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यूपी बोर्ड परीक्षा का महाकुंभ आज से, जिले को 16 सेक्टरों और चार जोन में बाटा
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 06 Feb 2018 12:15 AM IST
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टीवी पर कक्षों में छात्रों के बैठने की व्यवस्था देखते प्रधानाचार्य।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा का महाकुंभ मंगलवार (आज) से प्रारंभ होगा। हाईस्कूल में पहला पेपर सुबह 7.30 बजे से गृह विज्ञान (बालिका वर्ग), कक्षा 12वीं में हिंदी प्रथम भी सुबह की पाली में होगा, जबकि दोपहर दो बजे से इंटर वर्ग में ही सामान्य हिंदी का पेपर होगा। नकल रोकने के लिए परीक्षा सेंटरों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। परीक्षा के मद्देनजर जनपद को 16 सेक्टरों और चार जोन में बांटा गया है। प्रत्येक तहसील को जोन में तब्दील किया गया है।
परीक्षा के लिए सोमवार को डीआईओएस कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी तैयारियों में व्यस्त रहे। परीक्षा सेंटर पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई, जबकि व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। नगर और देहात में कॉलेज सीटिंग व्यवस्था बनाने में लगे रहे। प्रत्येक परीक्षा सेंटर को कैमरों की निगरानी में रखा गया है।
यहां पर सेक्टर अधिकारी निरीक्षण करेंगे। हाईस्कूल की परीक्षाएं 22 फरवरी तथा इंटरमीडिएट वर्ग की परीक्षा 12 मार्च को संपन्न होगी। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि पहले दिन यदि कोई परीक्षार्थी आधार कार्ड नहीं ला पाता है तो उसे परीक्षा से नहीं रोका जाएगा। कक्ष निरीक्षकों की हाजिरी बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से लगेगी।
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पांच फ्लाइंग स्क्वॉड करेंगे निगरानी
मुजफ्फरनगर। परीक्षा केंद्रों की जांच और कार्रवाई के लिए पांच फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों का गठन किया गया है। सचल टीम के मुख्य प्रभारी खुद डीआईओएस मुनेश कुमार हैं। इसके अलावा एक टीम में जीआईसी शिक्षक नितिन कुमार, बीएसए चंद्रकेश सिंह यादव, जीआईसी प्रधानाचार्य रमेशचंद शर्मा, डीआईओएस कार्यालय के वित्त एवं लेखाधिकारी अशोक कुमार सचल दल के प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। यह टीमें परीक्षा में नकल और अन्य गतिविधियों की निगरानी में रहेगी।
61443 छात्र-छात्राएं देंगे परीक्षा
मुजफ्फरनगर। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट वर्ग में इस साल परीक्षा में 61443 छात्र-छात्राएं भाग लेंगे। इनमें सबसे अधिक छात्र सदर तहसील में हैं। यहां करीब 30960 परीक्षार्थी हैं, जबकि परीक्षा में ड्यूटी के लिए 3500 शिक्षकों को तैनात किया गया है।
पुलिस बल भी रहेगा तैनात
परीक्षा सेंटरों के बाहर पुलिस तैनात किया गया है, ताकि कोई गड़बड़ी न हो सके। इसके अलावा जहां सेंटर बने हैं, वहां प्रबंधकों को जाने की अनुमति नहीं रहेगी। प्रबंधक परीक्षा केंद्र के 200 मीटर की दूरी पर रहेंगे।
परीक्षार्थियों पर एक नजर (संस्थागत)
क्षेत्र---------हाईस्कूल-------इंटर
खतौली--------4749--------3661
बुढ़ाना----ज-----5254--------4145
सदर----------16412-------12400
जानसठ---------5591-------4449
प्राइवेट वर्ग के क्षेत्रवार परीक्षार्थी
क्षेत्र--------हाईस्कूल--------इंटर
खतौली-------600----------656
बुढ़ाना--------70-----------230
सदर---------398----------1750
जानसठ-------37-----------1041
हरदोई में पेपर आउट से परीक्षा में व्यवधान
यूपी बोर्ड परीक्षा से पहले हरदोई में हाईस्कूल के पेपर आउट हो गए। यहां से हिंदी, इंग्लिश और गणित का पेपर भी शामिल है। पेपर आउट होने से यूपी के 13 जनपदों में परीक्षा की तैयारियों में व्यवधान पड़ गया, क्योंकि बुधवार को हिंदी की परीक्षा होनी है, जबकि पेपर आउट होने में हिंदी का प्रश्न-पत्र भी है।
इसका असर जनपद तक पहुंचा तो अफसरों में हड़कंप मच गया। तत्काल बोर्ड ने जहां-जहां एक कोड के पेपर जारी किए गए थे, उन्हें बदला गया है। इसको लेकर जीआईसी दिनभर नए कोड से जारी हुए पेपरों को वितरित करने का कार्य किया गया।
यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं मंगलवार (आज) प्रारंभ होनी है। परीक्षा से दो दिन पूर्व शनिवार को हरदोई जिले में एक सेंटर से हाईस्कूल परीक्षा के पांच पेपर आउट हो गए। इससे बोर्ड और शासन में हड़कंप मच गया।
जांच की गई तो प्रश्न-पत्र हिंदी (कोड-802), इंग्लिश (कोड-817), विज्ञान (कोड-824), सामाजिक विज्ञान (कोड-825), प्रारंभिक गणित (कोड-726) पेपर का बंडल नहीं मिल सका है, जिसके चलते हरदोई, मथुरा, बुलंदशहर, रामपुर, संभल, कानपुर (नगर), हमीरपुर, इलाहाबाद, सुल्तानपुर, बस्ती, गोरखपुर और मुजफ्फरनगर जिलों में पेपर आउट होने से हड़कंप मच गया।
प्रश्नपत्रों के आउट होने की गूंज शासन तक पहुंच गई। इस पर प्रशासनिक मशीनरी हरकत में आई। आनन-फानन में आउट हुए पेपर के स्थान पर दूसरे कोड के प्रश्न-पत्रों को 13 जनपदों में भिजवाया गया।
जनपद में भी रविवार शाम तक पेपर भेजे गए। ऐसे में डीआईओएस स्तर से सभी सेंटरों पर पूर्व में वितरित किए गए प्रश्न-पत्रों को तत्काल जीआईसी में मंगवाया। नगर-देहात में परीक्षा के लिए 74 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिन पर सूचना भेजी गई।
सोमवार को केंद्रों से पुराने कोड के पेपर वापस लिए गए, जबकि नए कोड से उन्हें पेपर वितरित किए गए। इस प्रक्रिया में डीआईओएस कार्यालय का पूरा दिन बीत गया। डीआईओएस मुनेश कुमार ने बताया कि शासन के आदेश पर कुछ पेपरों में तब्दीली की गई है, जिसके चलते उन्हें बदला गया है, हालांकि यह बदलाव किस कारण से किया है। इसकी जानकारी नहीं है। कर्मचारियों को लगाकर पेपर बदले गए हैं।
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परीक्षा के लिए सोमवार को डीआईओएस कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी तैयारियों में व्यस्त रहे। परीक्षा सेंटर पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई, जबकि व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। नगर और देहात में कॉलेज सीटिंग व्यवस्था बनाने में लगे रहे। प्रत्येक परीक्षा सेंटर को कैमरों की निगरानी में रखा गया है।
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यहां पर सेक्टर अधिकारी निरीक्षण करेंगे। हाईस्कूल की परीक्षाएं 22 फरवरी तथा इंटरमीडिएट वर्ग की परीक्षा 12 मार्च को संपन्न होगी। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि पहले दिन यदि कोई परीक्षार्थी आधार कार्ड नहीं ला पाता है तो उसे परीक्षा से नहीं रोका जाएगा। कक्ष निरीक्षकों की हाजिरी बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से लगेगी।
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पांच फ्लाइंग स्क्वॉड करेंगे निगरानी
मुजफ्फरनगर। परीक्षा केंद्रों की जांच और कार्रवाई के लिए पांच फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों का गठन किया गया है। सचल टीम के मुख्य प्रभारी खुद डीआईओएस मुनेश कुमार हैं। इसके अलावा एक टीम में जीआईसी शिक्षक नितिन कुमार, बीएसए चंद्रकेश सिंह यादव, जीआईसी प्रधानाचार्य रमेशचंद शर्मा, डीआईओएस कार्यालय के वित्त एवं लेखाधिकारी अशोक कुमार सचल दल के प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। यह टीमें परीक्षा में नकल और अन्य गतिविधियों की निगरानी में रहेगी।
61443 छात्र-छात्राएं देंगे परीक्षा
मुजफ्फरनगर। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट वर्ग में इस साल परीक्षा में 61443 छात्र-छात्राएं भाग लेंगे। इनमें सबसे अधिक छात्र सदर तहसील में हैं। यहां करीब 30960 परीक्षार्थी हैं, जबकि परीक्षा में ड्यूटी के लिए 3500 शिक्षकों को तैनात किया गया है।
पुलिस बल भी रहेगा तैनात
परीक्षा सेंटरों के बाहर पुलिस तैनात किया गया है, ताकि कोई गड़बड़ी न हो सके। इसके अलावा जहां सेंटर बने हैं, वहां प्रबंधकों को जाने की अनुमति नहीं रहेगी। प्रबंधक परीक्षा केंद्र के 200 मीटर की दूरी पर रहेंगे।
परीक्षार्थियों पर एक नजर (संस्थागत)
क्षेत्र---------हाईस्कूल-------इंटर
खतौली--------4749--------3661
बुढ़ाना----ज-----5254--------4145
सदर----------16412-------12400
जानसठ---------5591-------4449
प्राइवेट वर्ग के क्षेत्रवार परीक्षार्थी
क्षेत्र--------हाईस्कूल--------इंटर
खतौली-------600----------656
बुढ़ाना--------70-----------230
सदर---------398----------1750
जानसठ-------37-----------1041
हरदोई में पेपर आउट से परीक्षा में व्यवधान
यूपी बोर्ड परीक्षा से पहले हरदोई में हाईस्कूल के पेपर आउट हो गए। यहां से हिंदी, इंग्लिश और गणित का पेपर भी शामिल है। पेपर आउट होने से यूपी के 13 जनपदों में परीक्षा की तैयारियों में व्यवधान पड़ गया, क्योंकि बुधवार को हिंदी की परीक्षा होनी है, जबकि पेपर आउट होने में हिंदी का प्रश्न-पत्र भी है।
इसका असर जनपद तक पहुंचा तो अफसरों में हड़कंप मच गया। तत्काल बोर्ड ने जहां-जहां एक कोड के पेपर जारी किए गए थे, उन्हें बदला गया है। इसको लेकर जीआईसी दिनभर नए कोड से जारी हुए पेपरों को वितरित करने का कार्य किया गया।
यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं मंगलवार (आज) प्रारंभ होनी है। परीक्षा से दो दिन पूर्व शनिवार को हरदोई जिले में एक सेंटर से हाईस्कूल परीक्षा के पांच पेपर आउट हो गए। इससे बोर्ड और शासन में हड़कंप मच गया।
जांच की गई तो प्रश्न-पत्र हिंदी (कोड-802), इंग्लिश (कोड-817), विज्ञान (कोड-824), सामाजिक विज्ञान (कोड-825), प्रारंभिक गणित (कोड-726) पेपर का बंडल नहीं मिल सका है, जिसके चलते हरदोई, मथुरा, बुलंदशहर, रामपुर, संभल, कानपुर (नगर), हमीरपुर, इलाहाबाद, सुल्तानपुर, बस्ती, गोरखपुर और मुजफ्फरनगर जिलों में पेपर आउट होने से हड़कंप मच गया।
प्रश्नपत्रों के आउट होने की गूंज शासन तक पहुंच गई। इस पर प्रशासनिक मशीनरी हरकत में आई। आनन-फानन में आउट हुए पेपर के स्थान पर दूसरे कोड के प्रश्न-पत्रों को 13 जनपदों में भिजवाया गया।
जनपद में भी रविवार शाम तक पेपर भेजे गए। ऐसे में डीआईओएस स्तर से सभी सेंटरों पर पूर्व में वितरित किए गए प्रश्न-पत्रों को तत्काल जीआईसी में मंगवाया। नगर-देहात में परीक्षा के लिए 74 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिन पर सूचना भेजी गई।
सोमवार को केंद्रों से पुराने कोड के पेपर वापस लिए गए, जबकि नए कोड से उन्हें पेपर वितरित किए गए। इस प्रक्रिया में डीआईओएस कार्यालय का पूरा दिन बीत गया। डीआईओएस मुनेश कुमार ने बताया कि शासन के आदेश पर कुछ पेपरों में तब्दीली की गई है, जिसके चलते उन्हें बदला गया है, हालांकि यह बदलाव किस कारण से किया है। इसकी जानकारी नहीं है। कर्मचारियों को लगाकर पेपर बदले गए हैं।