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Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर - 50 गांवों में बनेगी ग्राम पंचायत आपदा प्रबंधन योजना
Thu, 11 Jan 2024 01:10 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 11 Jan 2024 01:10 AM IST
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ग्राम पंचायत आपदा प्रबन्धन योजना के संबध में बैठक लेते एडीएम वित्त एवं राजस्व । स्रोत-प्रशासन
- एडीएम वित्त एवं राजस्व ने बैठक कर दिए दिशा-निर्देश
- ग्राम पंचायत आपदा प्रबंधन समिति करेगी पांच उपसमितियों का गठन
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। समुदाय आधारित आपदा प्रबंधन योजना के अंतर्गत जनपद के पचास गांवों में आपदा प्रबंधन की ट्रेनिंग दी जाएगी। इन सभी गांवों में ग्राम पंचायत आपदा प्रबंधन योजना भी बनाई जाएगी, ताकी आपदा से होने वाले नुकसानों को कम किया जा सके।
एडीएम वित्त एवं राजस्व गजेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि आपदाओं से बहुत अधिक जान व माल की हानि होती है। समुदाय आधारित आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण परियोजना का फेज-2 प्लान किया गया है, जिसमें सभी नौ ब्लॉक के पचास गांवों में समुदाय आधारित आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कराया जाएगा। इस वीडीएमपी में गोताखोर व तैराकों का विवरण, नाव व नाविकों का विवरण, ग्राम पंचायत आपदा प्रबंधन समिति भी बनाई जाएगी।
ग्राम पंचायत आपदा प्रबंधन समिति पांच उपसमितियों का गठन करेगी, जिसमें सूचना एवं पूर्व चेतावनी दल, खोज एवं बचाव दल, प्राथमिक उपचार दल, आश्रय प्रबंधन दल, पेयजल व स्वच्छता दल शामिल रहेगी। ग्राम पंचायत आपदा प्रबंधन योजना में महत्वपूर्ण इमरजेंसी फोन नंबर, जिला, तहसील व ब्लॉक स्तरीय महत्वपूर्ण संपर्क सूत्र व फोन नंबर, ग्राम पंचायत स्तर पर महत्वपूर्ण कर्मचारियों के फोन नंबर भी दिए जाएंगे।
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बनेंगे पक्के आश्रय स्थल
प्रदेश सरकार ने बाढ़ प्रभावित जिलों में पक्के आश्रय स्थल बनाने का निर्णय लिया है। जिले में गंगा, सोलानी नदी के तट के गांव बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। बाढ़ क्षेत्र के उन स्थानों को चिह्नित किया जाएगा जहां आश्रय स्थल बनेंगे। एडीएम वित्त गजेंद्र कुमार ने बताया कि सरकार ने घोषणा कर हमारे जनपद को इस योजना में शामिल किया है। अभी सरकार से गाइडलाइन नहीं आई है। दिशा-निर्देश मिलते ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थल चिह्नित कर शासन को भेजे जाएंगे। इन स्थलों पर रहने के लिए कमरे, शौचालय और रसोई आदि की व्यवस्था रहेगी। बाढ़ के दौरान प्रशासन को इन आश्रय स्थलों के बनने के बाद लोगों को स्कूलों आदि में नहीं ठहराना पड़ेगा।
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- ग्राम पंचायत आपदा प्रबंधन समिति करेगी पांच उपसमितियों का गठन
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। समुदाय आधारित आपदा प्रबंधन योजना के अंतर्गत जनपद के पचास गांवों में आपदा प्रबंधन की ट्रेनिंग दी जाएगी। इन सभी गांवों में ग्राम पंचायत आपदा प्रबंधन योजना भी बनाई जाएगी, ताकी आपदा से होने वाले नुकसानों को कम किया जा सके।
एडीएम वित्त एवं राजस्व गजेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि आपदाओं से बहुत अधिक जान व माल की हानि होती है। समुदाय आधारित आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण परियोजना का फेज-2 प्लान किया गया है, जिसमें सभी नौ ब्लॉक के पचास गांवों में समुदाय आधारित आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कराया जाएगा। इस वीडीएमपी में गोताखोर व तैराकों का विवरण, नाव व नाविकों का विवरण, ग्राम पंचायत आपदा प्रबंधन समिति भी बनाई जाएगी।
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ग्राम पंचायत आपदा प्रबंधन समिति पांच उपसमितियों का गठन करेगी, जिसमें सूचना एवं पूर्व चेतावनी दल, खोज एवं बचाव दल, प्राथमिक उपचार दल, आश्रय प्रबंधन दल, पेयजल व स्वच्छता दल शामिल रहेगी। ग्राम पंचायत आपदा प्रबंधन योजना में महत्वपूर्ण इमरजेंसी फोन नंबर, जिला, तहसील व ब्लॉक स्तरीय महत्वपूर्ण संपर्क सूत्र व फोन नंबर, ग्राम पंचायत स्तर पर महत्वपूर्ण कर्मचारियों के फोन नंबर भी दिए जाएंगे।
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बनेंगे पक्के आश्रय स्थल
प्रदेश सरकार ने बाढ़ प्रभावित जिलों में पक्के आश्रय स्थल बनाने का निर्णय लिया है। जिले में गंगा, सोलानी नदी के तट के गांव बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। बाढ़ क्षेत्र के उन स्थानों को चिह्नित किया जाएगा जहां आश्रय स्थल बनेंगे। एडीएम वित्त गजेंद्र कुमार ने बताया कि सरकार ने घोषणा कर हमारे जनपद को इस योजना में शामिल किया है। अभी सरकार से गाइडलाइन नहीं आई है। दिशा-निर्देश मिलते ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थल चिह्नित कर शासन को भेजे जाएंगे। इन स्थलों पर रहने के लिए कमरे, शौचालय और रसोई आदि की व्यवस्था रहेगी। बाढ़ के दौरान प्रशासन को इन आश्रय स्थलों के बनने के बाद लोगों को स्कूलों आदि में नहीं ठहराना पड़ेगा।