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रुपये के विवाद में पिता को पीट-पीटकर मार डाला
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मुजफ्फरनगर : चरथावल के ज्ञानामाजरा में बेटे द्वारा पिता की हत्या के बाद परिजनों से बातचीत करती पु
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
चरथावल (मुजफ्फरनगर)। थाना क्षेत्र के गांव ज्ञाना माजरा रोड़ान में रुपये नहीं देने पर गुस्साए बेटे ने अपने दिव्यांग पिता की पीट-पीटकर हत्या कर दी। दिनदहाड़े हुई घटना से गांव में सन्नाटा पसर गया। पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा भरवाकर पोस्टमार्टम को भिजवाया। आरोपी बेटे को हिरासत में ले लिया।
शामली के थानाभवन सीमा से सटे गांव ज्ञानामाजरा रोड़ान में सोमवार दोपहर करीब दो बजे सेना से सेवानिवृत्त सूबेदार गुलाब सिंह (75) अपनी पत्नी अतर कली के साथ घर पर बैठा हुए थे। उसी वक्त उनके छोटे बेटे अमरदीप ने पिता से रुपये मांगे, लेकिन उन्होंने देने से मना कर दिया। इस पर नाराज बेटे ने मेज के पावे से पिता की पिटाई करना शुरू कर दिया। हमले से पिता बेसुध होकर मौके पर गिर गया और कुछ देर बाद मौत हो गई।
घटना की सूचना किसी ग्रामीण ने करीब ढाई घंटे बाद शाम साढ़े चार बजे पुलिस को दी। प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेश्वर बौद्ध मौके पर पहुंचे और शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवाया। मृतक के बड़े बेटे तरसेम सिंह ने अमरदीप के खिलाफ रुपये के विवाद में हत्या करने का आरोप लगाया। थाना प्रभारी ने बताया मामले में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया।
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देश के लिए लड़ी थी तीन लड़ाई
घटना के वादी ने बताया कि गुलाब सिंह ने फौज में रहते हुए 1962, 1965 और 1971 में देश की तरफ से दुश्मनों से मुकाबला किया था। सेवानिवृत्ति के बाद वे दुर्घटना में एक पैर से दिव्यांग हो गए थे।
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शामली के थानाभवन सीमा से सटे गांव ज्ञानामाजरा रोड़ान में सोमवार दोपहर करीब दो बजे सेना से सेवानिवृत्त सूबेदार गुलाब सिंह (75) अपनी पत्नी अतर कली के साथ घर पर बैठा हुए थे। उसी वक्त उनके छोटे बेटे अमरदीप ने पिता से रुपये मांगे, लेकिन उन्होंने देने से मना कर दिया। इस पर नाराज बेटे ने मेज के पावे से पिता की पिटाई करना शुरू कर दिया। हमले से पिता बेसुध होकर मौके पर गिर गया और कुछ देर बाद मौत हो गई।
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घटना की सूचना किसी ग्रामीण ने करीब ढाई घंटे बाद शाम साढ़े चार बजे पुलिस को दी। प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेश्वर बौद्ध मौके पर पहुंचे और शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवाया। मृतक के बड़े बेटे तरसेम सिंह ने अमरदीप के खिलाफ रुपये के विवाद में हत्या करने का आरोप लगाया। थाना प्रभारी ने बताया मामले में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया।
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घटना के वादी ने बताया कि गुलाब सिंह ने फौज में रहते हुए 1962, 1965 और 1971 में देश की तरफ से दुश्मनों से मुकाबला किया था। सेवानिवृत्ति के बाद वे दुर्घटना में एक पैर से दिव्यांग हो गए थे।