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हंगरी बॉर्डर पर चार दिनों तक फ्लाइट का करना पड़ा इंतजार
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सांपला खत्री गांव में यूक्रेन से लौटा छात्र मौ. राशिद लेखपाल के साथ।
- फोटो : DEVBAND
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हंगरी बॉर्डर पर चार दिनों तक फ्लाइट का करना पड़ा इंतजार
देवबंद। यूक्रेन में रहकर डाक्टरी की पढ़ाई कर रहे छात्र मो. राशिद रविवार की रात सकुशल अपने गांव सांपला खत्री लौट आए। राशिद के घर आते ही परिजनों ने उसे गले लगाकर दुलार किया। सोमवार को दिनभर उसके घर पर परिचितों का तांता लगा रहा।
रूस और यूक्रेन में छिड़ी जंग के बाद पिछले एक सप्ताह के भीतर देवबंद क्षेत्र के सभी छात्र सकुशल अपने घरों को लौट आए हैं। सांपला निवासी साजिद के पुत्र मो. राशिद ने बताया कि वह पोलीवाला स्थित यूनिवर्सिटी में एमडी की पढ़ाई कर रहे हैं। यूक्रेन में युद्ध के दौरान वह विनीप्रो शहर से निकलकर चार दिनों तक हंगरी बॉर्डर पर फंसे रहे और स्वदेश आने के लिए अपनी बारी का इंतजार किया। राशिद ने बताया हंगरी बॉर्डर पर पहुंचने के बाद वह शेल्टर हाउस में रहे जहां उन्हें कोई परेशानी नहीं उठानी पड़ी। लेकिन बॉर्डर तक पहुंचना काफी कठिन रहा, क्योंकि कहीं पैदल चलना पड़ा तो कहीं गाड़ी से सफर किया। वहीं सोमवार को तहसीलदार सुरेंद्र प्रताप यादव के निर्देश पर हलका लेखपाल रविंद्र कुमार ने सांपला खत्री गांव जाकर मो. राशिद का हालचाल जाना साथ ही सकुशल लौट आने पर उन्हें मुबारकबाद दी। सभी छात्रों के अपने परिजनों के बीच लौट आने पर प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।
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देवबंद। यूक्रेन में रहकर डाक्टरी की पढ़ाई कर रहे छात्र मो. राशिद रविवार की रात सकुशल अपने गांव सांपला खत्री लौट आए। राशिद के घर आते ही परिजनों ने उसे गले लगाकर दुलार किया। सोमवार को दिनभर उसके घर पर परिचितों का तांता लगा रहा।
रूस और यूक्रेन में छिड़ी जंग के बाद पिछले एक सप्ताह के भीतर देवबंद क्षेत्र के सभी छात्र सकुशल अपने घरों को लौट आए हैं। सांपला निवासी साजिद के पुत्र मो. राशिद ने बताया कि वह पोलीवाला स्थित यूनिवर्सिटी में एमडी की पढ़ाई कर रहे हैं। यूक्रेन में युद्ध के दौरान वह विनीप्रो शहर से निकलकर चार दिनों तक हंगरी बॉर्डर पर फंसे रहे और स्वदेश आने के लिए अपनी बारी का इंतजार किया। राशिद ने बताया हंगरी बॉर्डर पर पहुंचने के बाद वह शेल्टर हाउस में रहे जहां उन्हें कोई परेशानी नहीं उठानी पड़ी। लेकिन बॉर्डर तक पहुंचना काफी कठिन रहा, क्योंकि कहीं पैदल चलना पड़ा तो कहीं गाड़ी से सफर किया। वहीं सोमवार को तहसीलदार सुरेंद्र प्रताप यादव के निर्देश पर हलका लेखपाल रविंद्र कुमार ने सांपला खत्री गांव जाकर मो. राशिद का हालचाल जाना साथ ही सकुशल लौट आने पर उन्हें मुबारकबाद दी। सभी छात्रों के अपने परिजनों के बीच लौट आने पर प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।
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