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बेटियों की सलामती को रखा व्रत
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अहोई अष्टमी:- खतौली निवासी डॉ डिंपल सैनी ने भी बेटियों के लिए व्रत रखा।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
अहोई अष्टमी पर बेटों की सलामती के लिए रखा व्रत
मुजफ्फरनगर। मां के अपार स्नेह और प्रेम का प्रतीक अहोई अष्टमी पर्व आस्था और विश्वास के साथ मनाया गया। माताओं ने व्रत रख कर पुत्रों की दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। दोपहर में शहर के उत्तरी सिविल लाइन स्थिति मंदिर में माताओं ने सामूहिक कथा सुनीं। इसके बाद बुजुर्गों का बायना निकाल कर उनका आशीर्वाद लिया। शाम को तारेे का दर्शन कर व्रत खोला। वहीं, कई माताओं ने भी अपनी बेटियों की सलामती के लिए अहोई अष्टमी का व्रत रखा। बुढ़ाना में पिता ने बच्चों की सलामती को व्रत रखा।
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बेटों से कम नहीं बेटियां
मुजफ्फरनगर। जाट कॉलोनी निवासी रश्मि ने अपनी तीन बेटियों की सलामती के लिए व्रत रखा। वह बीते 15 साल से अहोई अष्टमी का पर्व रख रही हैं। बलवंत सिंह बाग कॉलोनी निवासी मनीषा चौधरी ने चार साल से अपनी बेटी के लिए व्रत रख रही हैं। इनका कहना है कि उनकी बेटियां बेटों से कम नहीं हैं।
संतान की कामना को व्रत
जाट कॉलोनी निवासी सोनाली सिंह की शादी को छह साल हो गए, मगर अभी तक उसकी गोद खाली है। वह बीते छह साल से ही संतान की कामना के लिए अहोई अष्टमी का व्रत रख रही हैं।
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बेटियों को साहसी बनाए मां
खतौली। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ डिंपल सैनी ने दो बेटियां राशि सैनी व विधि सैनी के लिए व्रत रख कर उनकी सलामती की कामना की। वो कहती हैं कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं है। बेटियों को शिक्षित कर उन्हें साहसी बनाने का काम मां का ही है।
बेटे व बेटी में भेदभाव न करे
शाहपुर। मंगलापुरी मंडी के अनुपम सैनी के दो पुत्रियां इशिका सैनी व अक्षी सैनी है। उनकी पत्नी आरती ने बेटियों की दीर्घायु व सुख समृद्धि के लिए व्रत रखा। उनकी बेटियां ही उनका सपना है। कहती हैं कि कोई भी बेटे व बेटी में भेदभाव न करें
बेटियों पर अधिक ध्यान दें मां
भोपा। कसबा निवासी मोनिका धीमान पत्नी तरुण धीमान ने अपनी तीनों बेटियों अविका, अनिका ,राधिका की दीर्घायु के लिए व्रत रखा। अहोई अष्टमी की पूजा अर्चना की। कहा कि अन्य मां को बेटों के साथ ही बेटियों की ओर भी अधिक ध्यान देना चाहिए।
सुुखमाल 23 वर्षों से निभा रहे परंपरा
बुढ़ाना। कस्बा निवासी सुखमाल चंद जैन बीते 23 साल से पत्नी की सारी परंपराओं को निभाते हुए बेटे और तीन बेटियों की दीर्घायु के लिए व्रत रख रहे हैं। बैँक कर्मी सुखमाल चंद जैन की पत्नी अनिता जैन का वर्ष 1993 में निधन हो गया था। तब रिंकी जैन 11, प्रियंका आठ साल, सोनिया पांच साल और बेटा अंकुर दो साल का था। उन्होंने चारों बच्चों का लालन पालन करने में माता व पिता दोनों का धर्म व फर्ज निभाया है। पत्नी के निधन के बाद से वे अहोई अष्टमी का व्रत रखते आ रहे हैं। व्रत की वो सारी परंपराओं को निभा रहे हैं। विधि विधान से महिलाओं की तरह व्रत रखकर पूजा करके बायना निकालते है।
बीना ने भी बेटियों के लिए रखा व्रत
पुरकाजी। कस्बा निवासी बीना रानी ने अपनी तीनों बेटियों तेजस्वी , वंशिका और इति सिंह के लिए व्रत रख कर दीर्घायु की कामना की। वह कहती हैं कि बेटियां, बेटों के समान हैं।
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मुजफ्फरनगर। मां के अपार स्नेह और प्रेम का प्रतीक अहोई अष्टमी पर्व आस्था और विश्वास के साथ मनाया गया। माताओं ने व्रत रख कर पुत्रों की दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। दोपहर में शहर के उत्तरी सिविल लाइन स्थिति मंदिर में माताओं ने सामूहिक कथा सुनीं। इसके बाद बुजुर्गों का बायना निकाल कर उनका आशीर्वाद लिया। शाम को तारेे का दर्शन कर व्रत खोला। वहीं, कई माताओं ने भी अपनी बेटियों की सलामती के लिए अहोई अष्टमी का व्रत रखा। बुढ़ाना में पिता ने बच्चों की सलामती को व्रत रखा।
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बेटों से कम नहीं बेटियां
मुजफ्फरनगर। जाट कॉलोनी निवासी रश्मि ने अपनी तीन बेटियों की सलामती के लिए व्रत रखा। वह बीते 15 साल से अहोई अष्टमी का पर्व रख रही हैं। बलवंत सिंह बाग कॉलोनी निवासी मनीषा चौधरी ने चार साल से अपनी बेटी के लिए व्रत रख रही हैं। इनका कहना है कि उनकी बेटियां बेटों से कम नहीं हैं।
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संतान की कामना को व्रत
जाट कॉलोनी निवासी सोनाली सिंह की शादी को छह साल हो गए, मगर अभी तक उसकी गोद खाली है। वह बीते छह साल से ही संतान की कामना के लिए अहोई अष्टमी का व्रत रख रही हैं।
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बेटियों को साहसी बनाए मां
खतौली। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ डिंपल सैनी ने दो बेटियां राशि सैनी व विधि सैनी के लिए व्रत रख कर उनकी सलामती की कामना की। वो कहती हैं कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं है। बेटियों को शिक्षित कर उन्हें साहसी बनाने का काम मां का ही है।
बेटे व बेटी में भेदभाव न करे
शाहपुर। मंगलापुरी मंडी के अनुपम सैनी के दो पुत्रियां इशिका सैनी व अक्षी सैनी है। उनकी पत्नी आरती ने बेटियों की दीर्घायु व सुख समृद्धि के लिए व्रत रखा। उनकी बेटियां ही उनका सपना है। कहती हैं कि कोई भी बेटे व बेटी में भेदभाव न करें
बेटियों पर अधिक ध्यान दें मां
भोपा। कसबा निवासी मोनिका धीमान पत्नी तरुण धीमान ने अपनी तीनों बेटियों अविका, अनिका ,राधिका की दीर्घायु के लिए व्रत रखा। अहोई अष्टमी की पूजा अर्चना की। कहा कि अन्य मां को बेटों के साथ ही बेटियों की ओर भी अधिक ध्यान देना चाहिए।
सुुखमाल 23 वर्षों से निभा रहे परंपरा
बुढ़ाना। कस्बा निवासी सुखमाल चंद जैन बीते 23 साल से पत्नी की सारी परंपराओं को निभाते हुए बेटे और तीन बेटियों की दीर्घायु के लिए व्रत रख रहे हैं। बैँक कर्मी सुखमाल चंद जैन की पत्नी अनिता जैन का वर्ष 1993 में निधन हो गया था। तब रिंकी जैन 11, प्रियंका आठ साल, सोनिया पांच साल और बेटा अंकुर दो साल का था। उन्होंने चारों बच्चों का लालन पालन करने में माता व पिता दोनों का धर्म व फर्ज निभाया है। पत्नी के निधन के बाद से वे अहोई अष्टमी का व्रत रखते आ रहे हैं। व्रत की वो सारी परंपराओं को निभा रहे हैं। विधि विधान से महिलाओं की तरह व्रत रखकर पूजा करके बायना निकालते है।
बीना ने भी बेटियों के लिए रखा व्रत
पुरकाजी। कस्बा निवासी बीना रानी ने अपनी तीनों बेटियों तेजस्वी , वंशिका और इति सिंह के लिए व्रत रख कर दीर्घायु की कामना की। वह कहती हैं कि बेटियां, बेटों के समान हैं।

अहोई अष्टमी:- भोपा निवासी अर्चना अपनी बेटियों के साथ।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

शाहपुर के मंगलापुरी मंडी निवासी आरती सैनी अपनी दोनो पुत्रियों के साथ ।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

शिव प्रेम मंदिर में अहोई अष्टमी पर कथा सुनती महिलाए।- फोटो : MUZAFFARNAGAR