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Muzaffarnagar News: छेड़छाड़ के दाेषी को चार साल कैद की सजा
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अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। शामली में सात साल पहले किशोरी से छेड़खानी और विरोध करने पर मारपीट के मामले में दोषी को चार साल कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट संख्या-एक के पीठासीन अधिकारी रितेश सचदेवा ने फैसला सुनाया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी प्रदीप बालियान और विक्रांत राठी ने बताया कि शामली जिले के कांधला थाना क्षेत्र के गांव में एक जनवरी 2016 को किशोरी घर में अकेली थी। इसी दौरान गांव का युवक घर में घुसा और उसके साथ छेड़खानी की। पीड़िता ने विरोध किया तो आरोपी ने हमला कर दिया। बचाव के लिए किशोरी की मां पहुंची तो उसके साथ भी मारपीट और गाली-गलौज की गई। पीड़ित पक्ष की ओर से दो जनवरी 2016 को कांधला थाने में आरोपी संतोष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
प्रकरण में विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट संख्या-एक के पीठासीन अधिकारी रितेश सचदेवा ने फैसला सुनाया। अभियुक्त को धारा 452 में चार साल का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 354 में तीन साल का कठोर कारावास और पांच हजार रुपये का अर्थदंड और पॉक्सो एक्ट में चार साल का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया गया है।
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मुजफ्फरनगर। शामली में सात साल पहले किशोरी से छेड़खानी और विरोध करने पर मारपीट के मामले में दोषी को चार साल कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट संख्या-एक के पीठासीन अधिकारी रितेश सचदेवा ने फैसला सुनाया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी प्रदीप बालियान और विक्रांत राठी ने बताया कि शामली जिले के कांधला थाना क्षेत्र के गांव में एक जनवरी 2016 को किशोरी घर में अकेली थी। इसी दौरान गांव का युवक घर में घुसा और उसके साथ छेड़खानी की। पीड़िता ने विरोध किया तो आरोपी ने हमला कर दिया। बचाव के लिए किशोरी की मां पहुंची तो उसके साथ भी मारपीट और गाली-गलौज की गई। पीड़ित पक्ष की ओर से दो जनवरी 2016 को कांधला थाने में आरोपी संतोष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
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प्रकरण में विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट संख्या-एक के पीठासीन अधिकारी रितेश सचदेवा ने फैसला सुनाया। अभियुक्त को धारा 452 में चार साल का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 354 में तीन साल का कठोर कारावास और पांच हजार रुपये का अर्थदंड और पॉक्सो एक्ट में चार साल का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया गया है।
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