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शुकतीर्थ में गंगा का जलस्तर बढ़ा, गंगा घाट पानी में डूबा
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शुकतीर्थ गंगा घाट पानी से डुबा हुआ।
- फोटो : KHATAULI
शुकतीर्थ में गंगा का जलस्तर बढ़ा, गंगा घाट पानी में डूबा
मोरना। शिवालिक की पहाड़ियों में हो रही लगातार भारी बारिश के चलते शुकतीर्थ गंगा का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ने लगी है। बढ़ते जलस्तर से शुकतीर्थ गंगा घाट भी पानी में डूब गया है। तहसीलदार जानसठ ने गंगा खादर का जायजा लेकर कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं।
उत्तराखंड की पहाड़ियों पर भारी बारिश के पानी ने गंगा खादर शुकतीर्थ में दस्तक देने से क्षेत्र के ग्रामीणों के बीच बेचैनी का आलम बना हुआ है। गांव मजलिसपुर तौफीर, महाराज नगर, सिताबपुरी, नया गांव, इंच्छावाला, बिहारगढ़ आदि गांवों सहित गंगा बैराज खादर में पानी का फैलाव लगातार बढ़ता जा रहा है। गंगा खादर में आए गंगा का पानी किसानों के खेतों में खड़ी फसलों में घुसना प्रारंभ हो गया। गंगा खादर के किसानों को फसल खराब होने का डर सताने लगा है। बढ़ता जलस्तर शुकतीर्थ गंगा खादर शुकदेव सेतू पुल की तलहटी से निकट बह रहा है। घाट पर पानी भर जाने से पुरोहितों ने ऊंचे स्थान से पूजा अर्चना कराने का कार्य करना शुरू कर दिया है। जानसठ तहसीलदार जसविंद्र सिंह ने बताया कि गंगा पुल के नीचे मृत गाय का शव अटका होने की सूचना मिली। जिसके लिए मोरना पशु चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर अखिलेश कुमार, डाक्टर रविद्वीप सिंह आदि की टीम सहित गांव प्रधान सुशील शर्मा को मौके पर बुलाया गया। गाय के शव को निकालने के प्रयास शुरू करा दिए गए हैं। वहीं पुल के पिलरों में फंसे घास फूस को हटवाने के आदेश दिए गए हैं।
सेतु पुल की टूटी लोहे की ग्रिल बन सकती है बड़े हादसे का सबब
शुकतीर्थ गंगा खादर में जाने के लिए गंगा पुल को बनाया गया है। जिस पर राहगीरों के बचाव के लिए दोनों ओर लोहे की ग्रिल लगाई गई है। हाल में पुल की ग्रिल टूटकर गंगा के पानी में बहकर आए कबाड़ और घास फूस पर टिकी हुई है। शायद सिंचाई विभाग को किसी बड़े हादसे होने का इंतजार है। तब कही जाकर पुल ग्रिल मरम्मत कराए जाने की याद आए। चौधरी चरणसिंह मध्य गंगा बैराज पर तैनात जेई पीयूष सिंह ने बताया कि गंगा कमांड हरिद्वार से गंगा में शनिवार की सुबह छह बजे 1 लाख 13 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिसका असर नजर आने लगा है। गंगा बैराज बिजनौर शाम चार बजे तक 72 हजार 153 क्यूसेक पानी मध्य गंगा बैराज से नीचे की ओर छोड़ा जा रहा है। स्थिति कंट्रोल में है।
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मोरना। शिवालिक की पहाड़ियों में हो रही लगातार भारी बारिश के चलते शुकतीर्थ गंगा का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ने लगी है। बढ़ते जलस्तर से शुकतीर्थ गंगा घाट भी पानी में डूब गया है। तहसीलदार जानसठ ने गंगा खादर का जायजा लेकर कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं।
उत्तराखंड की पहाड़ियों पर भारी बारिश के पानी ने गंगा खादर शुकतीर्थ में दस्तक देने से क्षेत्र के ग्रामीणों के बीच बेचैनी का आलम बना हुआ है। गांव मजलिसपुर तौफीर, महाराज नगर, सिताबपुरी, नया गांव, इंच्छावाला, बिहारगढ़ आदि गांवों सहित गंगा बैराज खादर में पानी का फैलाव लगातार बढ़ता जा रहा है। गंगा खादर में आए गंगा का पानी किसानों के खेतों में खड़ी फसलों में घुसना प्रारंभ हो गया। गंगा खादर के किसानों को फसल खराब होने का डर सताने लगा है। बढ़ता जलस्तर शुकतीर्थ गंगा खादर शुकदेव सेतू पुल की तलहटी से निकट बह रहा है। घाट पर पानी भर जाने से पुरोहितों ने ऊंचे स्थान से पूजा अर्चना कराने का कार्य करना शुरू कर दिया है। जानसठ तहसीलदार जसविंद्र सिंह ने बताया कि गंगा पुल के नीचे मृत गाय का शव अटका होने की सूचना मिली। जिसके लिए मोरना पशु चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर अखिलेश कुमार, डाक्टर रविद्वीप सिंह आदि की टीम सहित गांव प्रधान सुशील शर्मा को मौके पर बुलाया गया। गाय के शव को निकालने के प्रयास शुरू करा दिए गए हैं। वहीं पुल के पिलरों में फंसे घास फूस को हटवाने के आदेश दिए गए हैं।
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सेतु पुल की टूटी लोहे की ग्रिल बन सकती है बड़े हादसे का सबब
शुकतीर्थ गंगा खादर में जाने के लिए गंगा पुल को बनाया गया है। जिस पर राहगीरों के बचाव के लिए दोनों ओर लोहे की ग्रिल लगाई गई है। हाल में पुल की ग्रिल टूटकर गंगा के पानी में बहकर आए कबाड़ और घास फूस पर टिकी हुई है। शायद सिंचाई विभाग को किसी बड़े हादसे होने का इंतजार है। तब कही जाकर पुल ग्रिल मरम्मत कराए जाने की याद आए। चौधरी चरणसिंह मध्य गंगा बैराज पर तैनात जेई पीयूष सिंह ने बताया कि गंगा कमांड हरिद्वार से गंगा में शनिवार की सुबह छह बजे 1 लाख 13 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिसका असर नजर आने लगा है। गंगा बैराज बिजनौर शाम चार बजे तक 72 हजार 153 क्यूसेक पानी मध्य गंगा बैराज से नीचे की ओर छोड़ा जा रहा है। स्थिति कंट्रोल में है।
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