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नदी की 600 बीघा जमीन अवैध कब्जे से मुक्त कराई
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पुरकाजी के चंदन गांव में जमीन को कब्जामुक्त कराते प्रशासनिक कर्मचारी।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
- जमीन पर करीब 25-30 सालों से चले आ रहे थे कब्जे
जमीन को ग्राम प्रधान और लेखपाल की सुपुर्दगी में दिया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। सदर तहसील के उप जिलाधिकारी परमानंद झा ने नदी के खोल की 600 बीघा जमीन अवैध कब्जे से मुक्त कराई है। जमीन पर कुल 23 लोगों का कब्जा था। इस जमीन को ग्राम प्रधान और लेखपाल की सुपुर्दगी में दिया गया है।
तहसील सदर के पुरकाजी क्षेत्र के गांव चंदन की नदी और खोल की लगभग 600 बीघा जमीन पर 25-30 साल से अवैध कब्जे चले आ रहे थे। गलत तरीके से कब्जाधारियों ने रिकार्ड में जमीन भी अपने नाम करा ली थी। यह मामला एसडीएम सदर परमानंद झा के न्यायालय में चल रहा था। झा ने जमीन की मूल पत्रावली निकलवायी तो पता चला कि जमीन नदी और खोल की है, जो किसी को नहीं दी जा सकती और न ही इस पर खेती हो सकती है।
उन्होंने कब्जाधारियों के सभी दावों को निरस्त कर दिया। इसके बाद तहसील की टीम ने मौके पर जाकर जमीन की पैमाईश कराई और जमीन को चंदन गांव के प्रधान और लेखपाल की अभिरक्षा में दे दिया गया। एसडीएम सदर परमानंद झा ने बताया कि जमीन की कीमत लगभग 14 करोड़ है। इस जमीन पर न तो किसी का कब्जा हो सकता है और न ही किसी को यह आवंटित की जा सकती है। जमीन को पूरी तरह कब्जा मुक्त करा दिया गया है।
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जमीन को ग्राम प्रधान और लेखपाल की सुपुर्दगी में दिया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। सदर तहसील के उप जिलाधिकारी परमानंद झा ने नदी के खोल की 600 बीघा जमीन अवैध कब्जे से मुक्त कराई है। जमीन पर कुल 23 लोगों का कब्जा था। इस जमीन को ग्राम प्रधान और लेखपाल की सुपुर्दगी में दिया गया है।
तहसील सदर के पुरकाजी क्षेत्र के गांव चंदन की नदी और खोल की लगभग 600 बीघा जमीन पर 25-30 साल से अवैध कब्जे चले आ रहे थे। गलत तरीके से कब्जाधारियों ने रिकार्ड में जमीन भी अपने नाम करा ली थी। यह मामला एसडीएम सदर परमानंद झा के न्यायालय में चल रहा था। झा ने जमीन की मूल पत्रावली निकलवायी तो पता चला कि जमीन नदी और खोल की है, जो किसी को नहीं दी जा सकती और न ही इस पर खेती हो सकती है।
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उन्होंने कब्जाधारियों के सभी दावों को निरस्त कर दिया। इसके बाद तहसील की टीम ने मौके पर जाकर जमीन की पैमाईश कराई और जमीन को चंदन गांव के प्रधान और लेखपाल की अभिरक्षा में दे दिया गया। एसडीएम सदर परमानंद झा ने बताया कि जमीन की कीमत लगभग 14 करोड़ है। इस जमीन पर न तो किसी का कब्जा हो सकता है और न ही किसी को यह आवंटित की जा सकती है। जमीन को पूरी तरह कब्जा मुक्त करा दिया गया है।
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