फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Fireworks not sold in Muzaffarnagar

पटाखे बिके नहीं,  लेकिन लोगों ने जमकर छोड़े      

Sat, 21 Oct 2017 12:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Sat, 21 Oct 2017 12:14 AM IST
विज्ञापन
Fireworks not sold in Muzaffarnagar
शहर में आतिशबाजी करते लोग। - फोटो : अमर उजाला
सुप्रीम कोर्ट के एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने के बाद शहर में लगने वाले पटाखा बाजार तो नहीं लगे और न ही किसी दुकान पर खुलेआम पटाखों की बिक्री हुई। इसके बाद भी दीपावली पर शाम ढलते ही बच्चों ने जमकर पटाखे छोड़े। दिन ढलने के बाद रातभर पटाखों की आवाज गूंजती रही।  
विज्ञापन


एनसीआर में प्रदूषण की समस्या को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों की बिक्री के लिए लाइसेंस का प्रावधान किया था। शहर  में काफी संख्या में व्यापारियों ने लाइसेंस बनवाए थे। सभी पटाखा व्यापारी बड़ी मात्रा में पटाखे ले आए। इस बीच दीपावली से आठ दिन पहले पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी गई।
विज्ञापन


पुलिस ने गोदामों को सील कर दिया और गली मोहल्लों के दुकानदारों के पटाखे भी जब्त कर लिए। पुलिस और प्रशासन को यह उम्मीद थी कि दीपावली के दिन पटाखे नहीं छूट पाएंगे। दीपावली पर जैसे ही शाम ढली तो बच्चों ने पटाखे निकाल लिए और छुटाने शुरू कर दिए। दीपावली पूजन के बाद तो शहर पटाखों की आवाज से गूंज उठा। रात्रि दो बजे तक आतिशबाजी होती रही। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सील कर दी गई थी पटाखों की दुकानें 
मुजफ्फरनगर। सिटी मजिस्ट्रेट गौरव मिश्रा की देखरेख में पुलिस ने शहर के सभी पटाखा व्यापारियों की दुकानें सील कर दी थी। पुलिस का यह प्रयास था कि पटाखों की बिक्री न हो। जब पटाखे बिकेंगे नहीं तो छूटेंगे भी नहीं, लेकिन गली मोहल्लों में बड़े ही सिस्टम से पटाखे बिके। 


पटाखा व्यापारी मांगते रहे मुआवजा 
मुजफ्फरनगर। दीपावली से दो दिन पहले तक पटाखा व्यापारी कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन करते रहे। इन लोगों ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री से लेकर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तक को ज्ञापन भेजा। इन लोगों का यह कहना था कि पटाखे उन्होंने जीएसटी देकर खरीदे हैं। ऐसे में उनके नुकसान की भरपाई कौन करेगा। जब बेचने की अनुमति नहीं देनी थी तो लाइसेंस क्यों बनवाए गए। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed