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भलवा में जमीन के लालच में दादा की हत्या पौत्रों ने की थी
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जानसठ पुलिस ने दादा की हत्या करने वाले आरोपी पौत्र पकड़े।
- फोटो : KHATAULI
भलवा में जमीन के लालच में दादा की हत्या पौत्रों ने की थी
जानसठ (मुजफ्फरनगर)। गांव भलवा के नजीर बेग की हत्या जमीन के लालच में उसके पौत्रों ने ही की थी। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए दो आरोपी पौत्रों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। हत्या के मामले में पुत्रवधू समेत अभी तीन आरोपित फरार बताए जा रहे हैं।
कोतवाली के गांव भलवा में पांच अक्तूबर को वृद्ध नजीर बेग घर से जंगल जाते समय लापता हो गया था। छह अक्तूबर को उसका शव उसके ही खेत में पड़ा मिला था। पुलिस और ग्रामीणों ने उस वक्त नजीर बेग की मौत को संदिग्ध हालात में मान लिया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। पीएम रिपोर्ट में हत्या का कारण उसकी 11 पसली टूटी होना बताया गया था। जिसके बाद पुलिस ने मुकदमे को हत्या में तरमीम कर लिया था। शनिवार को इंस्पेक्टर दीपक चतुर्वेदी ने बताया कि नजीर बेग की हत्या उसके परिजनों ने ही की थी। उसने अपनी जमीन की वसीयत अपने परिजनों को कर दी थी। बाद में परिजनों ने उसका ध्यान रखना बंद कर परेशान करना शुरू कर दिया था। उन्होंने बताया कि उसे ठीक से खाना तक नहीं देते थे। नजीर बेग आरोपी यूसुफ के मामा के यहां गया और पौत्रों के द्वारा परेशान करने की बात बताई। इससे परेशान होकर नजीर बेग ने अपनी वसीयत को बदलने की धमकी दी। आरोपी पौत्रों यूसुफ व अनस ने दादा नजीर बेग को अपने ही खेत में शरीर के ऊपर टांट का बोरा गिराकर पीट पीट कर मार डाला था। पुलिस ने हत्या का राजफाश करते हुए उसके उसके पौत्रों यूसुफ पुत्र नसीम बेग व अनस पुत्र नईम बेग को गिरफ्तार कर लिया। जबकि पुत्रवधू सहित तीन लोग अभी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने यूसुफ की निशानदेही से हत्या में प्रयुक्त एक अदद टाट का बोरा बरामद किया है।
दादा का शव देखकर रोने बिलखने लगा था आरोपी यूसुफ
जानसठ। गांव भलवा में जंगल में दादा का शव देखकर पौत्र यूसुफ दहाड़ मारकर रोने लगा था। उस वक्त पुलिस व ग्रामीणों को भी तनिक शक नहीं हुआ कि जो पौत्र शव को देखकर रो रहा है, वहीं अपने दादा का कातिल निकलेगा। उस वक्त पुलिस और ग्रामीण यही समझ रहे थे कि वृद्ध नजीर बेग की हत्या संदिग्ध हालात में हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर हत्याकांड की गुत्थी सुलझती चली गई।
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जानसठ (मुजफ्फरनगर)। गांव भलवा के नजीर बेग की हत्या जमीन के लालच में उसके पौत्रों ने ही की थी। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए दो आरोपी पौत्रों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। हत्या के मामले में पुत्रवधू समेत अभी तीन आरोपित फरार बताए जा रहे हैं।
कोतवाली के गांव भलवा में पांच अक्तूबर को वृद्ध नजीर बेग घर से जंगल जाते समय लापता हो गया था। छह अक्तूबर को उसका शव उसके ही खेत में पड़ा मिला था। पुलिस और ग्रामीणों ने उस वक्त नजीर बेग की मौत को संदिग्ध हालात में मान लिया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। पीएम रिपोर्ट में हत्या का कारण उसकी 11 पसली टूटी होना बताया गया था। जिसके बाद पुलिस ने मुकदमे को हत्या में तरमीम कर लिया था। शनिवार को इंस्पेक्टर दीपक चतुर्वेदी ने बताया कि नजीर बेग की हत्या उसके परिजनों ने ही की थी। उसने अपनी जमीन की वसीयत अपने परिजनों को कर दी थी। बाद में परिजनों ने उसका ध्यान रखना बंद कर परेशान करना शुरू कर दिया था। उन्होंने बताया कि उसे ठीक से खाना तक नहीं देते थे। नजीर बेग आरोपी यूसुफ के मामा के यहां गया और पौत्रों के द्वारा परेशान करने की बात बताई। इससे परेशान होकर नजीर बेग ने अपनी वसीयत को बदलने की धमकी दी। आरोपी पौत्रों यूसुफ व अनस ने दादा नजीर बेग को अपने ही खेत में शरीर के ऊपर टांट का बोरा गिराकर पीट पीट कर मार डाला था। पुलिस ने हत्या का राजफाश करते हुए उसके उसके पौत्रों यूसुफ पुत्र नसीम बेग व अनस पुत्र नईम बेग को गिरफ्तार कर लिया। जबकि पुत्रवधू सहित तीन लोग अभी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने यूसुफ की निशानदेही से हत्या में प्रयुक्त एक अदद टाट का बोरा बरामद किया है।
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दादा का शव देखकर रोने बिलखने लगा था आरोपी यूसुफ
जानसठ। गांव भलवा में जंगल में दादा का शव देखकर पौत्र यूसुफ दहाड़ मारकर रोने लगा था। उस वक्त पुलिस व ग्रामीणों को भी तनिक शक नहीं हुआ कि जो पौत्र शव को देखकर रो रहा है, वहीं अपने दादा का कातिल निकलेगा। उस वक्त पुलिस और ग्रामीण यही समझ रहे थे कि वृद्ध नजीर बेग की हत्या संदिग्ध हालात में हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर हत्याकांड की गुत्थी सुलझती चली गई।
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