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जिले में लगातार गिरता जा रहा भूजल स्तर
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जिले में लगातार गिरता जा रहा भूजल स्तर
मुजफ्फरनगर। तेजी से गिरता भूजल स्तर और डार्क जोन में जाते ब्लाक यहां हर किसी के लिए चिंता का विषय है। बरसात के पानी के संचयन की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या का निराकरण नहीं हो पा रहा है। सबसे बुरा हाल बुढ़ाना ब्लॉक का है। यहां का भूजल स्तर करीब दो मीटर तक गिरा है। हर साल यहां किसानों के सामने बोरिंग कराने की समस्या है।
गंगा किनारे बसे जनपद मुजफ्फरनगर में नदियों और नहरों का जाल है। गंगा, काली, हिंडन नदी जिले से होकर बहती हैं, जबकि गंगनहर समेत अन्य कई नहरें भी पानी से लबालब रहती है। इसके बावजूद जिले में भूजल का स्तर तेजी से गिर रहा है। स्थिति यह है कि नौ में चार ब्लॉक क्षेत्र डार्क जोन में हैं। इनमें बघरा, बुढ़ाना, चरथावल और शाहपुर ब्लॉक शामिल हैं। डार्क जोन का अर्थ यह है कि इन क्षेत्रों में भूजल का अत्यधिक दोहन किया जा रहा है, जबकि ग्राउंड वाटर रीचार्ज की स्थिति बेहद खराब है। भूजल का प्रथम स्टेटा लगभग 31 मीटर पर था, जो अब नीचे चला गया है। भूगर्भ जल विभाग की रिपोर्ट के अनुसार सबसे बुरा हाल बुढ़ाना ब्लॉक क्षेत्र का है। यहां पर भूमिगत जल स्तर करीब दो मीटर तक गिरा है।
वर्षा जल संचयन के लिए शुरू हुए प्रयास
मुजफ्फरनगर। मनरेगा के अंतर्गत जिला प्रशासन ने वर्षा जल संचयन को लेकर तालाबों की खुदाई का काम शुरू किया है। प्रशासन का तालाबों के जीर्णोद्धार पर पूरा जोर है। जिले में तालाबों की खुदाई में सबसे बड़ी समस्या तालाबों के चारो ओर हो रहे कब्जे हैं। गांव की आपसी राजनीति और प्रधानी के चुनाव में वोट की जंग में तालाब कब्जा मुक्त नहीं हो पाते हैं। पीडी जयसिंह यादव ने बताया कि तालाबों की खुदाई का कार्य निरंतर चल रहा है।
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मुजफ्फरनगर। तेजी से गिरता भूजल स्तर और डार्क जोन में जाते ब्लाक यहां हर किसी के लिए चिंता का विषय है। बरसात के पानी के संचयन की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या का निराकरण नहीं हो पा रहा है। सबसे बुरा हाल बुढ़ाना ब्लॉक का है। यहां का भूजल स्तर करीब दो मीटर तक गिरा है। हर साल यहां किसानों के सामने बोरिंग कराने की समस्या है।
गंगा किनारे बसे जनपद मुजफ्फरनगर में नदियों और नहरों का जाल है। गंगा, काली, हिंडन नदी जिले से होकर बहती हैं, जबकि गंगनहर समेत अन्य कई नहरें भी पानी से लबालब रहती है। इसके बावजूद जिले में भूजल का स्तर तेजी से गिर रहा है। स्थिति यह है कि नौ में चार ब्लॉक क्षेत्र डार्क जोन में हैं। इनमें बघरा, बुढ़ाना, चरथावल और शाहपुर ब्लॉक शामिल हैं। डार्क जोन का अर्थ यह है कि इन क्षेत्रों में भूजल का अत्यधिक दोहन किया जा रहा है, जबकि ग्राउंड वाटर रीचार्ज की स्थिति बेहद खराब है। भूजल का प्रथम स्टेटा लगभग 31 मीटर पर था, जो अब नीचे चला गया है। भूगर्भ जल विभाग की रिपोर्ट के अनुसार सबसे बुरा हाल बुढ़ाना ब्लॉक क्षेत्र का है। यहां पर भूमिगत जल स्तर करीब दो मीटर तक गिरा है।
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वर्षा जल संचयन के लिए शुरू हुए प्रयास
मुजफ्फरनगर। मनरेगा के अंतर्गत जिला प्रशासन ने वर्षा जल संचयन को लेकर तालाबों की खुदाई का काम शुरू किया है। प्रशासन का तालाबों के जीर्णोद्धार पर पूरा जोर है। जिले में तालाबों की खुदाई में सबसे बड़ी समस्या तालाबों के चारो ओर हो रहे कब्जे हैं। गांव की आपसी राजनीति और प्रधानी के चुनाव में वोट की जंग में तालाब कब्जा मुक्त नहीं हो पाते हैं। पीडी जयसिंह यादव ने बताया कि तालाबों की खुदाई का कार्य निरंतर चल रहा है।
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