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कवाल में बालिका और महिला की मौत
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बुखार से कवाल में बालिका और महिला की मौत
मुजफ्फरनगर/ जानसठ। बारिश के मौसम में बुखार कहर बरपाने लगा है। जानसठ के गांव कवाल में बालिका और महिला की बुखार के चलते मौत हो गई। गांव में अन्य ग्रामीण भी बुखार से पीड़ित बताए गए हैं। बालिका और महिला की मौत होने से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। जिला चिकित्सालय में भी रोजाना 150 से अधिक मरीज बुखार के आ रहे हैं। फिलहाल जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित 22 मरीज भर्ती है। घर-घर चलाए गए सर्वे अभियान में भी 327 ग्रामीण बुखार से पीड़ित मिले हैं। अभी पूरी रिपोर्ट आना बाकी है, जिसमें मरीजों की संख्या बढ़ सकती है।
जानसठ कोतवाली क्षेत्र के गांव कवाल में बृहस्पतिवार को बुखार से दस साल की बालिका और एक महिला की मृत्यु हो गई। ग्रामीणों के अनुसार सुनील की बेटी पारुल कई दिनों से बुखार से पीड़ित थी। उसका प्राइवेट डॉक्टर के यहां उपचार चल रहा था। बृहस्पतिवार को बालिका की मौत हो गई।
इसके अलावा गांव के ही प्रवीण की पत्नी लक्ष्मी की भी बुखार से मौत हो गई। वह भी कई दिनों से बुखार से पीड़ित थी। दोनों की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में अभी कई ग्रामीण बुखार से पीड़ित है, जो कि प्राइवेट डॉक्टरों के यहां उपचार करा रहे है।
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जनपद में बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगी है। जिला चिकित्सालय में रोजाना 1200 से अधिक मरीजों की ओपीडी हो रही है, जिनमें से डेढ़ सौ से अधिक मरीज बुखार से पीड़ित मिल रहे हैं। घर-घर किए गए सर्वे में भी सबसे अधिक बुखार के ही मरीज पाए गए हैं। अभी तक 327 मरीज बुखार के मिल चुके हैं। शहर से लेकर गांव तक प्राईवेट डॉक्टरों के यहां भी बुखार पीड़ितों का तांता लगा है। वायरल बुखार, टायफायड का ज्यादा प्रकोप है। इनके साथ मलेरिया ने भी पैर पसारना शुरु कर दिया है। बीते आठ दिनों में ही जनपद में मलेरिया के चार मरीज मिल चुके है।
कवाल में टीम भेजी जाएगी
कवाल गांव में बालिका और महिला की मौत बुखार से होने की जानकारी अभी नहीं मिली है। जानसठ सीएचसी प्रभारी को टीम लेकर गांव में जाकर जांच पड़ताल के निर्देश दिए गए हैं। मरीजों की केस हिस्ट्री की भी जांच कराई जाएगी। परिजनों की ब्लड स्लाइड बनाने और घर-घर जाकर जांच करने के निर्देश दिए गए है।
डॉ. एमएस फौजदार, सीएमओ
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मुजफ्फरनगर/ जानसठ। बारिश के मौसम में बुखार कहर बरपाने लगा है। जानसठ के गांव कवाल में बालिका और महिला की बुखार के चलते मौत हो गई। गांव में अन्य ग्रामीण भी बुखार से पीड़ित बताए गए हैं। बालिका और महिला की मौत होने से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। जिला चिकित्सालय में भी रोजाना 150 से अधिक मरीज बुखार के आ रहे हैं। फिलहाल जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित 22 मरीज भर्ती है। घर-घर चलाए गए सर्वे अभियान में भी 327 ग्रामीण बुखार से पीड़ित मिले हैं। अभी पूरी रिपोर्ट आना बाकी है, जिसमें मरीजों की संख्या बढ़ सकती है।
जानसठ कोतवाली क्षेत्र के गांव कवाल में बृहस्पतिवार को बुखार से दस साल की बालिका और एक महिला की मृत्यु हो गई। ग्रामीणों के अनुसार सुनील की बेटी पारुल कई दिनों से बुखार से पीड़ित थी। उसका प्राइवेट डॉक्टर के यहां उपचार चल रहा था। बृहस्पतिवार को बालिका की मौत हो गई।
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इसके अलावा गांव के ही प्रवीण की पत्नी लक्ष्मी की भी बुखार से मौत हो गई। वह भी कई दिनों से बुखार से पीड़ित थी। दोनों की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में अभी कई ग्रामीण बुखार से पीड़ित है, जो कि प्राइवेट डॉक्टरों के यहां उपचार करा रहे है।
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जनपद में बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगी है। जिला चिकित्सालय में रोजाना 1200 से अधिक मरीजों की ओपीडी हो रही है, जिनमें से डेढ़ सौ से अधिक मरीज बुखार से पीड़ित मिल रहे हैं। घर-घर किए गए सर्वे में भी सबसे अधिक बुखार के ही मरीज पाए गए हैं। अभी तक 327 मरीज बुखार के मिल चुके हैं। शहर से लेकर गांव तक प्राईवेट डॉक्टरों के यहां भी बुखार पीड़ितों का तांता लगा है। वायरल बुखार, टायफायड का ज्यादा प्रकोप है। इनके साथ मलेरिया ने भी पैर पसारना शुरु कर दिया है। बीते आठ दिनों में ही जनपद में मलेरिया के चार मरीज मिल चुके है।
कवाल में टीम भेजी जाएगी
कवाल गांव में बालिका और महिला की मौत बुखार से होने की जानकारी अभी नहीं मिली है। जानसठ सीएचसी प्रभारी को टीम लेकर गांव में जाकर जांच पड़ताल के निर्देश दिए गए हैं। मरीजों की केस हिस्ट्री की भी जांच कराई जाएगी। परिजनों की ब्लड स्लाइड बनाने और घर-घर जाकर जांच करने के निर्देश दिए गए है।
डॉ. एमएस फौजदार, सीएमओ