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Muzaffarnagar News: दस जिलों के किसानों को गन्ना उत्पादन का दिया जाएगा प्रशिक्षण
Fri, 02 Feb 2024 10:59 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 02 Feb 2024 10:59 PM IST
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मुजफ्फरनगर। गन्ना शोध संस्थान में पश्चिम के 10 जिले के किसानों को गन्ना उत्पादन तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले दिन मुजफ्फरनगर के 50 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सहारनपुर के उप गन्ना आयुक्त ओपी सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि गन्ना उत्पादन तकनीकी प्रशिक्षण के पहले मंसूरपुर विकास परिषद के किसान शामिल हुए हैं। प्रत्येक दिन अलग क्षेत्र के 50 किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। किसानों के लिए यह जरूरी है कि वह तकनीक से खेती करें। इससे उनकी मेहनत कम होगी और उपज अच्छी होगी। उन्होंने 0238 के स्थान पर नई प्रजाति के प्रयोग पर बल दिया। जिला गन्ना अधिकारी संजय सिसोदिया ने कहा कि तकनीक के बिना हम खेती में अधिक लाभ नहीं ले सकते हैं। केंद्र के प्रभारी डॉ. जेपी सिंह ट्रेंच विधि से गन्ने की बुवाई के बारे में बताया।
नव विकसित किस्म को.शो. 17231 को की ऑनलाइन बुकिंग करने के लिए किसानों को जानकारी दी। वरिष्ठ वैज्ञानिक ओएस जौशिया ने नई प्रजाति के गुण दोष बताए। डॉ. वेदप्रकाश ने मृदा की जांच पर जोर दिया। अजय कुमार सिंह ने चोटीभेदक कीट के जीवन चक्र, आक्रमण काल एवं बचाव के बारे में बताया। सुंदरपाल राठी ने पेडर प्रबंधन की जानकारी दी। मुबारिकपुर के किसान ब्रिजेश त्यागी को प्रश्नोत्तरी में पहला स्थान मिला। बेहड़ा अस्सा के गौरव चौधरी दूसरे स्थान पर रहे। मुबारिकपुर के मनोज त्यागी तीसरे स्थान पर रहे।
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इन जिलों के किसान लेंगे प्रशिक्षण
गन्ना शोध संस्थान में 26 फरवरी तक चलने वाले प्रशिक्षण में शामली, बागपत, बिजनौर, बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड, मथुरा, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर के किसान शामिल होंगे।
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कार्यक्रम का शुभारंभ सहारनपुर के उप गन्ना आयुक्त ओपी सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि गन्ना उत्पादन तकनीकी प्रशिक्षण के पहले मंसूरपुर विकास परिषद के किसान शामिल हुए हैं। प्रत्येक दिन अलग क्षेत्र के 50 किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। किसानों के लिए यह जरूरी है कि वह तकनीक से खेती करें। इससे उनकी मेहनत कम होगी और उपज अच्छी होगी। उन्होंने 0238 के स्थान पर नई प्रजाति के प्रयोग पर बल दिया। जिला गन्ना अधिकारी संजय सिसोदिया ने कहा कि तकनीक के बिना हम खेती में अधिक लाभ नहीं ले सकते हैं। केंद्र के प्रभारी डॉ. जेपी सिंह ट्रेंच विधि से गन्ने की बुवाई के बारे में बताया।
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नव विकसित किस्म को.शो. 17231 को की ऑनलाइन बुकिंग करने के लिए किसानों को जानकारी दी। वरिष्ठ वैज्ञानिक ओएस जौशिया ने नई प्रजाति के गुण दोष बताए। डॉ. वेदप्रकाश ने मृदा की जांच पर जोर दिया। अजय कुमार सिंह ने चोटीभेदक कीट के जीवन चक्र, आक्रमण काल एवं बचाव के बारे में बताया। सुंदरपाल राठी ने पेडर प्रबंधन की जानकारी दी। मुबारिकपुर के किसान ब्रिजेश त्यागी को प्रश्नोत्तरी में पहला स्थान मिला। बेहड़ा अस्सा के गौरव चौधरी दूसरे स्थान पर रहे। मुबारिकपुर के मनोज त्यागी तीसरे स्थान पर रहे।
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इन जिलों के किसान लेंगे प्रशिक्षण
गन्ना शोध संस्थान में 26 फरवरी तक चलने वाले प्रशिक्षण में शामली, बागपत, बिजनौर, बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड, मथुरा, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर के किसान शामिल होंगे।