{"_id":"5f5a718c8ebc3e43a36813c7","slug":"first-training-center-of-district-started-in-police-line-muzaffarnagar-news-mrt5007011174","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस लाइन में शुरू हुआ जिले का पहला प्रशिक्षण केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस लाइन में शुरू हुआ जिले का पहला प्रशिक्षण केंद्र
विज्ञापन
पुलिस लाइन में कार्यालय का शुभारंभ करते एडीजी।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस लाइन में शुरू हुआ जिले का पहला प्रशिक्षण केंद्र
मुजफ्फरनगर। जनपद पुलिस लाइन में प्रदेश का पहला जिला प्रशिक्षण केंद्र शुरू किया गया है। एडीजी राजीव सभरवाल ने बृहस्पतिवार को इस प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया। विवेचनाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए प्रशिक्षण केंद्र में जनपद के सभी चार सौ से अधिक इंस्पेक्टर व दरोगाओं को साल में कम से कम छह बार विवेचना, साइबर क्राइम व अन्य जांच की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों की कार्य कुशलता को बेहतर करने के लिए उन्हें फोरेंसिक, साइबर क्राइम व सर्विलांस का नियमित प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। वहीं, यूपी-112 सेवा से जुड़े पुलिसकर्मियों को भी उपलब्ध डेटा के आधार पर एनालिसिस व क्राइम मैपिंग का प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
एसपी क्राइम व एडिशनल एसपी होंगे नोडल अफसर
मुजफ्फरनगर। प्रदेश के पहले जिला प्रशिक्षण केंद्र में एसपी क्राइम दुर्गेश कुमार सिंह व एडिशनल महिला एसपी दीक्षा सिंह को नोडल अफसर बनाया गया है। इंस्पेक्टर व दरोगाओं को ट्रेनिंग देने के लिए तीन ट्रेनर्स नियुक्त किए गए हैं, जिन्होंने मुुरादाबाद व सीतापुर ट्रेनिंग सेंटर से ट्रेनर कोर्स किया हुआ है। इसके अलावा, प्रशिक्षण केंद्र में समय-समय पर विभिन्न सर्किल के एक्सपर्ट्स भी बुलाए जाएंगे।
विवेचना ट्रेनिंग के लिए बना समीक्षा कक्ष
मुजफ्फरनगर। जिला प्रशिक्षक केंद्र में एक स्पेशल विवेचना समीक्षा कक्ष भी बनाया गया है। इसमें दो इंस्पेक्टर व एक दरोगा समेत पांच पुलिसकर्मियों का स्टाफ नियुक्त किया गया है। एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि केंद्र में प्रशिक्षण के लिए अपने वाले इंस्पेक्टर व दरोगा अपनी विवेचनाएं व केस डायरी साथ लेकर आएंगे, जिनकी उक्त टीम समीक्षा करेगी। ट्रेनिंग पूरी कर जाते समय उन्हें समीक्षा कक्ष में बुलाकर लेटर के माध्यम से विवेचनाओं में की गई कमियों से अवगत कराया जाएगा, जिसके बाद ही संबंधित केस में चार्जशीट लगाई जाएगी।
विज्ञापन
हर हफ्ते चलाएं जाएंगे 20-20 प्रशिक्षुओं के तीन सत्र
मुजफ्फरनगर। एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि जनपद में चार सौ से अधिक इंस्पेक्टर व दरोगा तैनात हैं, जिन्हें लंबे समय से किसी तरह की ट्रेनिंग नहीं मिली है। प्रशिक्षण केंद्र में हर हफ्ते तीन सत्र चलाए जाएंगे, जिनमें एक बार में 20-20 प्रशिक्षुओं को बुलाया जाएगा। हर सत्र में एक ही तरह के मामलों की जांच कर रहे इंस्पेक्टर व दरोगा शामिल होंगे। प्रशिक्षण सत्र को इस तरह तैयार किया गया है कि हर इंस्पेक्टर व दरोगा एक साल में कम से कम छह बार प्रशिक्षण केंद्र में ट्रेनिंग ले सके।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। जनपद पुलिस लाइन में प्रदेश का पहला जिला प्रशिक्षण केंद्र शुरू किया गया है। एडीजी राजीव सभरवाल ने बृहस्पतिवार को इस प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया। विवेचनाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए प्रशिक्षण केंद्र में जनपद के सभी चार सौ से अधिक इंस्पेक्टर व दरोगाओं को साल में कम से कम छह बार विवेचना, साइबर क्राइम व अन्य जांच की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों की कार्य कुशलता को बेहतर करने के लिए उन्हें फोरेंसिक, साइबर क्राइम व सर्विलांस का नियमित प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। वहीं, यूपी-112 सेवा से जुड़े पुलिसकर्मियों को भी उपलब्ध डेटा के आधार पर एनालिसिस व क्राइम मैपिंग का प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
एसपी क्राइम व एडिशनल एसपी होंगे नोडल अफसर
मुजफ्फरनगर। प्रदेश के पहले जिला प्रशिक्षण केंद्र में एसपी क्राइम दुर्गेश कुमार सिंह व एडिशनल महिला एसपी दीक्षा सिंह को नोडल अफसर बनाया गया है। इंस्पेक्टर व दरोगाओं को ट्रेनिंग देने के लिए तीन ट्रेनर्स नियुक्त किए गए हैं, जिन्होंने मुुरादाबाद व सीतापुर ट्रेनिंग सेंटर से ट्रेनर कोर्स किया हुआ है। इसके अलावा, प्रशिक्षण केंद्र में समय-समय पर विभिन्न सर्किल के एक्सपर्ट्स भी बुलाए जाएंगे।
विज्ञापन
विवेचना ट्रेनिंग के लिए बना समीक्षा कक्ष
मुजफ्फरनगर। जिला प्रशिक्षक केंद्र में एक स्पेशल विवेचना समीक्षा कक्ष भी बनाया गया है। इसमें दो इंस्पेक्टर व एक दरोगा समेत पांच पुलिसकर्मियों का स्टाफ नियुक्त किया गया है। एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि केंद्र में प्रशिक्षण के लिए अपने वाले इंस्पेक्टर व दरोगा अपनी विवेचनाएं व केस डायरी साथ लेकर आएंगे, जिनकी उक्त टीम समीक्षा करेगी। ट्रेनिंग पूरी कर जाते समय उन्हें समीक्षा कक्ष में बुलाकर लेटर के माध्यम से विवेचनाओं में की गई कमियों से अवगत कराया जाएगा, जिसके बाद ही संबंधित केस में चार्जशीट लगाई जाएगी।
विज्ञापन
हर हफ्ते चलाएं जाएंगे 20-20 प्रशिक्षुओं के तीन सत्र
मुजफ्फरनगर। एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि जनपद में चार सौ से अधिक इंस्पेक्टर व दरोगा तैनात हैं, जिन्हें लंबे समय से किसी तरह की ट्रेनिंग नहीं मिली है। प्रशिक्षण केंद्र में हर हफ्ते तीन सत्र चलाए जाएंगे, जिनमें एक बार में 20-20 प्रशिक्षुओं को बुलाया जाएगा। हर सत्र में एक ही तरह के मामलों की जांच कर रहे इंस्पेक्टर व दरोगा शामिल होंगे। प्रशिक्षण सत्र को इस तरह तैयार किया गया है कि हर इंस्पेक्टर व दरोगा एक साल में कम से कम छह बार प्रशिक्षण केंद्र में ट्रेनिंग ले सके।