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गुरू-शिष्य परंपरा का अपना महत्व: अग्रवाल

Wed, 03 Jun 2020 10:18 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jun 2020 10:18 PM IST
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Guru-student tradition has its own importance
गुरु-शिष्य परंपरा का अपना महत्व
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मुजफ्फरनगर। जैन कन्या डिग्री कॉलेज में छह दिवसीय ऑनलाइन फैकल्टी डेवलेपमेंट कार्यक्रम के समापन में मुख्य अतिथि प्रोफेसर हेमलता अग्रवाल ने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा का अपना महत्व है। शिक्षकों को प्राचीन प्रणाली के साथ आधुनिक तकनीक का भी संयोजन करना चाहिए।

कार्यक्रम के अंतिम दिन अग्रवाल ने कहा कि शिक्षक का दायित्व है कि वह शिष्य के मनोभावों को समझे और उनका मनोबल बढ़ाएं। कार्यक्रम में अतिथि डॉ धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि वर्तमान शिक्षा में हम अच्छा नागरिक नहीं बना रहे, हम एक नौकरी प्राप्त करने वाला नागरिक तैयार कर रहे हैं। एक शिक्षक का दायित्व है कि वह युवाओं को शिक्षित करने के साथ उनका नैतिक विकास भी करे। प्रोफेसर एमआर वर्मा, प्रबंध समिति अध्यक्ष राजेश जैन ने भी विचार रखे। प्राचार्या डॉ सीमा जैन ने कार्यक्रम की सफलता पर सभी को सराहा। उन्होंने कहा कि चार जून को शाम पांच बजे जूम एप के माध्यम से कॉलेज की एलुमनाई मीट होगी। डॉ संतोष कुमारी, स्वीटी जैन, डॉ प्रियंका कपूूर, डॉ निशा गुप्ता, डॉ आभा सैनी, डॉ वंदना, डॉ सोनाली सिंह, नीता भटनागर, डॉ वर्चसा सैनी, डॉ सविता वशिष्ठ, डॉ पारुल जैन, डॉ मनीषा, डॉ वंदना शर्मा, डॉ रेशू चौहान, छाया आदि रही।
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