने नहीं पहुंचे लोग
मुजफ्फरनगर। अपात्रता की श्रेेणी के बावजूद सरकारी गेहूं, चावल का लाभ लेने वाले कार्ड धारकों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। यही वजह है कि राशन कार्ड सरेंडर करने वाले अपात्रों की पूर्ति विभाग के दफ्तरों में कतार लग रही है। 800 अंत्योदय कार्ड धारक अप्रैल महीने में राशन लेेने नहीं आए। 11 हजार अन्य यूनिटों के राशन कार्ड धारक भी राशन लेने नहीं पहुंचे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद डीएम चंद्रभूषण सिंह ने जिला पूर्ति अधिकारी और राशन डीलरों के साथ बैठक कर अपात्र कार्ड धारकों को राशन कार्ड सरेंडर करने के साथ-साथ अपात्र कार्ड धारकों की लिस्ट तैयार करा कर वसूली करने का आदेश दिए थे। प्रशासन की सख्ती के बाद अपात्र राशन कार्ड धारक अपना राशन कार्ड सरेंडर करने के लिए लाइन में लग रहे हैं।
शहर के अपात्र कार्ड धारकों की कलक्ट्रेट स्थित पूर्ति कार्यालय पर मंगलवार को लंबी कतार लगी रही। तहसील सदर के पूर्ति कार्यालय पर भी यही स्थिति देखी गई। पूर्ति विभाग के कर्मचारी इस समय राशन कार्ड निरस्त करने की प्रक्रिया में ही जुटे हुए हैं। डीएम सीबी सिंह का कहना है कि अप्रैल माह में 800 अंत्योदय कार्ड धारक राशन लेने नहीं आए। इसी तरह 11 हजार यूनिट के राशन कार्ड धारक राशन लेने दुकानों पर नहीं पहुंचे। लोग लगातार राशन कार्ड सरेंडर करा रहे हैं। जिले में राशन कार्ड धारकों की पात्रता को लेकर सत्यापन का अभियान चलाया जाएगा। यदि अपात्र मिलते हैं तो उनसे राशन की वसूली होगी।
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किसने बनाया अपात्रों को पात्र
सवाल यह भी है कि अपात्रों को पात्र किसने बनाया। राशन कार्ड जारी होने से पहले पूर्ति विभाग पात्रता की जांच करता है। जिन लोगों ने अपात्रों के राशन कार्ड बनाए हैं और जिन सभासदों, प्रधानों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने उनकी सिफारिश की है, उन पर भी शासन स्तर से कार्रवाई की जानी चाहिए।
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मुजफ्फरनगर। अपात्रता की श्रेेणी के बावजूद सरकारी गेहूं, चावल का लाभ लेने वाले कार्ड धारकों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। यही वजह है कि राशन कार्ड सरेंडर करने वाले अपात्रों की पूर्ति विभाग के दफ्तरों में कतार लग रही है। 800 अंत्योदय कार्ड धारक अप्रैल महीने में राशन लेेने नहीं आए। 11 हजार अन्य यूनिटों के राशन कार्ड धारक भी राशन लेने नहीं पहुंचे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद डीएम चंद्रभूषण सिंह ने जिला पूर्ति अधिकारी और राशन डीलरों के साथ बैठक कर अपात्र कार्ड धारकों को राशन कार्ड सरेंडर करने के साथ-साथ अपात्र कार्ड धारकों की लिस्ट तैयार करा कर वसूली करने का आदेश दिए थे। प्रशासन की सख्ती के बाद अपात्र राशन कार्ड धारक अपना राशन कार्ड सरेंडर करने के लिए लाइन में लग रहे हैं।
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शहर के अपात्र कार्ड धारकों की कलक्ट्रेट स्थित पूर्ति कार्यालय पर मंगलवार को लंबी कतार लगी रही। तहसील सदर के पूर्ति कार्यालय पर भी यही स्थिति देखी गई। पूर्ति विभाग के कर्मचारी इस समय राशन कार्ड निरस्त करने की प्रक्रिया में ही जुटे हुए हैं। डीएम सीबी सिंह का कहना है कि अप्रैल माह में 800 अंत्योदय कार्ड धारक राशन लेने नहीं आए। इसी तरह 11 हजार यूनिट के राशन कार्ड धारक राशन लेने दुकानों पर नहीं पहुंचे। लोग लगातार राशन कार्ड सरेंडर करा रहे हैं। जिले में राशन कार्ड धारकों की पात्रता को लेकर सत्यापन का अभियान चलाया जाएगा। यदि अपात्र मिलते हैं तो उनसे राशन की वसूली होगी।
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किसने बनाया अपात्रों को पात्र
सवाल यह भी है कि अपात्रों को पात्र किसने बनाया। राशन कार्ड जारी होने से पहले पूर्ति विभाग पात्रता की जांच करता है। जिन लोगों ने अपात्रों के राशन कार्ड बनाए हैं और जिन सभासदों, प्रधानों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने उनकी सिफारिश की है, उन पर भी शासन स्तर से कार्रवाई की जानी चाहिए।