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मन मैला होगा तो जीवन में प्यार नहीं मिलेगा : महाराज

Sun, 09 Jun 2019 12:14 AM IST
Deepak Sharma मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो
मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो Published by: Deepak Sharma Updated Sun, 09 Jun 2019 12:14 AM IST
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If the mind is muddy then love will not be found in life: Maharaj
cultural - फोटो : अमर उजाला
मोरना (मुजफ्फरनगर)। कथा व्यास देवकी नंदन ठाकुर महाराज ने कहा कि भगवान सुपात्र को देते हैं, ना कि कुपात्र को। अच्छी मृत्यु उसी को कहते हैं, जिसको रोग न सताए। सेवा करो यही धर्म है। मन मैला होगा तो जीवन में प्यार नहीं मिलेगा। भागवत व भगवान श्रीकृष्ण में अंतर नहीं है। मानव को अगर मोक्ष प्राप्त करना हो, तो कथाओं को सुनो। श्रद्धालु भक्ति भजनों पर जमकर झूमे।  
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शनिवार को शुकदेव आश्रम में चल रही साप्ताहिक भागवत कथा सुनाते हुए  देवकी नंदन ठाकुर महाराज ने कहा कि हम अपने बच्चों को संस्कार नहीं दे पा रहे हैं। पूरी दुनिया को पता चलना चाहिए कि हमारी भारतीय संस्कृति में कितनी विराट ताकत है। टीवी, मोबाइल परिवारों को तोड़ने का कार्य कर रहे हैं। इनसे अपने बच्चों को जितना बचा सको, बचा लो। दादा, दादी का काम तो कथा वाचक कर रहे हैं, परिजनों को तो बच्चों के लिए फुर्सत ही नहीं है। संतों की संगत और बात मानने वाले यहां भी सुखी हैं और वहां भी सुखी रहेंगे। उन्होंने कहा कि जहां गोकशी हो रही हो और आपके मन में दया न आए तो समझना आपके जीवन में कलियुग विराजमान है।
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सनातन धर्म जिंदा रहा, तो विश्व सुरक्षित रहेगा। सनातन धर्म किसी को मारना नहीं सिखाता, बल्कि जीवन की रक्षा करना सिखाता है। गऊ विश्व की माता है। गऊ का अपमान हमारा अपमान, हमारा अपमान तो देश के संविधान का अपमान होता है, जिसकी रक्षा करने की जिम्मेदारी हम सभी की है। सनातन धर्म को बाहरी लोगों से खतरा नहीं है, बल्कि यहीं के लोगों से है। तप, दया, पवित्रता और दान पर धर्म टिका हुआ है।
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दान करो, अहसान न जताओ। यह विचार जीवन में आजाए तो दुखी, असहाय लोगों की सेवा करने की मन में भावना अपने आप जागृत हो जाएगी, जिससे आपको पुण्य अर्जित करने का मौका मिलेगा। पाप से बचो और परोपकार करो। किसी को दुख देकर सुख मत ढूंढो, सुख देकर पुण्य कमाओ। यही भागवत कथा हमें सिखती है, जो अपने बड़ों का अपमान करता है। वह कभी जीवन में सुख का भागीदार नहीं बन सकता। सेवा ही सर्वोपरि धर्म है। जीवन में हो सके तो दृढ़ता और निश्चय के साथ संत, समाज और देश की सेवा करें, तो मृत्यु स्वयं सुधर जाएगी। मोक्ष की प्राप्ति होगी, भगवान के शरणागत होने से जीवन सफल होगा।  


उधर, शुकदेव आश्रम के सभा स्थल पर आयोजित भागवत कथा को सुनने के लिए शुकतीर्थ नगर स्थित दंडी आश्रम के अधिष्ठता गुरुदत्त महाराज कथा पंडाल में पधारे। इस पर कथा व्यास देवकी नंदन ठाकुर ने स्वामी गुरुदत्त महाराज का माल्यार्पण कर स्वागत किया। वहीं, समाज सेवी सुभाष शर्मा, मनोहर शर्मा, संजीव शंकर आदि ने व्यास पीठ को प्रणाम कर संत का आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा के आयोजन में शुकदेव आश्रम के हर्ष मणि, अचल शास्त्री, सुमन शास्त्री, ठाकुर, राजु शर्मा, अनिल, देवराज शर्मा आदि गुरुकुल संस्कृत विद्यालय के ब्रह्मचारी सहयोग कर रहे हैं।
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