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घर की चाहत ने कर दिए बेघर
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भोकरहेड़ी में देवी सिंह किराए के मकान के बाहर
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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घर की चाहत ने कर दिए बेघर
मुजफ्फरनगर। सरकार ने लोगों को छत मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना चलाई थी। लेकिन योजना की किस्तों में हो रही देरी से लोग घर से बेघर होकर रह गए हैं। जिले में 1243 परिवार ऐसे हैं, जिन्होंने अपना मकान तोड़ दिया और नींव भरवा दी। लेकिन महीने गुजर जाने के बावजूद इन परिवारों को अब तक दूसरी किस्त नहीं मिली है। घर से बेघर हुए परिवार किराए के मकान में दिन गुजार रहे हैं। कोई तिरपाल डालकर गुजारा कर रहा है तो कोई एक ही कमरे में किसी तरह रह रहा है। सिस्टम के पास सिर्फ आश्वासन है।
केस-एक
पालीथिन डालकर गुजर रहे देवी सिंह के दिन
भोकरहेड़ी कसबे के मोहल्ला शेखुपरी निवासी देवी सिंह पुत्र पीरू के पास कच्चा मकान था। योजना की पात्रता मिली तो पक्की छत की आस जगी। अपना मकान तोड़कर किराए के एक कमरे में शरण ली। पहली किस्त मिली तो नींव भरवा दी, लेकिन इसके बाद महीने गुजर गए, लेकिन दूसरी किस्त नहीं मिल रही है। देवी सिंह कहते हैं कि परिवार और पशुओं के लिए पालीथिन की छत में दिन गुजारने पड़ रहे हैं।
केस-दो
कोई तो बताए कब बनेगा मेरा घरा
नरा गांव की रीता का कहना है कि कई साल पहले प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में उनका चयन हुआ था। लेकिन अब तक किस्त नहीं मिली। बार-बार आश्वासन दिया जाता है कि योजना जल्द ही शुरू की जाएगी। रीता के पति जोगेंद्र बताते हैं कि उनका परिवार पन्नी डालकर गुजर कर रहा है। यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि सरकार उन्हें छत देगी, लेकिन अब तक आशियाना नहीं मिल रहा है।
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इनका दर्द भी जानिए
- शाहपुर के मनोज कुमार का कहना है कि कच्चा घर है। बार-बार आवेदन के बावजूद फार्म निरस्त कर दिया जाता है।
- भोकरहेड़ी के अजय कुमार, बबीता और मदनपाल का कहना है कि उन्हें आवास नहीं मिल रहा है। वह बेहद परेशान हैं।
- पुरकाजी के रमजान का कहना है कि वह किराए के मकान में रह रहे हैं, लेकिन आवास के लिए उन्हें पात्र नहीं माना गया। उनके पास खाली प्लॉट पड़ा है, लेकिन मकान आवंटन नहीं हुआ।
- सिसौली की नई आबादी के रामकुमार का कहना है कि पहली किस्त मिली थी, जिससे उन्होंने नींव भरवा दी। इसके बाद दूसरी किस्त नहीं मिली।
- भैंसी गांव के सुनील का कहना है कि योजना में शामिल कर लिया गया, लेकिन अब तक किस्त नहीं मिल सकी है। सरकार से उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन बेहद मुश्किलें झेल रहे हैं।
हमसें साझा करें अपना दर्द
प्रधानमंत्री आवास योजना के दौरान लोगों के सामने आ रही समस्याओं को हम प्रकाशित कर रहे हैं। पात्रता के बावजूद आवास नहीं मिलने, किस्तों से लटके आवास निर्माण और बार-बार आवेदन को निरस्त किए जाने की समस्या हमें व्हाट्सएप नंबर 8954893110 पर कॉल कर बताएं। हम आपकी समस्या को अमर उजाला में प्रकाशित करेंगे।
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मुजफ्फरनगर। सरकार ने लोगों को छत मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना चलाई थी। लेकिन योजना की किस्तों में हो रही देरी से लोग घर से बेघर होकर रह गए हैं। जिले में 1243 परिवार ऐसे हैं, जिन्होंने अपना मकान तोड़ दिया और नींव भरवा दी। लेकिन महीने गुजर जाने के बावजूद इन परिवारों को अब तक दूसरी किस्त नहीं मिली है। घर से बेघर हुए परिवार किराए के मकान में दिन गुजार रहे हैं। कोई तिरपाल डालकर गुजारा कर रहा है तो कोई एक ही कमरे में किसी तरह रह रहा है। सिस्टम के पास सिर्फ आश्वासन है।
केस-एक
पालीथिन डालकर गुजर रहे देवी सिंह के दिन
भोकरहेड़ी कसबे के मोहल्ला शेखुपरी निवासी देवी सिंह पुत्र पीरू के पास कच्चा मकान था। योजना की पात्रता मिली तो पक्की छत की आस जगी। अपना मकान तोड़कर किराए के एक कमरे में शरण ली। पहली किस्त मिली तो नींव भरवा दी, लेकिन इसके बाद महीने गुजर गए, लेकिन दूसरी किस्त नहीं मिल रही है। देवी सिंह कहते हैं कि परिवार और पशुओं के लिए पालीथिन की छत में दिन गुजारने पड़ रहे हैं।
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कोई तो बताए कब बनेगा मेरा घरा
नरा गांव की रीता का कहना है कि कई साल पहले प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में उनका चयन हुआ था। लेकिन अब तक किस्त नहीं मिली। बार-बार आश्वासन दिया जाता है कि योजना जल्द ही शुरू की जाएगी। रीता के पति जोगेंद्र बताते हैं कि उनका परिवार पन्नी डालकर गुजर कर रहा है। यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि सरकार उन्हें छत देगी, लेकिन अब तक आशियाना नहीं मिल रहा है।
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इनका दर्द भी जानिए
- शाहपुर के मनोज कुमार का कहना है कि कच्चा घर है। बार-बार आवेदन के बावजूद फार्म निरस्त कर दिया जाता है।
- भोकरहेड़ी के अजय कुमार, बबीता और मदनपाल का कहना है कि उन्हें आवास नहीं मिल रहा है। वह बेहद परेशान हैं।
- पुरकाजी के रमजान का कहना है कि वह किराए के मकान में रह रहे हैं, लेकिन आवास के लिए उन्हें पात्र नहीं माना गया। उनके पास खाली प्लॉट पड़ा है, लेकिन मकान आवंटन नहीं हुआ।
- सिसौली की नई आबादी के रामकुमार का कहना है कि पहली किस्त मिली थी, जिससे उन्होंने नींव भरवा दी। इसके बाद दूसरी किस्त नहीं मिली।
- भैंसी गांव के सुनील का कहना है कि योजना में शामिल कर लिया गया, लेकिन अब तक किस्त नहीं मिल सकी है। सरकार से उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन बेहद मुश्किलें झेल रहे हैं।
हमसें साझा करें अपना दर्द
प्रधानमंत्री आवास योजना के दौरान लोगों के सामने आ रही समस्याओं को हम प्रकाशित कर रहे हैं। पात्रता के बावजूद आवास नहीं मिलने, किस्तों से लटके आवास निर्माण और बार-बार आवेदन को निरस्त किए जाने की समस्या हमें व्हाट्सएप नंबर 8954893110 पर कॉल कर बताएं। हम आपकी समस्या को अमर उजाला में प्रकाशित करेंगे।

भोकरहेड़ी में देवी सिंह का परिवार- फोटो : MUZAFFARNAGAR

नरा में अपने आवास के बाहर खड़ी रीता- फोटो : MUZAFFARNAGAR