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सरकारी कॉलेज चार, निजी स्कूलों की भरमार

Fri, 03 Dec 2021 12:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 03 Dec 2021 12:21 AM IST
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Government college four, private schools galore
मुजफ्फरनगर के जानसठ रोड स्थित पब्लिक स्कूल का भवन। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
सरकारी कॉलेज चार, निजी स्कूलों की भरमार
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मुजफ्फरनगर। शहर गांव तक पहुंचा और गांव के लोग शहर तक। शिक्षा का माहौल जरूर बदला, लेकिन सरकारी डिग्री कॉलेजों की संख्या नहीं बढ़ी। निजी क्षेत्र की शिक्षण संस्थाओं की भरमार है। शिक्षा महंगी होती चली गई।
शहर में एसडी डिग्री कॉलेज, डीएवी कॉलेज, जैन कन्या डिग्री कॉलेज और चौधरी छोटूराम महाविद्यालय शामिल है। इनके अलावा पिछले बीस साल में केंद्र और प्रदेश सरकार ने किसी अन्य महाविद्यालय की स्थापना नहीं की। जबकि निजी क्षेत्र के शैक्षिक संस्थानों की संख्या तेजी के साथ बढ़ी है।
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दोगुने से ज्यादा हो गए पब्लिक स्कूल
शहर में आबादी बढने के साथ ही पब्लिक स्कूलों की संख्या भी बढ गई है। बीस साल पहले यह संख्या दस के लगभग थी, जो अब 20 से भी ज्यादा है। माध्यमिक स्कूलों में सरस्वती शिशु मंदिरों की संख्या बढी है।
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डेढ़ गुना बढ़ गई आबादी
नगर पालिका परिषद की सीमा में रह रही आबादी की संख्या तीन लाख 92 हजार 168 है। बीते बीस सालों में यह आबादी डेढ़ गुना हो गई है। शहर की आबादी बीस वर्ष पूर्व लगभग दो लाख 60 हजार थी।
26 होटल और 73 रेस्टोरेंट
शहर में होटल, रेस्टोरेंट की बाढ सी आ गई है। शहर में इस समय 26 होटल और 73 रेस्टोरेंट है। नगर में इस बीच फास्ट फूड के ठेलों की संख्या सैकड़ों में पहुंच गई है। आबादी की आवश्यकता के हिसाब से शहर में सबसे ज्यादा रेस्टोरेंट, होटल और पब्लिक स्कूल बढे़ हैं। शहर में एक मॉल भी खुला है।
लोगों का लाइफ स्टाइल बदला
शहर के कपड़ा व्यापारी राकेश गोयल का कहना है कि हमारे देखते-देखते शहर में खाने-पीने की दुकानों की बाढ़ सी आ गई है। हर दूसरा परिवार किसी न किसी आयोजन पर बाहर खाने के लिए जाने लगा है। जीवन शैली में बदलाव आया है।

शहर के सर्राफा व्यापारी सतीशचंद का कहना है कि यहां बीस साल पहले मजबूरी में ही लोग होटल, रेस्टोरेंट में जाते थे। अब तो अपने मेहमानों तक को होटल में ठहरा रहे हैं। आदमी के जीवन में बदलाव आया है।
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