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फादर्स डे: ईश्वर ने दिया जीवन का सबसे बड़ा उपहार
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भोपा के गांव रहकड़ा निवासी सद्दाम अपने नवजात बेटे के साथ।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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ईश्वर ने दिया जीवन का सबसे बड़ा उपहार
मुजफ्फरनगर। डाक्टर ने फूल सी नाजुक बेटी को मेरे हाथों में दिया तो वह मेरे जीवन का सबसे भावुक क्षण था। उसकी बंद आंखें, सुर्ख चेहरा, छोटी-छोटी बंद मुट्ठियां और रूई से भी मुलायम त्वचा आंखों में बस गई। एकबारगी तो ऐसा लगा कि मेरे सख्त हाथ उसे नुकसान न पहुंचा दें। काफी देर बाद हाथों में उस कोमल परी के होने का अहसास हुआ। पहली बार पिता बनने की खुशी इतनी थी कि आंखें भर आईं। उसी वक्त निर्णय कर लिया कि बेटी की खुशी और उसके सपनों को पूरा करना ही अब जीवन का उद्देश्य होगा।
फादर्स डे पर पिता बने नया नसीरपुर निवासी सोनू अपनी खुशी को बयां करते हुए भावुक हो उठते हैं। उनकी पत्नी कल्पना ने प्यारी सी बेटी को जन्म दिया। मां और बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर कई दिन से चली आ रही टेंशन बेटी के दुनिया में आते ही खत्म हो गई। न केवल सोनू बल्कि जिला महिला अस्पताल में 16 लोगों को संतान के रूप में जीवन का सबसे बड़ा उपहार मिला है। इनमें से छह बेटियां हैं। सिसौली निवासी कुलदीप की पत्नी बबीता ने भी एक नाजुक सी परी को जन्म दिया है। कुलदीप कहते हैं कि यह जीवन का अनमोल पल है। किसी और बात से इसकी तुलना नहीं की जा सकती। इस खुशी को केवल एक पिता ही महसूस कर सकता है। देवबंद के इमलिया के सुभाष पाल के घर बेटे ने जन्म लिया है। नवजात को गोद में लेकर कुछ देर तो वह उसे निहारते ही रह गए। सुभाष कहते हैं कि उस एक पल के सामने पूरे जीवन की खुशियां बौनी हैं।
इनके घर में गूंजी किलकारियां
लद्दावाला निवासी महक परवीन पत्नी अलीजान, गढ़ी गोरवान निवासी फरजाना पत्नी नदीम, नया नसीरपुर निवासी कल्पना पत्नी सोनू, तिगरी निवासी शबाना पत्नी जान मोहम्मद, तिगरी निवासी शबाना पत्नी जान मोहम्मद, मुश्तर्क मीरापुर निवासी प्रीति शर्मा पत्नी नितिन शर्मा, दतियाना निवासी ज्योति पत्नी अरविंद, सिसौली निवासी बबीता पत्नी कुलदीप, इमराना पत्नी वाजिद, वीवीपुर निवासी बबीता पत्नी अनुज, जटमुझेड़ा निवासी बिल्लो, खेड़ी कुरैश निवासी नाजमीन पत्नी शाहवेज, इमलिया देवबंद निवासी रेनू पाल पत्नी सुभाष पाल, मलीरा निवासी शालू पत्नी आशू, मोहल्ला सादात झालू बिजनौर निवासी रहनुमा पत्नी फैजल, संधावली निवासी रीना पत्नी मिंटू और शाहपुर निवासी सपना निवासी अनुज।
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मुझे खुशी मिली इतनी के दिल में ना समाए..
भोपा। रहकड़ा निवासी सद्दाम ने बताया कि फादर्स डे पर उसकी पत्नी गुलअफशा ने बेटे को जन्म दिया। सद्दाम के परिवार में पिता लतीफ, माता नसीमा, भाई मूसारीफ, तारीफ सहित एक बहन रेशमा है। सद्दाम ने बताया कि सात लोगों के परिवार में उनके कोई छोटा बच्चा भी नहीं था। रविवार को फादर्स डे पर मोरना पीएचसी पर उसकी पत्नी ने बेटे को जन्म दिया है, जिससे पूरा परिवार खुशी से झूम उठा। घर के मुखिया लतीफ अहम, उनकी पत्नी नसीमा का कहना है कि उन्हें समय बिताने के लिए पौत्र के रूप में खिलौना मिल गया हैं। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ अर्जुन सिंह, स्टाफ नर्स मोनिका, गांव की आशा चंद्रकला, ग्राम प्रधान के पति संजीव कुमार ने इस परिवार को बधाई दी है।
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मुजफ्फरनगर। डाक्टर ने फूल सी नाजुक बेटी को मेरे हाथों में दिया तो वह मेरे जीवन का सबसे भावुक क्षण था। उसकी बंद आंखें, सुर्ख चेहरा, छोटी-छोटी बंद मुट्ठियां और रूई से भी मुलायम त्वचा आंखों में बस गई। एकबारगी तो ऐसा लगा कि मेरे सख्त हाथ उसे नुकसान न पहुंचा दें। काफी देर बाद हाथों में उस कोमल परी के होने का अहसास हुआ। पहली बार पिता बनने की खुशी इतनी थी कि आंखें भर आईं। उसी वक्त निर्णय कर लिया कि बेटी की खुशी और उसके सपनों को पूरा करना ही अब जीवन का उद्देश्य होगा।
फादर्स डे पर पिता बने नया नसीरपुर निवासी सोनू अपनी खुशी को बयां करते हुए भावुक हो उठते हैं। उनकी पत्नी कल्पना ने प्यारी सी बेटी को जन्म दिया। मां और बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर कई दिन से चली आ रही टेंशन बेटी के दुनिया में आते ही खत्म हो गई। न केवल सोनू बल्कि जिला महिला अस्पताल में 16 लोगों को संतान के रूप में जीवन का सबसे बड़ा उपहार मिला है। इनमें से छह बेटियां हैं। सिसौली निवासी कुलदीप की पत्नी बबीता ने भी एक नाजुक सी परी को जन्म दिया है। कुलदीप कहते हैं कि यह जीवन का अनमोल पल है। किसी और बात से इसकी तुलना नहीं की जा सकती। इस खुशी को केवल एक पिता ही महसूस कर सकता है। देवबंद के इमलिया के सुभाष पाल के घर बेटे ने जन्म लिया है। नवजात को गोद में लेकर कुछ देर तो वह उसे निहारते ही रह गए। सुभाष कहते हैं कि उस एक पल के सामने पूरे जीवन की खुशियां बौनी हैं।
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इनके घर में गूंजी किलकारियां
लद्दावाला निवासी महक परवीन पत्नी अलीजान, गढ़ी गोरवान निवासी फरजाना पत्नी नदीम, नया नसीरपुर निवासी कल्पना पत्नी सोनू, तिगरी निवासी शबाना पत्नी जान मोहम्मद, तिगरी निवासी शबाना पत्नी जान मोहम्मद, मुश्तर्क मीरापुर निवासी प्रीति शर्मा पत्नी नितिन शर्मा, दतियाना निवासी ज्योति पत्नी अरविंद, सिसौली निवासी बबीता पत्नी कुलदीप, इमराना पत्नी वाजिद, वीवीपुर निवासी बबीता पत्नी अनुज, जटमुझेड़ा निवासी बिल्लो, खेड़ी कुरैश निवासी नाजमीन पत्नी शाहवेज, इमलिया देवबंद निवासी रेनू पाल पत्नी सुभाष पाल, मलीरा निवासी शालू पत्नी आशू, मोहल्ला सादात झालू बिजनौर निवासी रहनुमा पत्नी फैजल, संधावली निवासी रीना पत्नी मिंटू और शाहपुर निवासी सपना निवासी अनुज।
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मुझे खुशी मिली इतनी के दिल में ना समाए..
भोपा। रहकड़ा निवासी सद्दाम ने बताया कि फादर्स डे पर उसकी पत्नी गुलअफशा ने बेटे को जन्म दिया। सद्दाम के परिवार में पिता लतीफ, माता नसीमा, भाई मूसारीफ, तारीफ सहित एक बहन रेशमा है। सद्दाम ने बताया कि सात लोगों के परिवार में उनके कोई छोटा बच्चा भी नहीं था। रविवार को फादर्स डे पर मोरना पीएचसी पर उसकी पत्नी ने बेटे को जन्म दिया है, जिससे पूरा परिवार खुशी से झूम उठा। घर के मुखिया लतीफ अहम, उनकी पत्नी नसीमा का कहना है कि उन्हें समय बिताने के लिए पौत्र के रूप में खिलौना मिल गया हैं। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ अर्जुन सिंह, स्टाफ नर्स मोनिका, गांव की आशा चंद्रकला, ग्राम प्रधान के पति संजीव कुमार ने इस परिवार को बधाई दी है।