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Muzaffarnagar News: संचालक बनी गीता वालिया निष्कासित, पांच साल तक नहीं लड़ सकेंगी चुनाव
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संवाद न्यूज एजेंसी
बुढ़ाना। डीसीडीएफ के चुनाव में गीता वालिया शामली ने अधिकारियों से साज कर प्रतिनिधि सूची में कर्ण सिंह के स्थान पर अपना नाम दर्ज करवा लिया था। बुढ़ाना निवासी सचिन जैन की शिकायत पर मामला उत्तर प्रदेश सहकारी निर्वाचन आयोग में पहुंच गया। आयोग ने तथ्यों के आधार पर सुनवाई करते हुए कूटरचित तरीके से सूची में नाम शामिल करवाने वाली गीता वालिया को निष्कासित कर दिया, उसे 5 वर्ष के लिए चुनाव लड़ने से भी अयोग्य घोषित कर दिया।
जिला सहकारी विकास संघ लि0 मुजफ्फरनगर की प्रबंध समिति के चुनाव में कर्ण सिंह प्रतिनिधि निर्वाचित हुए थे। इनके स्थान पर कूटरचित तरीके से शामली निवासी गीता वालिया पत्नी सुखचैन वालिया ने अधिकारियों से साज खाकर सूची में कर्ण सिंह के स्थान पर अपना नाम शामिल करवा लिया था। साथ ही संचालक नियुक्त हो गई थीं। सारे मामले की शिकायत बुढ़ाना निवासी सचिन जैन ने उत्तर प्रदेश सहकारी निर्वाचन आयोग में की थी। आयोग में मामले की सुनवाई हुई, जिसमें गीता वालिया पर दोष सिद्ध हो गया। कार्यालय मुख्य निर्वाचन आयुक्त उत्तर प्रदेश राज्य सहकारी समिति निर्वाचन आयोग लखनऊ ने गीता वालिया को निष्कासित करने के आदेश दिए। उसे 5 वर्ष के लिए चुनाव लड़ने के लिए भी अयोग्य घोषित किया गया। इस षड्यंत्र में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए। घटना में शामिल तत्कालीन सभी अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के भी आदेश दिए गए।
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बुढ़ाना। डीसीडीएफ के चुनाव में गीता वालिया शामली ने अधिकारियों से साज कर प्रतिनिधि सूची में कर्ण सिंह के स्थान पर अपना नाम दर्ज करवा लिया था। बुढ़ाना निवासी सचिन जैन की शिकायत पर मामला उत्तर प्रदेश सहकारी निर्वाचन आयोग में पहुंच गया। आयोग ने तथ्यों के आधार पर सुनवाई करते हुए कूटरचित तरीके से सूची में नाम शामिल करवाने वाली गीता वालिया को निष्कासित कर दिया, उसे 5 वर्ष के लिए चुनाव लड़ने से भी अयोग्य घोषित कर दिया।
जिला सहकारी विकास संघ लि0 मुजफ्फरनगर की प्रबंध समिति के चुनाव में कर्ण सिंह प्रतिनिधि निर्वाचित हुए थे। इनके स्थान पर कूटरचित तरीके से शामली निवासी गीता वालिया पत्नी सुखचैन वालिया ने अधिकारियों से साज खाकर सूची में कर्ण सिंह के स्थान पर अपना नाम शामिल करवा लिया था। साथ ही संचालक नियुक्त हो गई थीं। सारे मामले की शिकायत बुढ़ाना निवासी सचिन जैन ने उत्तर प्रदेश सहकारी निर्वाचन आयोग में की थी। आयोग में मामले की सुनवाई हुई, जिसमें गीता वालिया पर दोष सिद्ध हो गया। कार्यालय मुख्य निर्वाचन आयुक्त उत्तर प्रदेश राज्य सहकारी समिति निर्वाचन आयोग लखनऊ ने गीता वालिया को निष्कासित करने के आदेश दिए। उसे 5 वर्ष के लिए चुनाव लड़ने के लिए भी अयोग्य घोषित किया गया। इस षड्यंत्र में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए। घटना में शामिल तत्कालीन सभी अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के भी आदेश दिए गए।
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