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Muzaffarnagar News: पूर्व विधायक ने पठान से कहा था खुलकर खेलो...मैं हूं ना
Thu, 17 Jul 2025 12:28 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 17 Jul 2025 12:28 AM IST
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मुजफ्फरनगर। मुख्तार अंसारी और संजीव जीवा गिरोह के लिए काम करने वाला शाहरुख पठान असलियत में पूर्व विधायक के इशारे पर चल रहा था। विवादित जमीन कब्जाने और बेचने के लिए इस खेल में प्रॉपर्टी डीलर और एक वकील का नाम भी एसटीएफ की जांच में आया है। एसटीएफ के सक्रियता बढ़ाते ही पूर्व विधायक के खेमे में हलचल शुरू हो गई है।
खालापार निवासी हिस्ट्रीशीटर शाहरुख पठान के मारे जाने के बाद एक के बाद एक मामलों की परतें जांच में खुल रही है। मोबाइल डिटेल और अन्य तथ्यों के आधार पर एसटीएफ साक्ष्य एकत्र करने में जुटी हुई है। अपने विधानसभा क्षेत्र में दिल्ली और लखनऊ तक पहुंच बताने वाले पूर्व विधायक का नाम आते ही यह मामला और अधिक गरमाने लगा है।
जांच शुरू होते ही पूर्व विधायक के खेमे के लोग भी हरकत में आ गए हैं। वर्ष 2027 में पूर्व विधायक को जिले की एक विधानसभा सीट से टिकट का दावेदार भी बताया जा रहा है। संगठन ने भी इस प्रकरण पर अंदरूनी संज्ञान लेना शुरू कर दिया है।
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धोखे से कर दी थी कंबल व्यापारी की हत्या
कुख्यात संजीव जीवा के कहने पर शाहरुख पठान ने हरिद्वार में 2017 में कंबल व्यापारी अमित दीक्षित की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस जांच में सामने आया था कि शाहरुख किसी दूसरे व्यक्ति की हत्या करने गया था, लेकिन धोखे से व्यापारी की हत्या कर दी गई थी। तब पहली बार यह बात खुल कर सामने आ गई थी कि शाहरुख पठान जीवा गिरोह के लिए काम करता है।
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इस तरह पूर्व विधायक के संपर्क में आया पठान
व्यापारी की हत्या के मामले में जीवा के साथ पठान को भी उम्रकैद की सजा हुई थी। बाद में जमानत मिली तो वह हरिद्वार जेल से बाहर आया और प्रॉपर्टी का काम शुरू किया। यहां से वह पूर्व विधायक के संपर्क में आया और खुलकर खेलने लगा। शहर से सटे क्षेत्र का प्रॉपर्टी डीलर और खुद को वकील बताने वाला व्यक्ति भी जुड़ गया। पूर्व विधायक, शाहरुख पठान, प्रॉपर्टी डीलर और वकील ने गठजोड़ बनाया। एसटीएफ जांच कर रही है कि इसमें और कौन लोग शामिल रहे हैं। अब एसटीएफ यह पता लगाने में जुटी है कि शाहरुख के बनाए हुए गठजोड़ में जो वकील प्रकाश में आ रहा है, वह वास्तव में वकील है या फिर उसका नाम वकील है। वकील खालापार क्षेत्र का रहने वाला है। इसी के चलते एसटीएफ खालापार क्षेत्र में निगरानी कर रही है।
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क्या है मामला
14 जुलाई की आधी रात के बाद मेरठ की एसटीएफ ने छपार के बिजाेपुरा गांव के जंगल में मुख्तार अंसारी व संजीव जीवा गिरोह के शूटर खालापार निवासी हिस्ट्रीशीटर शाहरुख पठान को मार गिराया था। एसटीएफ की जांच में आया है कि शाहरुख जेल से जमानत पर आने के बाद प्रॉपर्टी कब्जाने, अपने मुकदमों के गवाहों व वादी को धमकाने का काम कर रहा था। टीम ने जांच शुरू की है।
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खालापार निवासी हिस्ट्रीशीटर शाहरुख पठान के मारे जाने के बाद एक के बाद एक मामलों की परतें जांच में खुल रही है। मोबाइल डिटेल और अन्य तथ्यों के आधार पर एसटीएफ साक्ष्य एकत्र करने में जुटी हुई है। अपने विधानसभा क्षेत्र में दिल्ली और लखनऊ तक पहुंच बताने वाले पूर्व विधायक का नाम आते ही यह मामला और अधिक गरमाने लगा है।
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जांच शुरू होते ही पूर्व विधायक के खेमे के लोग भी हरकत में आ गए हैं। वर्ष 2027 में पूर्व विधायक को जिले की एक विधानसभा सीट से टिकट का दावेदार भी बताया जा रहा है। संगठन ने भी इस प्रकरण पर अंदरूनी संज्ञान लेना शुरू कर दिया है।
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धोखे से कर दी थी कंबल व्यापारी की हत्या
कुख्यात संजीव जीवा के कहने पर शाहरुख पठान ने हरिद्वार में 2017 में कंबल व्यापारी अमित दीक्षित की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस जांच में सामने आया था कि शाहरुख किसी दूसरे व्यक्ति की हत्या करने गया था, लेकिन धोखे से व्यापारी की हत्या कर दी गई थी। तब पहली बार यह बात खुल कर सामने आ गई थी कि शाहरुख पठान जीवा गिरोह के लिए काम करता है।
इस तरह पूर्व विधायक के संपर्क में आया पठान
व्यापारी की हत्या के मामले में जीवा के साथ पठान को भी उम्रकैद की सजा हुई थी। बाद में जमानत मिली तो वह हरिद्वार जेल से बाहर आया और प्रॉपर्टी का काम शुरू किया। यहां से वह पूर्व विधायक के संपर्क में आया और खुलकर खेलने लगा। शहर से सटे क्षेत्र का प्रॉपर्टी डीलर और खुद को वकील बताने वाला व्यक्ति भी जुड़ गया। पूर्व विधायक, शाहरुख पठान, प्रॉपर्टी डीलर और वकील ने गठजोड़ बनाया। एसटीएफ जांच कर रही है कि इसमें और कौन लोग शामिल रहे हैं। अब एसटीएफ यह पता लगाने में जुटी है कि शाहरुख के बनाए हुए गठजोड़ में जो वकील प्रकाश में आ रहा है, वह वास्तव में वकील है या फिर उसका नाम वकील है। वकील खालापार क्षेत्र का रहने वाला है। इसी के चलते एसटीएफ खालापार क्षेत्र में निगरानी कर रही है।
क्या है मामला
14 जुलाई की आधी रात के बाद मेरठ की एसटीएफ ने छपार के बिजाेपुरा गांव के जंगल में मुख्तार अंसारी व संजीव जीवा गिरोह के शूटर खालापार निवासी हिस्ट्रीशीटर शाहरुख पठान को मार गिराया था। एसटीएफ की जांच में आया है कि शाहरुख जेल से जमानत पर आने के बाद प्रॉपर्टी कब्जाने, अपने मुकदमों के गवाहों व वादी को धमकाने का काम कर रहा था। टीम ने जांच शुरू की है।