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कोविड से पति की मौत, नहीं मिला सरकारी योजना का लाभ
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कोविड से पति की मौत, नहीं मिला सरकारी योजना का लाभ
मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद में सफाई कर्मचारी रहे ब्रिजेश कुमार स्नेही की कोरोना से मौत हो गई। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के आवेदन को निरस्त किए जाने के विरोध में उसकी पत्नी तीन बेटियों और बूढ़ी सास को लेकर डीएम ऑफिस पर पहुंची और अफसरों को अपनी पीड़ा बताई।
शहर के मोहल्ला धर्मपुरी निवासी 37 वर्षीय ब्रिजेश कुमार स्नेही नगरपालिका परिषद में संविदा सफाई कर्मचारी के रूप में कार्यरत था। ब्रिजेश कुमार की पत्नी संतोष अपनी बूढ़ी सास और बेटियों को लेकर कलक्ट्रेट पहुंची। संतोष ने बताया कि उसके पति ब्रिजेश कुमार की ड्यूटी पंचायत चुनाव में लगाई गयी थी। चुनाव ड्यूटी के दौरान ही ब्रिजेश संक्रमित हो गया और बुखार के साथ ही सांस लेने में दिक्कत होने लगी। करीब 10 दिन तक ब्रिजेश गंभीर रूप से बीमार रहा। परिजनों ने उसको जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पत्नी संतोष का आरोप है कि 30 अप्रैल को उसके पति की अस्पताल में उपचार के दौरान ही मौत हो गयी थी।
मौत होने के बाद अस्पताल से उसके पति के लिए जो डिस्चार्ज कागज दिये गये, उनके आधार पर उसने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में लाभ पाने के लिए आवेदन किया, लेकिन जांच के दौरान उसके आवेदन को अस्वीकार कर दिया गया। वह जिला प्रोबेशन अधिकारी से मिली तो बताया गया कि कोविड रिपोर्ट नहीं होने के कारण ही आवेदन अस्वीकार किया गया है। इसके बाद संतोष डीएम कार्यालय पहुंची। यहां पर सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह को पीड़ा बताई। संतोष का कहना है कि उसके पति की कोविड जांच रिपोर्ट अस्पताल से नहीं दी गयी थी। उसको जो दस्तावेज दिये गये, उसमें मौत का कारण अस्पताल के डाक्टर द्वारा सांस लेने में दिक्कत और बुखार ही बताया गया है।
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उसने कहा कि पति की मौत के बाद घर परिवार चलाने में उसको बेहद परेशानी हो रही है। उसकी तीन बेटियां हैं। उसने जिला प्रशासन से योजना में लाभ दिलाने और पति की जगह नगरपालिका में नौकरी दिलवाने की मांग की है ताकि वह परिवार को चला सके।
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मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद में सफाई कर्मचारी रहे ब्रिजेश कुमार स्नेही की कोरोना से मौत हो गई। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के आवेदन को निरस्त किए जाने के विरोध में उसकी पत्नी तीन बेटियों और बूढ़ी सास को लेकर डीएम ऑफिस पर पहुंची और अफसरों को अपनी पीड़ा बताई।
शहर के मोहल्ला धर्मपुरी निवासी 37 वर्षीय ब्रिजेश कुमार स्नेही नगरपालिका परिषद में संविदा सफाई कर्मचारी के रूप में कार्यरत था। ब्रिजेश कुमार की पत्नी संतोष अपनी बूढ़ी सास और बेटियों को लेकर कलक्ट्रेट पहुंची। संतोष ने बताया कि उसके पति ब्रिजेश कुमार की ड्यूटी पंचायत चुनाव में लगाई गयी थी। चुनाव ड्यूटी के दौरान ही ब्रिजेश संक्रमित हो गया और बुखार के साथ ही सांस लेने में दिक्कत होने लगी। करीब 10 दिन तक ब्रिजेश गंभीर रूप से बीमार रहा। परिजनों ने उसको जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पत्नी संतोष का आरोप है कि 30 अप्रैल को उसके पति की अस्पताल में उपचार के दौरान ही मौत हो गयी थी।
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मौत होने के बाद अस्पताल से उसके पति के लिए जो डिस्चार्ज कागज दिये गये, उनके आधार पर उसने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में लाभ पाने के लिए आवेदन किया, लेकिन जांच के दौरान उसके आवेदन को अस्वीकार कर दिया गया। वह जिला प्रोबेशन अधिकारी से मिली तो बताया गया कि कोविड रिपोर्ट नहीं होने के कारण ही आवेदन अस्वीकार किया गया है। इसके बाद संतोष डीएम कार्यालय पहुंची। यहां पर सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह को पीड़ा बताई। संतोष का कहना है कि उसके पति की कोविड जांच रिपोर्ट अस्पताल से नहीं दी गयी थी। उसको जो दस्तावेज दिये गये, उसमें मौत का कारण अस्पताल के डाक्टर द्वारा सांस लेने में दिक्कत और बुखार ही बताया गया है।
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उसने कहा कि पति की मौत के बाद घर परिवार चलाने में उसको बेहद परेशानी हो रही है। उसकी तीन बेटियां हैं। उसने जिला प्रशासन से योजना में लाभ दिलाने और पति की जगह नगरपालिका में नौकरी दिलवाने की मांग की है ताकि वह परिवार को चला सके।