फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Highway Jam for outstanding payment

बकाया भुगतान के लिए हाइवे जाम, नेशनल हाइवे जाम होने से चार घंटे तक फंसे यात्री हुए परेशान

Tue, 14 Aug 2018 12:31 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला/ब्यूरो, मुजफ्फरनगर Updated Tue, 14 Aug 2018 12:31 AM IST
विज्ञापन
Highway Jam for outstanding payment
गन्ना भुगतान के लिए धरना देते रालोद कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला
भाकियू के बैनरतले किसानों ने सोमवार दोपहर बकाया गन्ना भुगतान व मोरना मिल के विस्तारीकरण की मांग को लेकर दिल्ली-दून नेशनल हाइवे जाम कर अपनी नाराजगी का इजहार किया। सैकड़ों किसान हाइवे पर ही धरना देकर बैठ गए। किसानों ने कहा कि प्रदेश की वादा खिलाफी के कारण किसानों को बकाया भुगतान नहीं मिल पा रहा है। दिल्ली-देहरादून आने-जाने वाले मुसाफिरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पुलिस-प्रशासन द्वारा वाहनों को डायवर्ट भी किया गया, लेकिन यह प्रयास नाकाफी रहा। करीब चार घंटे बाद शासन से वार्ता के बाद मिले आश्वासन पर किसानों ने जाम को समाप्त किया।  
विज्ञापन


मोरना शुगर मिल पर पिछले एक पखवाड़े से भारतीय किसान यूनियन के बैनरतले किसान धरना देकर बकाया गन्ना भुगतान के साथ ही मिल के विस्तारीकरण की मांग कर रहे हैं। सोमवार को भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में सैकड़ों किसान दिल्ली-दून हाइवे के भोपा बाईपास पर आ डटे और बीच सड़क पर धरना देकर चक्का जाम कर दिया। इससे हाइवे पर दोनों तरफ यातायात बाधित हो गया और कुछ ही देर में कई किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गईं।
विज्ञापन


हाइवे जाम की सूचना पर एडीएम वित्त एवं राजस्व सियाराम मौर्य, एसपी सिटी ओमवीर सिंह के साथ ही मोरना शुगर मिल के जीएम, जिला गन्ना अधिकारी कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और भाकियू नेताओं से बात की, लेकिन बात नहीं बनी। नतीजतन किसान हाइवे से नहीं हटे। करीब चार घंटे बाद चार बजे शासन के निर्देश पर एक बार फिर से किसानों व भाकियू नेताओं से अफसरों की वार्ता हुई,
विज्ञापन
विज्ञापन


जिसमें इसी माह चीनी मिलों का बकाया भुगतान कराने के साथ ही मोरना मिल के विस्तारीकरण का प्रस्ताव इसी पेराई सत्र में पारित कराने का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद किसानों ने जाम खोला। इस दौरान भाकियू नेताओं ने भोपा व जानसठ रोड पर स्थित कई फैक्ट्रियों के वाहन सड़क पर खड़े रहने से होने वाले हादसों, बरसाती नालों को उद्योगों के कचरे व प्रदूषित कचरे द्वारा खत्म किए जाने और सड़क किनारे खड़े पेड़ों को काटे जाने का मुद्दा उठाते हुए डीएम के नाम एडीएम को ज्ञापन देकर इन समस्याओं के निराकरण की भी मांग की। 

राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने किया है कि यदि भुगतान इसी माह नहीं हुआ तो इस बार ट्रेनों का चक्का जाम किया जाएगा। इस दौरान ओमपाल मलिक, अशोक बालियान, जहीर फारुखी,  योगेश शर्मा, हरेंद्र राठी व नवीन राठी, बिजेंद्र, शाहिद, शक्ति, कपिल मनोज सहरावत, विकास समेत क्षेत्र के सैकड़ों किसान मौजूद रहे। अध्यक्षता ओमप्रकाश शर्मा ने और संचालन सर्वेद्र राठी ने किया।

रूट डायवर्जन से भी नहीं मिली राहत
मुजफ्फरनगर। दिल्ली-देहरादून हाइवे पर भाकियू के नेतृत्व में दोपहर 12.30 बजे से शाम 4.30 बजे तक जाम लगाए जाने से हाइवे पर कई किलोमीटर दूर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना पर पहुंचे अफसरों ने हाइवे के ट्रैफिक को शहर की तरफ डायवर्ट कराया, लेकिन इससे रामपुर तिराहे पर भयंकर जाम लग गया,

जिससे लोगों को इसका कुछ फायदा नहीं मिल सका और वे वाहनों में ही जहां के तहां फंसे रहे। नई मंडी इंस्पेक्टर हरशरण शर्मा ने छोटे वाहनों और रोडवेज बसों को जानसठ बाईपास से शहर की ओर से रुड़की रोड की ओर से निकाला। जबकि ट्रकों और अन्य वाहन हाइवे पर ही जाम में फंसे रहे। करीब चार घंटे बाद जाम खुलने के बाद ही लोगों को इस जाम से निजात मिल पाई।

मिल गेट पर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू
पुरकाजी। बकाया भुगतान की मांग को लेकर सोमवार को क्षेत्र के किसानों ने उत्तम शुगर मिल खाईखेड़ी पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। किसानों ने रविवार को मिल गेट पर बकाया भुगतान को लेकर धरना दिया था। सवेरे से शाम तक दिए गए धरने में किसी भी मिल कर्मी के धरना स्थल पर नहीं पहुंचने पर किसान वापस लौट गए थे। सोमवार सुबह मांडला, कासमपुर, खिंदडिया, तेजलहेड़ा आदि गांवों के दर्जनों किसान मिल पर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए मिल गेट पर अनिश्चितकालीन धरना देकर बैठ गए।


इस दौरान विकास त्यागी, जसवंत त्यागी, राजेश गुर्जर, राकेश आड़वानी, सुक्कड़ सिंह, कंवरपाल आदि किसान मौजूद रहे। मिल के डीजीएम सैम अंसार का कहना है कि मिल में चीनी का स्टाक लगा हुआ है, चीनी बिकते ही किसानों का भुगतान कर दिया जाएगा। इसके अलावा मिल मालिकों व मुख्यमंत्री के बीच वार्ता  रही है, जल्द ही किसानों के भुगतान की समस्या का समाधान हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed