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पलड़ी के सोनू हत्याकांड़ में पिता-पुत्र पर दोष सिद्ध
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मुजफ्फरनगर। शाहपुर थाना क्षेत्र के पलड़ी गांव में 13 साल पहले अंजाम दी गई राहुल उर्फ सोनू की हत्या में आरोपी पिता-पुत्र पर दोष सिद्ध हो गया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-13 शक्ति सिंह सजा के प्रश्न पर शुक्रवार को सुनवाई करेंगे।
सहायक शासकीय अधिवक्ता परविंद्र ने बताया कि पलड़ी गांव निवासी महेंद्र सिंह और उसका भतीजा राहुल उर्फ सोनू सात सितंबर 2009 को शाम करीब छह बजे दिशा शौच के बाद घर लौट रहे थे। गांव में घुसते ही उन्हें मुकेश व बाबूराम पुत्र रामचंद्र और रवि उर्फ फोंदी पुत्र मुकेश ने घेर लिया। सोनू को गोली मार दी और महेंद्र सिंह पर भी फायर किए गए। शोर-शराबा होने पर ग्रामीण जमा हो गए, जिस कारण हमलावर धमकी देते हुए फरार हो गए। परिजन घायल सोनू को लेकर पहले मुजफ्फरनगर और फिर मेरठ पहुंचे। उपचार के दौरान घायल की मौत हो गई। महेंद्र सिंह की ओर से तीनों अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।
प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-13 शक्ति सिंह की कोर्ट में हुई। मुकदमे के विचरण के दौरान बाबूराम की मौत हो गई। बृहस्पतिवार को अदालत ने आरोपी पिता-पुत्र पर दोष सिद्ध किया। सुनवाई के दौरान अदालत पहुंचे मुकेश को सीआरपीसी की धारा 309 के अंतर्गत हिरासत में ले लिया। जबकि आरोपी रवि सुनवाई के दौरान अदालत नहीं पहुंचे। कोर्ट ने आरोपी के गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए हैं। सजा के प्रश्न पर 20 मई को सुनवाई होगी। अभियोजन की ओर से गवाह पेश कराने में शाहपुर थाने के पैरोकार दीप कुमार का सहयोग रहा।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता परविंद्र ने बताया कि पलड़ी गांव निवासी महेंद्र सिंह और उसका भतीजा राहुल उर्फ सोनू सात सितंबर 2009 को शाम करीब छह बजे दिशा शौच के बाद घर लौट रहे थे। गांव में घुसते ही उन्हें मुकेश व बाबूराम पुत्र रामचंद्र और रवि उर्फ फोंदी पुत्र मुकेश ने घेर लिया। सोनू को गोली मार दी और महेंद्र सिंह पर भी फायर किए गए। शोर-शराबा होने पर ग्रामीण जमा हो गए, जिस कारण हमलावर धमकी देते हुए फरार हो गए। परिजन घायल सोनू को लेकर पहले मुजफ्फरनगर और फिर मेरठ पहुंचे। उपचार के दौरान घायल की मौत हो गई। महेंद्र सिंह की ओर से तीनों अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।
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प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-13 शक्ति सिंह की कोर्ट में हुई। मुकदमे के विचरण के दौरान बाबूराम की मौत हो गई। बृहस्पतिवार को अदालत ने आरोपी पिता-पुत्र पर दोष सिद्ध किया। सुनवाई के दौरान अदालत पहुंचे मुकेश को सीआरपीसी की धारा 309 के अंतर्गत हिरासत में ले लिया। जबकि आरोपी रवि सुनवाई के दौरान अदालत नहीं पहुंचे। कोर्ट ने आरोपी के गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए हैं। सजा के प्रश्न पर 20 मई को सुनवाई होगी। अभियोजन की ओर से गवाह पेश कराने में शाहपुर थाने के पैरोकार दीप कुमार का सहयोग रहा।
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