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दूसरी लहर जैसी स्थिति हुई, तो नहीं मिलेगी एंबुलेंस
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दूसरी लहर जैसी स्थिति हुई, तो नहीं मिलेगी एंबुलेंस
मुजफ्फरनगर। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की भयावह स्थिति देखने के बावजूद जिले में एंबुलेंस की संख्या नहीं बढ़ाई गई हैं। वर्तमान में करीब 33 लाख की आबादी के जिले में सरकारी अस्पतालों में 60 एंबुलेंस ही चल रही हैं।
ओमिक्रॉन के बढ़ते प्रभाव के बीच अगर तीसरी लहर ने दस्तक दी, तो लोगों को फिर निजी वाहनों से ही भागदौड़ करनी पड़ेगी। इसके अलावा प्राइवेट अस्पतालों और बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज का सहारा लेना पड़ेगा। दूसरी लहर में भी लोग एंबुलेंस का इंतजार करते रह गए थे। एंबुलेंस सेवा 102 के रीजनल मैनेजर सन्नी सिंह का कहना है कि फिलहाल एंबुलेंस की संख्या नहीं बढ़ाई गई है।
यहां चल रहीं 60 एंबुलेंस
एंबुलेंस संख्या
108 33
102 24
एएलएस 03
रोजाना चक्कर पर चक्कर
एंबुलेंस से रोजाना कई-कई मरीज लाए जा रहे हैं। 108 एंबुलेंस से औसतन रोजाना 100 मरीज अस्पताल लगाए जाते हैं, यानी एक एंबुलेंस का औसत करीब तीन मरीजों का है। इसी तरह 102 एंबुलेंस से रोजाना करीब 225 लोगों को उपचार दिलाया जाता है, यानी औसत दस मरीजों को एक एंबुलेंस से वर्तमान में अस्पताल लाया जा रहा है।
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कोरोना ने इस तरह बरपाया कहर
समय मरीज
मार्च-20 से 31 मार्च-21 8874
अप्रैल-21 से अब तक 21786
अब तक कुल मौत 269
एंबुलेंस से लाए गए थे 15 हजार मरीज
दूसरी लहर में सरकारी एंबुलेंस से करीब 15 हजार मरीज अस्पतालों तक पहुंचाए गए थे, जबकि हजारों मरीज निजी वाहनों और निजी अस्पतालों की एंबुलेंस के भरोसे रहे।
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मुजफ्फरनगर। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की भयावह स्थिति देखने के बावजूद जिले में एंबुलेंस की संख्या नहीं बढ़ाई गई हैं। वर्तमान में करीब 33 लाख की आबादी के जिले में सरकारी अस्पतालों में 60 एंबुलेंस ही चल रही हैं।
ओमिक्रॉन के बढ़ते प्रभाव के बीच अगर तीसरी लहर ने दस्तक दी, तो लोगों को फिर निजी वाहनों से ही भागदौड़ करनी पड़ेगी। इसके अलावा प्राइवेट अस्पतालों और बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज का सहारा लेना पड़ेगा। दूसरी लहर में भी लोग एंबुलेंस का इंतजार करते रह गए थे। एंबुलेंस सेवा 102 के रीजनल मैनेजर सन्नी सिंह का कहना है कि फिलहाल एंबुलेंस की संख्या नहीं बढ़ाई गई है।
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यहां चल रहीं 60 एंबुलेंस
एंबुलेंस संख्या
108 33
102 24
एएलएस 03
रोजाना चक्कर पर चक्कर
एंबुलेंस से रोजाना कई-कई मरीज लाए जा रहे हैं। 108 एंबुलेंस से औसतन रोजाना 100 मरीज अस्पताल लगाए जाते हैं, यानी एक एंबुलेंस का औसत करीब तीन मरीजों का है। इसी तरह 102 एंबुलेंस से रोजाना करीब 225 लोगों को उपचार दिलाया जाता है, यानी औसत दस मरीजों को एक एंबुलेंस से वर्तमान में अस्पताल लाया जा रहा है।
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समय मरीज
मार्च-20 से 31 मार्च-21 8874
अप्रैल-21 से अब तक 21786
अब तक कुल मौत 269
एंबुलेंस से लाए गए थे 15 हजार मरीज
दूसरी लहर में सरकारी एंबुलेंस से करीब 15 हजार मरीज अस्पतालों तक पहुंचाए गए थे, जबकि हजारों मरीज निजी वाहनों और निजी अस्पतालों की एंबुलेंस के भरोसे रहे।