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नवजात की मौत पर हंगामा
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर।
Updated Sun, 01 Apr 2018 11:52 PM IST
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revel
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। जिला महिला चिकित्सालय में नवजात की मौत पर हंगामा खड़ा हो गया। परिजनों ने चिकित्सकीय स्टाफ पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। इसको लेकर परिजनों की अस्पताल कर्मचारियों से नोकझोंक हो गई। मृत नवजात के परिचितों ने नर्स, डॉक्टर के साथ मारपीट कर दी। जिससे गुस्साए चिकित्सकीय स्टाफ ने हड़ताल प्रारंभ कर दी।
नई मंडी क्षेत्र के अलमासपुर निवासी गर्भवती को प्रसव पीड़ा हुई, तो शनिवार रात जिला महिला चिकित्सालय में उसे भर्ती कराया गया। यहां पर जांच करने के चिकित्सकों ने नार्मल डिलीवरी होने से इंकार कर दिया। परिजनों से ऑपरेशन कराने को कहा गया।
इस पर परिजनों की हामी के बाद गर्भवती की सीजेरियन डिलीवरी हुई। उसने शिशु को जन्म दिया। शनिवार रात्रि में बच्चा स्वस्थ था, लेकिन रविवार सुबह बच्चे की हालत बिगड़ी और मौत हो गई। इस पर परिजनों का पारा चढ़ गया। परिजनों ने बच्चे के उपचार में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। स्टाफ नर्स, चिकित्सकों के साथ परिजनों की काफी देर तक नोकझोंक हुई। आरोप है कि परिजनों ने कर्मचारियों की पिटाई कर दी।
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अस्पताल के बाहर नारेबाजी कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई। पिटाई और बदसलूकी से गुस्साए कर्मचारियों ने विरोध में हड़ताल कर दी। शाम तक अस्पताल जंग का अखाड़ा बना रहा। हंगामे की खबर पाकर अस्पताल पहुंची पुलिस महिला के पति समेत परिजनों को शहर कोतवाली ले आई। यहां पर काफी समझाने के बाद परिजन मान सके।
सुविधाएं हुई ठप
कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शाम को दवा से लेकर सुविधा ठप हो गई। कर्मचारियों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जिद पकड़ ली। रोगियों के उपचार में व्यवधान पड़ गया। अस्पताल प्रशासन कर्मचारियों को मनाने में लगा रहा।
चाय पिलाने से हुई नवजात की मृत्यु
सीएमएस डॉ अमिता गर्ग ने बताया कि नवजात के उपचार में लापरवाही का आरोप गलत है। बच्चे को परिजनों ने ही चाय पिलाई है। चाय नवजात की सांस नली में रुक गई। इससे उसे सांस लेने में तकलीफ हुई, कुछ देर बार मृत्यु हो गई।
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नई मंडी क्षेत्र के अलमासपुर निवासी गर्भवती को प्रसव पीड़ा हुई, तो शनिवार रात जिला महिला चिकित्सालय में उसे भर्ती कराया गया। यहां पर जांच करने के चिकित्सकों ने नार्मल डिलीवरी होने से इंकार कर दिया। परिजनों से ऑपरेशन कराने को कहा गया।
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इस पर परिजनों की हामी के बाद गर्भवती की सीजेरियन डिलीवरी हुई। उसने शिशु को जन्म दिया। शनिवार रात्रि में बच्चा स्वस्थ था, लेकिन रविवार सुबह बच्चे की हालत बिगड़ी और मौत हो गई। इस पर परिजनों का पारा चढ़ गया। परिजनों ने बच्चे के उपचार में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। स्टाफ नर्स, चिकित्सकों के साथ परिजनों की काफी देर तक नोकझोंक हुई। आरोप है कि परिजनों ने कर्मचारियों की पिटाई कर दी।
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अस्पताल के बाहर नारेबाजी कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई। पिटाई और बदसलूकी से गुस्साए कर्मचारियों ने विरोध में हड़ताल कर दी। शाम तक अस्पताल जंग का अखाड़ा बना रहा। हंगामे की खबर पाकर अस्पताल पहुंची पुलिस महिला के पति समेत परिजनों को शहर कोतवाली ले आई। यहां पर काफी समझाने के बाद परिजन मान सके।
सुविधाएं हुई ठप
कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शाम को दवा से लेकर सुविधा ठप हो गई। कर्मचारियों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जिद पकड़ ली। रोगियों के उपचार में व्यवधान पड़ गया। अस्पताल प्रशासन कर्मचारियों को मनाने में लगा रहा।
चाय पिलाने से हुई नवजात की मृत्यु
सीएमएस डॉ अमिता गर्ग ने बताया कि नवजात के उपचार में लापरवाही का आरोप गलत है। बच्चे को परिजनों ने ही चाय पिलाई है। चाय नवजात की सांस नली में रुक गई। इससे उसे सांस लेने में तकलीफ हुई, कुछ देर बार मृत्यु हो गई।