{"_id":"5c003280bdec2241585f3529","slug":"farmers-stopped-the-diesel-engine","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाकियू ने रोका रेल इंजन, फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी कब्जाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाकियू ने रोका रेल इंजन, फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी कब्जाई
अमर उजाला/ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 30 Nov 2018 12:10 AM IST
विज्ञापन
रेल के डीजल इंजन को रोककर हंगामा करते भाकियू कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दस साल पुराने ट्रैक्टर बंद कराने से खफा भाकियू ने नया मोर्चा खोल दिया। बृहस्पतिवार को भाकियू नेताओं ने रेलवे स्टेशन के मालगोदाम पर एक रेल इंजन को रोक धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने धरनास्थल के पास खड़ी फायर ब्रिगेड और सहायक निदेशक मत्स्य की गाड़ी भी रोक ली। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि दस साल पुराने ट्रैक्टर पर पाबंदी है, तो ट्रेनों में दस साल पुराने डीजल इंजन को भी नहीं चलने देंगे। देर रात तक भाकियू कार्यकर्ता स्टेशन पर ही डेरा डाले हुए थे।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी बृहस्पतिवार दोपहर करीब एक बजे स्थानीय रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। प्रदर्शनकारी भाकियू नेताओं ने मालगोदाम पर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने रेलवे की डीजल एवं विद्युत चालित इंजन को लूप लाइन पर खड़ा करा लिया और उस पर भाकियू के झंडे लगा दिए। इंजन को ट्रैक्टर से खींचकर आगे ले जाया गया।
सूचना पर एडीएम प्रशासन अमित कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार, एआरटीओ विनीत कुमार मिश्रा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों समेत पुलिस, जीआरपी, आरपीएफ के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों से वार्ता में राकेश टिकैत ने साफ कहा कि जब किसानों के दस साल पुराने ट्रैक्टर बंदी के दायरे में हैं, तो रेलवे के डीजल इंजन भी नहीं चलने चाहिए। मुजफ्फरनगर स्टेशन से एक भी डीजल इंजन की ट्रेन को नहीं गुजरने दिया जाएगा।
विज्ञापन
इस बीच प्रदर्शनकारियों ने वहां पहुंची फायर ब्रिगेड को भी रोक लिया। नंबर की जांच से पता लगा कि वह वर्ष 1986 की है। भाकियू नेताओं ने अधिकारियों से रेल इंजन और फायर ब्रिगेड की गाड़ी को सीज करने को कहा, लेकिन उन्होंने हाथ खड़े कर दिए। शाम को वहां से गुजर रहे सहायक निदेशक मत्स्य की गाड़ी को भी वहीं रोक लिया गया। उन्हें गाड़ी के कागजात लाकर दिखाने को कहा।
इस दौरान 1.20 बजे बांद्रा-लखनऊ-बांद्रा-हरिद्वार, 1.40 बजे इंदौर-देहरादून-उज्जैन एक्सप्रेस और 2.15 बजे ऋषिकेश दिल्ली पैसेंजर ट्रेनें वहां से गुजरी। इनमें इलेक्ट्रिक इंजन लगे होने के कारण उन्हें नहीं रोका गया। शाम को दोबारा वार्ता के लिए गए एडीएम प्रशासन, सिटी मजिस्ट्रेट, एआरटीओ और एएसपी सिटी ओमवीर सिंह को भी धरने पर अपने बीच बैठा लिया गया। धरने पर दीपक बालियान, विपुल निर्वाल, धीरज लाटियान, चौधरी सौदान सिंह, युवा जिलाध्यक्ष ठाकुर सतेंद्र सिंह, राजू पीनना समेत बड़ी संख्या में भाकियू नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
दोनों ट्रेनों से हटाए गए डीजल इंजन, इलेक्ट्रिक इंजनों से किया संचालन
मुजफ्फरनगर। भाकियू के आंदोलन के चलते नौचंदी लिंक एक्सप्रेस और अहमदाबाद मेल ट्रेन प्रभावित हुई हैं। इन ट्रेनों में आ रहे डीजल इंजन को पिछले स्टेशनों पर रोककर बदला गया। इलेक्ट्रिक इंजन लगाकर ट्रेनों को मुजफ्फरनगर से आगे ले जाया गया। ट्रेनों के प्रभावित होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
हरिद्वार से चल कर आ रही अहमदाबाद मेल एक्सप्रेस ट्रेन को बृहस्पतिवार को डीजल इंजन से लाया जा रहा था। भाकियू के आंदोलन के कारण बामनहेड़ी स्टेशन पर इस ट्रेन को रोक कर डीजल इंजन हटाकर इलेक्ट्रिक इंजन जोड़ा गया। इस ट्रेन का मुजफ्फरनगर पहुंचने का समय शाम को 6.35 बजे है, लेकिन यह करीब साढ़े तीन घंटा देरी से 10 बजे पहुंची। इसके अलावा सहारनपुर से इलाहाबाद जाने वाली नौचंदी लिंक एक्सप्रेस ट्रेन में भी आज डीजल इंजन जुड़ा था। इसे भी देवबंद स्टेशन स्टेशन पर रोककर इलेक्ट्रिक इंजन जोड़ा गया। शाम को करीब छह बजे मुुजफ्फरनगर पहुंचने वाली यह ट्रेन भी करीब दो घंटा देरी से आई।
नौचंदी लिंक और अहमदाबाद मेल ट्रेनों में डीजल इंजन लगकर आ रहा था। देवबंद और बामनहेड़ी में बदलकर इलेक्ट्रिक इंजन लगाया गया। इस कारण दोनों ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से मुजफ्फरनगर पहुंची।
- विपिन कुमार त्यागी, स्टेशन अधीक्षक, मुजफ्फरनगर
टेंट लगाकर रात में भी धरने पर डटे रहे भाकियू नेता
मुजफ्फरनगर। भाकियू नेताओं ने धरनास्थल पर टेंट लगा लिया और रात में भी डटे रहे। उनका कहना है कि शुक्रवार को धरनास्थल पर भारी भीड़ जुटेगी। इस रेलवे मार्ग से कोई भी डीजल इंजन नहीं गुजरने दिया जाएगा। शक्ति सिंह, नीतू दुल्हेरा, अमित बालियान, यशपाल प्रधान आदि भी धरने पर डटे रहे।
विज्ञापन
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी बृहस्पतिवार दोपहर करीब एक बजे स्थानीय रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। प्रदर्शनकारी भाकियू नेताओं ने मालगोदाम पर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने रेलवे की डीजल एवं विद्युत चालित इंजन को लूप लाइन पर खड़ा करा लिया और उस पर भाकियू के झंडे लगा दिए। इंजन को ट्रैक्टर से खींचकर आगे ले जाया गया।
विज्ञापन
सूचना पर एडीएम प्रशासन अमित कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार, एआरटीओ विनीत कुमार मिश्रा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों समेत पुलिस, जीआरपी, आरपीएफ के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों से वार्ता में राकेश टिकैत ने साफ कहा कि जब किसानों के दस साल पुराने ट्रैक्टर बंदी के दायरे में हैं, तो रेलवे के डीजल इंजन भी नहीं चलने चाहिए। मुजफ्फरनगर स्टेशन से एक भी डीजल इंजन की ट्रेन को नहीं गुजरने दिया जाएगा।
विज्ञापन
इस बीच प्रदर्शनकारियों ने वहां पहुंची फायर ब्रिगेड को भी रोक लिया। नंबर की जांच से पता लगा कि वह वर्ष 1986 की है। भाकियू नेताओं ने अधिकारियों से रेल इंजन और फायर ब्रिगेड की गाड़ी को सीज करने को कहा, लेकिन उन्होंने हाथ खड़े कर दिए। शाम को वहां से गुजर रहे सहायक निदेशक मत्स्य की गाड़ी को भी वहीं रोक लिया गया। उन्हें गाड़ी के कागजात लाकर दिखाने को कहा।
इस दौरान 1.20 बजे बांद्रा-लखनऊ-बांद्रा-हरिद्वार, 1.40 बजे इंदौर-देहरादून-उज्जैन एक्सप्रेस और 2.15 बजे ऋषिकेश दिल्ली पैसेंजर ट्रेनें वहां से गुजरी। इनमें इलेक्ट्रिक इंजन लगे होने के कारण उन्हें नहीं रोका गया। शाम को दोबारा वार्ता के लिए गए एडीएम प्रशासन, सिटी मजिस्ट्रेट, एआरटीओ और एएसपी सिटी ओमवीर सिंह को भी धरने पर अपने बीच बैठा लिया गया। धरने पर दीपक बालियान, विपुल निर्वाल, धीरज लाटियान, चौधरी सौदान सिंह, युवा जिलाध्यक्ष ठाकुर सतेंद्र सिंह, राजू पीनना समेत बड़ी संख्या में भाकियू नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
दोनों ट्रेनों से हटाए गए डीजल इंजन, इलेक्ट्रिक इंजनों से किया संचालन
मुजफ्फरनगर। भाकियू के आंदोलन के चलते नौचंदी लिंक एक्सप्रेस और अहमदाबाद मेल ट्रेन प्रभावित हुई हैं। इन ट्रेनों में आ रहे डीजल इंजन को पिछले स्टेशनों पर रोककर बदला गया। इलेक्ट्रिक इंजन लगाकर ट्रेनों को मुजफ्फरनगर से आगे ले जाया गया। ट्रेनों के प्रभावित होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
हरिद्वार से चल कर आ रही अहमदाबाद मेल एक्सप्रेस ट्रेन को बृहस्पतिवार को डीजल इंजन से लाया जा रहा था। भाकियू के आंदोलन के कारण बामनहेड़ी स्टेशन पर इस ट्रेन को रोक कर डीजल इंजन हटाकर इलेक्ट्रिक इंजन जोड़ा गया। इस ट्रेन का मुजफ्फरनगर पहुंचने का समय शाम को 6.35 बजे है, लेकिन यह करीब साढ़े तीन घंटा देरी से 10 बजे पहुंची। इसके अलावा सहारनपुर से इलाहाबाद जाने वाली नौचंदी लिंक एक्सप्रेस ट्रेन में भी आज डीजल इंजन जुड़ा था। इसे भी देवबंद स्टेशन स्टेशन पर रोककर इलेक्ट्रिक इंजन जोड़ा गया। शाम को करीब छह बजे मुुजफ्फरनगर पहुंचने वाली यह ट्रेन भी करीब दो घंटा देरी से आई।
नौचंदी लिंक और अहमदाबाद मेल ट्रेनों में डीजल इंजन लगकर आ रहा था। देवबंद और बामनहेड़ी में बदलकर इलेक्ट्रिक इंजन लगाया गया। इस कारण दोनों ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से मुजफ्फरनगर पहुंची।
- विपिन कुमार त्यागी, स्टेशन अधीक्षक, मुजफ्फरनगर
टेंट लगाकर रात में भी धरने पर डटे रहे भाकियू नेता
मुजफ्फरनगर। भाकियू नेताओं ने धरनास्थल पर टेंट लगा लिया और रात में भी डटे रहे। उनका कहना है कि शुक्रवार को धरनास्थल पर भारी भीड़ जुटेगी। इस रेलवे मार्ग से कोई भी डीजल इंजन नहीं गुजरने दिया जाएगा। शक्ति सिंह, नीतू दुल्हेरा, अमित बालियान, यशपाल प्रधान आदि भी धरने पर डटे रहे।