ये है कमाल का वीडियो: बैल नहीं...अब खेतों में चल रहा पावर ट्रिलर, किसानों की जुबां से सुनिए इसके कई बड़े फायदे
Muzaffarnagar News : अब खेती करने में किसान भी बड़े बदलाव कर रहे हैं। जहां पहले खेत में बैल से जुताई होती थी तो वहीं अब किसान पावर ट्रिलर का खूब इस्तेमाल कर रहे हैं। वीडियो में देखिए आखिर पावर ट्रिलर कैसे काम करता है।
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ईंख की बुवाई से लेकर जुताई तक कभी बैल और भैंसे का प्रयोग खेतों में किया जाता था। लेकिन समय में बदलाव के साथ अब कृषि यंत्रों का प्रयोग बढ़ गया है।
ट्रैक्टर के अलावा अब ईंख की जुताई के लिए पावर ट्रिलर का प्रयोग भी किसान कर रहे हैं। यह एक प्रसिद्ध कृषि मशीनरी है, जिसका उपयोग मिट्टी तैयार करने, बीज बोने और बुवाई में मदद करने के लिए किया जाता है। देहात में इसे हाथ से संचालित होने वाला ट्रैक्टर भी कहते हैं।
सावटू गांव के किसान संदीप और उनके भाई मनीष बताते हैं कि तीन और चार साल तक की गन्ने की फसल की जुताई में वह इस यंत्र का प्रयोग कर रहे हैं। खेतीहार मजदूरों की कम होती संख्या और महंगाई के दौर में यह यंत्र उपयोगी है।
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किसान मनीष ने बताया कि वह लंबे समय से ट्रेंच विधि से गन्ने की खेती कर रहे हैं। प्रति बीघा 120 रुपये प्रति क्विंटल तक पैदावार ली है। यही नहीं तिबरसा यानी गन्ने की तीसरे साल की फसल में भी 70 से 75 क्विंटल प्रति बीघा का औसत लिया है। बीज में बदलाव और सही समय पर खेती की देखभाल से किसान लाभ कमा सकते हैं।
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