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मुजफ्फरनगर: कहानियों में सुना था, अब हैदरपुर में ‘कुरजां’ को देख खुशी से झूम उठा दिल, पढ़ें कुछ दिलचस्प बातें

Sat, 08 Oct 2022 05:18 PM IST
मेरठ ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Sat, 08 Oct 2022 05:18 PM IST
सार

कहानियों में सुना था, लेकिन अब हैदरपुर वेटलैंड पर पहली बार देख पर्यटकों का दिल खुशी से झूम उठा। पढ़िए कुरजां के बारे में कुछ दिलचस्प बातें। 

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Heard in stories, now 'Kurjan' seen in Haiderpur
मुजफ्फरनगर : हैदरपुर वेटलैंड पर प्रवास करते कुरजां पक्षी। - फोटो : amar ujala

विस्तार

गन्ने और गुड़ की मिठास से पहचान रखने वाली जिले की धरती पर अब अनदेखे प्रवासी पक्षी भी खूब कलरव कर रहे हैं। हैदरपुर वेटलैंड पर पहली बार पक्षी कुरजां (डेमोइसेल सारस) का प्रवास देखकर पर्यटकों की खुशी का ठिकाना नहीं है। मंगोलिया और साइबेरिया से उड़ान भरकर गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान में दिखने वाले कुरजां पहली बार प्रवास के रास्ते में आराम के लिए पहुंचे हैं।

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मौसम में परिवर्तन के साथ ही प्रवासी पक्षी नए स्थानों पर पहुंचने लगते हैं। राजस्थान में प्रेम के प्रतीक माने जाने वाले कुरजां पर लोकगीत खूब मशहूर हुए हैं। सर्दियों में दस्तक देने और गर्मी शुरू होने से पहले फिर वापस चले जाने वाले पक्षी पहली बार हैदरपुर में दिखे तो लोग भी उत्साहित हैं।
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पक्षी विशेषज्ञ आशीष लोया बताते हैं कि खूबसूरत कुरजां हिमालय की ऊंचाइयों को पार करता हुआ यह पक्षी सर्दियों में प्रवास के लिए पहुंचना शुरू हो गया है। लंबी उड़ान के बीच पक्षियों के दो से तीन झुंड हैदरपुर में भी रुक गए हैं। यह अद्भुत है और बेहद शर्मीले स्वभाव का जीव है।
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कुरजां के बारे में ये भी जानें
- लंबे सफर के दौरान यह पांच से आठ किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ता है।
- मौसम में बदलाव होते ही सबसे ज्यादा यह पक्षी राजस्थान में पहुंचते हैं।
- राजस्थान के लोकगीतों में कुरजां को विशेष स्थान मिला है।
- उड़ान के दौरान यह पक्षी कभी भी रास्ता नहीं भटकते और समय पर पहुंचते हैं।

मुखिया तय करता है कुरजां का प्रवास
कुरजां पक्षियों के झुंड में एक मुखिया पक्षी होता है। आसमान से धरती पर झुंड का उतरना मुखिया तय करता है। पहले खुद मुखिया धरती पर उतरकर यह तय करता है कि कोई खतरा नहीं है। इसके बाद बाकी पक्षी नीचे उतरकर दाना चुगते हैं।

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आज हैदरपुर में होगी पक्षियों की गणना
शनिवार यानी आज पक्षियों की गणना के लिए दुनियाभर में ग्लोबल-डे मनाया गया। पक्षी विशेषज्ञ आशीष लोया ने बताया कि सुबह आठ से पूर्वाह्न 11 बजे के बीच हैदरपुर में भी पक्षियों की गिनती की गई। यहां आने वाले पर्यटकों और पक्षियों के विषय में जानने की चाह रखने वाले लोगों को बर्ड वॉचिंग सिखाई गई।

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