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किसानों के हक के लिए भाकियू का धरना
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर।
Updated Sun, 28 Jan 2018 12:27 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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खतौली। भाकियू कार्यकर्ता गन्ना सप्लाई के ओवरलोड समायोजन को निरस्त करने तथा किसानों की अन्य ज्वलंत समस्याओं का समाधान कराने की मांग को लेकर तहसील में गन्ने से लदी ट्रैक्टर-ट्रालियों को लेकर पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने तहसील में धरना दिया। धरने पर पहुंचे डीसीओ समेत गन्ना समिति व मिल अधिकारियों तथा तहसीलदार द्वारा किसानों की सभी मांगों को पूरा करने पर भाकियू ने घंटों बाद धरना समाप्त किया।
भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत के नेतृत्व में कार्यकर्ता शनिवार की सुबह करीब 11 बजे गन्ने से लदी ट्रैक्टर ट्रॉलियों को लेकर तहसील में पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए तहसील में धरना प्रारंभ कर दिया। धरने पर राजू अहलावत ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगों को एक घंटे के भीतर पूरा नहीं किया गया तो वे गन्नों को एसडीएम कार्यालय में भर देंगे।
इस चेतावनी से तहसील में हड़कंप मच गया। सूचना पर डीसीओ ओमप्रकाश यादव, ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक विश्वामित्र पाठक, गन्ना समिति सचिव सुभाष चंद यादव, शुगर मिल के सहायक गन्ना प्रबंधक एके सिंह व तहसीलदार अमित कुमार धरने पर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने इन अधिकारियों को धरने पर अपने बीच बैठा लिया। कार्यकर्ता धरने पर शुगर मिल के जीएम डॉ अशोक कुमार को धरने पर बुलाने पर अड़ गए। इस दौरान अधिकारियों को कार्यकर्ताओं का गुस्सा भी झेलना पड़ा। धरने पर ही डीसीओ ने अधिकारियों से मंत्रणा की।
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इसके बाद अधिकारियों द्वारा भाकियू की सभी मांगों को पूरा करते हुए 21 हजार किसानों का काटा गया साढ़े चार लाख क्विंटल का ओवरलोड गन्ने को वापस लेने की भी मांग पूरी की। इसके अलावा 20 हजार क्विंटल गन्ने का 29 जनवरी तक प्रतिदिन इंडेंट काटने तथा 30 जनवरी से प्रतिदिन 50 हजार क्विंटल गन्ने का इंडेंट काटने की मांग मान ली गई। तहसील में लेकर आए किसानों के गन्नों को मिल अधिकारियों द्वारा स्पेशल पर्ची देकर अलग से गन्ना तुलवाया गया। तहसीलदार द्वारा सोमवार से गांव-गांव में कैंप राशन कार्ड बनाने की भी मांग मान ली, तब कहीं जाकर घंटों बाद भाकियू ने धरना समाप्त किया। धरने की अध्यक्षता भूपत सिंह ने की तथा संचालन मनोज सहरावत ने किया। प्रवेेंद्र ढाका, ब्लाक अध्यक्ष कपिल सोम, बिटटू तिगाई, जोगेंद्र, सुनील प्रधान, अंकुर मुखिया, उज्ज्वल त्यागी, आकाश मलिक आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।
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भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत के नेतृत्व में कार्यकर्ता शनिवार की सुबह करीब 11 बजे गन्ने से लदी ट्रैक्टर ट्रॉलियों को लेकर तहसील में पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए तहसील में धरना प्रारंभ कर दिया। धरने पर राजू अहलावत ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगों को एक घंटे के भीतर पूरा नहीं किया गया तो वे गन्नों को एसडीएम कार्यालय में भर देंगे।
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इस चेतावनी से तहसील में हड़कंप मच गया। सूचना पर डीसीओ ओमप्रकाश यादव, ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक विश्वामित्र पाठक, गन्ना समिति सचिव सुभाष चंद यादव, शुगर मिल के सहायक गन्ना प्रबंधक एके सिंह व तहसीलदार अमित कुमार धरने पर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने इन अधिकारियों को धरने पर अपने बीच बैठा लिया। कार्यकर्ता धरने पर शुगर मिल के जीएम डॉ अशोक कुमार को धरने पर बुलाने पर अड़ गए। इस दौरान अधिकारियों को कार्यकर्ताओं का गुस्सा भी झेलना पड़ा। धरने पर ही डीसीओ ने अधिकारियों से मंत्रणा की।
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इसके बाद अधिकारियों द्वारा भाकियू की सभी मांगों को पूरा करते हुए 21 हजार किसानों का काटा गया साढ़े चार लाख क्विंटल का ओवरलोड गन्ने को वापस लेने की भी मांग पूरी की। इसके अलावा 20 हजार क्विंटल गन्ने का 29 जनवरी तक प्रतिदिन इंडेंट काटने तथा 30 जनवरी से प्रतिदिन 50 हजार क्विंटल गन्ने का इंडेंट काटने की मांग मान ली गई। तहसील में लेकर आए किसानों के गन्नों को मिल अधिकारियों द्वारा स्पेशल पर्ची देकर अलग से गन्ना तुलवाया गया। तहसीलदार द्वारा सोमवार से गांव-गांव में कैंप राशन कार्ड बनाने की भी मांग मान ली, तब कहीं जाकर घंटों बाद भाकियू ने धरना समाप्त किया। धरने की अध्यक्षता भूपत सिंह ने की तथा संचालन मनोज सहरावत ने किया। प्रवेेंद्र ढाका, ब्लाक अध्यक्ष कपिल सोम, बिटटू तिगाई, जोगेंद्र, सुनील प्रधान, अंकुर मुखिया, उज्ज्वल त्यागी, आकाश मलिक आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।