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Muzaffarnagar News: सफाई में गोलमाल...गांव की सफाई पर 32.40 लाख रुपये साफ
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बागपत। सरूरपुर कलां ग्राम पंचायत की सफाई तथा गोशाला के केयर टेकर का भुगतान देखकर एडीओ पंचायत हैरान रह गए। यहां सफाई कराने के नाम पर एक साल में 32.40 लाख रुपये खर्च कर दिए गए। गोशाला के केयर टेकर को एक साल में 7.80 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। एडीओ ने तत्कालीन पंचायत सचिव के डिजिटल हस्ताक्षर सर्टिफिकेट को अनअप्रूव कर करोड़ों रुपये के खर्च का रिकाॅर्ड तलब किया और सचिव को निलंबित कर दिया।
एडीओ पंचायत सुधीर कुमार ने तत्कालीन पंचायत सचिव को भेजे नोटिस में कहा कि राजेंद्र सिंह की शिकायत पर जांच में अनियमितता मिलने पर डीएम ने कार्रवाई का निर्देश दिया है। सरूरपुर कलां ग्राम पंचायत में एक साल में गोशाला की केयर टेकर विमला को 7.80 लाख रुपये का भुगतान किया गया। केयर टेकर को हर बार 70 हजार रुपये का भुगतान किया गया। प्रधान का मानदेय पांच हजार रुपये है लेकिन भुगतान दिया गया छह हजार रुपये प्रतिमाह। पंचायत सचिव का कारनामा देखिए कि पंचायत सहायक का प्रति माह मानदेय छह हजार रुपये है लेकिन भुगतान 7200 रुपये की दर से किया गया। एक साल में सरूरपुर कलां गांव में सफाई कराने पर 32.40 लाख रुपये खर्च कर दिए गए। एक साल में इतनी बड़ी राशि सफाई पर खर्च करना संदिग्ध है। ग्राम पंचायत को वर्ष 2024-25 में 1.13 करोड़ रुपये से ज्यादा मिले, जिनमें 91.24 लाख रुपये खर्च किए गए। पंचायत सचिव उपदेश कुमार ने बजट खर्च का न तो उपभोग प्रमाण दिया और न कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया। अब एडीओ ने उनका डिजिटल हस्ताक्षर सर्टिफिकेट को अनअप्रूव कर चेतावनी दी कि जब तक पूर्व तथा वर्तमान तैनाती के दौरान के बजट खर्च का पूरा ब्योरा नहीं दिया जाएगा तब तक डिजिटल हस्ताक्षर सर्टिफिकेट अप्रूव नहीं किया जाएगा। डीडीओ राहुल कुमार वर्मा ने सरूरपुर कलां के तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव उपदेश कुमार को निलंबित कर दिया है।
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एडीओ पंचायत सुधीर कुमार ने तत्कालीन पंचायत सचिव को भेजे नोटिस में कहा कि राजेंद्र सिंह की शिकायत पर जांच में अनियमितता मिलने पर डीएम ने कार्रवाई का निर्देश दिया है। सरूरपुर कलां ग्राम पंचायत में एक साल में गोशाला की केयर टेकर विमला को 7.80 लाख रुपये का भुगतान किया गया। केयर टेकर को हर बार 70 हजार रुपये का भुगतान किया गया। प्रधान का मानदेय पांच हजार रुपये है लेकिन भुगतान दिया गया छह हजार रुपये प्रतिमाह। पंचायत सचिव का कारनामा देखिए कि पंचायत सहायक का प्रति माह मानदेय छह हजार रुपये है लेकिन भुगतान 7200 रुपये की दर से किया गया। एक साल में सरूरपुर कलां गांव में सफाई कराने पर 32.40 लाख रुपये खर्च कर दिए गए। एक साल में इतनी बड़ी राशि सफाई पर खर्च करना संदिग्ध है। ग्राम पंचायत को वर्ष 2024-25 में 1.13 करोड़ रुपये से ज्यादा मिले, जिनमें 91.24 लाख रुपये खर्च किए गए। पंचायत सचिव उपदेश कुमार ने बजट खर्च का न तो उपभोग प्रमाण दिया और न कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया। अब एडीओ ने उनका डिजिटल हस्ताक्षर सर्टिफिकेट को अनअप्रूव कर चेतावनी दी कि जब तक पूर्व तथा वर्तमान तैनाती के दौरान के बजट खर्च का पूरा ब्योरा नहीं दिया जाएगा तब तक डिजिटल हस्ताक्षर सर्टिफिकेट अप्रूव नहीं किया जाएगा। डीडीओ राहुल कुमार वर्मा ने सरूरपुर कलां के तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव उपदेश कुमार को निलंबित कर दिया है।
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