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Muzaffarnagar News: पुरकाजी में नहीं बन पाया सरकारी इंटर काॅलेज
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35 हजार की आबादी है पुरकाजी नगर पंचायत की
लखनौती में बने राजकीय इंटर काॅलेज में जाना पड़ता है शिक्षा के लिए
पीएचसी पर भी स्वास्थ्य सुविधाओं का भारी अभाव
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरकाजी। पुरकाजी नगर पंचायत हाइवे पर होने के बावजूद कस्बे में आज तक कोई सरकारी इंटर काॅलेज नहीं बन पाया है। पीएचसी पर भी स्वास्थ्य सुविधाओं का भारी अभाव है। महिला चिकित्सक भी नहीं हैं। महिला मरीजों को निजी नर्सिंग होम में महंगा उपचार कराना पड़ता है।
करीब 35 हजार की आबादी वाली पुरकाजी नगर पंचायत करीब 75 वर्ष पुरानी है। मगर, जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के कारण आज तक नगर पंचायत में कोई सरकारी इंटर काॅलेज नहीं बन पाया है। इससे कस्बे के छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षा की भारी समस्या है।
कस्बे के छात्र छात्राओं को आठवीं कक्षा के बाद या तो कस्बे के प्राइवेट इंटर कॉलेजों या ब्लॉक क्षेत्र के एक मात्र ग्राम पंचायत लखनौती में बने राजकीय इंटर काॅलेज में जाना पड़ता है। इसके अलावा मुजफ्फरनगर या रुड़की उत्तराखंड आदि में जाकर शिक्षा ग्रहण करनी पड़ती है। आर्थिक रूप से कमजोर कई परिवार अपने बच्चों को शिक्षा ग्रहण नहीं करवा पाते हैं।
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इसके अलावा कस्बे के बाहरी छोर पर ग्राम पंचायत लखनौती में एक पीएचसी बनी हुई है। पीएचसी पर स्वास्थ्य संबंधी अधिकांश सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाती हैं। महिला चिकित्सक नहीं होने से महिलाओं को उपचार नहीं मिल पाता है।
चुनाव जीतने के बाद जनप्रतिनिधि नहीं देते ध्यान
कस्बे वासियों का कहना हैं कि चुनाव के समय प्रत्याशी मतदाताओं से बड़े बड़े वादे करते हैं। मगर, चुनाव के बाद भूल जाते हैं। जनप्रतिनिधियों को कस्बे की मुख्य समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। अब नगर निकाय चुनाव चल रहे हैं। प्रत्याशी मतदाताओं के पास वोट मांगने आ रहे हैं। मतदाता प्रतिनिधियों के समक्ष अपनी समस्याओं को जोर शोर से उठा रहे हैं।
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लखनौती में बने राजकीय इंटर काॅलेज में जाना पड़ता है शिक्षा के लिए
पीएचसी पर भी स्वास्थ्य सुविधाओं का भारी अभाव
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरकाजी। पुरकाजी नगर पंचायत हाइवे पर होने के बावजूद कस्बे में आज तक कोई सरकारी इंटर काॅलेज नहीं बन पाया है। पीएचसी पर भी स्वास्थ्य सुविधाओं का भारी अभाव है। महिला चिकित्सक भी नहीं हैं। महिला मरीजों को निजी नर्सिंग होम में महंगा उपचार कराना पड़ता है।
करीब 35 हजार की आबादी वाली पुरकाजी नगर पंचायत करीब 75 वर्ष पुरानी है। मगर, जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के कारण आज तक नगर पंचायत में कोई सरकारी इंटर काॅलेज नहीं बन पाया है। इससे कस्बे के छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षा की भारी समस्या है।
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कस्बे के छात्र छात्राओं को आठवीं कक्षा के बाद या तो कस्बे के प्राइवेट इंटर कॉलेजों या ब्लॉक क्षेत्र के एक मात्र ग्राम पंचायत लखनौती में बने राजकीय इंटर काॅलेज में जाना पड़ता है। इसके अलावा मुजफ्फरनगर या रुड़की उत्तराखंड आदि में जाकर शिक्षा ग्रहण करनी पड़ती है। आर्थिक रूप से कमजोर कई परिवार अपने बच्चों को शिक्षा ग्रहण नहीं करवा पाते हैं।
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इसके अलावा कस्बे के बाहरी छोर पर ग्राम पंचायत लखनौती में एक पीएचसी बनी हुई है। पीएचसी पर स्वास्थ्य संबंधी अधिकांश सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाती हैं। महिला चिकित्सक नहीं होने से महिलाओं को उपचार नहीं मिल पाता है।
चुनाव जीतने के बाद जनप्रतिनिधि नहीं देते ध्यान
कस्बे वासियों का कहना हैं कि चुनाव के समय प्रत्याशी मतदाताओं से बड़े बड़े वादे करते हैं। मगर, चुनाव के बाद भूल जाते हैं। जनप्रतिनिधियों को कस्बे की मुख्य समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। अब नगर निकाय चुनाव चल रहे हैं। प्रत्याशी मतदाताओं के पास वोट मांगने आ रहे हैं। मतदाता प्रतिनिधियों के समक्ष अपनी समस्याओं को जोर शोर से उठा रहे हैं।