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परिजनों ने किया गुलबहार का शव लेने से इंकार
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परिजनों ने किया गुलबहार का शव लेने से इंकार
भोपा (मुजफ्फरनगर)। थाना क्षेत्र के गांव नंगला बुजुर्ग स्थित पॉल्ट्री फॉर्म पर लूट की वारदात को अंजाम देने आए बदमाशों की गोली से उनके ही साथी गुलबहार की मौत का मामला तूल पकड़ रहा है। शव की शनाख्त के बाद गुलबहार के परिजनों ने इसे लेनदेन के विवाद में हत्या बताते हुए डेरे के कई लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी है, जिसे पुलिस ने जांच में शामिल कर लिया है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही तहरीर पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, देर रात गुलबहार के शव के पोस्टमार्टम के बाद परिजनों व ग्रामीणों ने मोर्चरी पर हंगामा कर दिया। परिजनों ने गुलबहार का शव लेने से इंकार करते हुए पिता अब्दुल वहाब की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि हत्या का मुकदमा दर्ज होने तक शव को सुपुर्द ए-खाक नहीं किया जाएगा। देर रात तक परिजन मोर्चरी पर ही जमा थे, जिन्हें पुलिस द्वारा समझाने का प्रयास किया जा रहा है।
रिटायर्ड सूबेदार की हुई थी लाइसेंसी बंदूक चोरी
भोपा। गांव नंगला बुजुर्ग स्थित डेरे से करीब 25 साल पहले रिटायर्ड सूबेदार दर्शन सिंह की लाइसेंसी बंदूक भी चोरी हुई थी, जिसका आज तक सुराग नहीं लग पाया है। रिटायर्ड सूबेदार दर्शन सिंह भी इसी डेरे पर रहते हैं। रिटायर्ड होने के बाद वर्ष 1984 में उन्होंने अपने नाम से बंदूक का लाइसेंस लिया था, जो वर्ष 1995 में चोरी हो गई थी, जिसका आज तक पता नहीं चल सका है।
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भोपा (मुजफ्फरनगर)। थाना क्षेत्र के गांव नंगला बुजुर्ग स्थित पॉल्ट्री फॉर्म पर लूट की वारदात को अंजाम देने आए बदमाशों की गोली से उनके ही साथी गुलबहार की मौत का मामला तूल पकड़ रहा है। शव की शनाख्त के बाद गुलबहार के परिजनों ने इसे लेनदेन के विवाद में हत्या बताते हुए डेरे के कई लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी है, जिसे पुलिस ने जांच में शामिल कर लिया है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही तहरीर पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, देर रात गुलबहार के शव के पोस्टमार्टम के बाद परिजनों व ग्रामीणों ने मोर्चरी पर हंगामा कर दिया। परिजनों ने गुलबहार का शव लेने से इंकार करते हुए पिता अब्दुल वहाब की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि हत्या का मुकदमा दर्ज होने तक शव को सुपुर्द ए-खाक नहीं किया जाएगा। देर रात तक परिजन मोर्चरी पर ही जमा थे, जिन्हें पुलिस द्वारा समझाने का प्रयास किया जा रहा है।
रिटायर्ड सूबेदार की हुई थी लाइसेंसी बंदूक चोरी
भोपा। गांव नंगला बुजुर्ग स्थित डेरे से करीब 25 साल पहले रिटायर्ड सूबेदार दर्शन सिंह की लाइसेंसी बंदूक भी चोरी हुई थी, जिसका आज तक सुराग नहीं लग पाया है। रिटायर्ड सूबेदार दर्शन सिंह भी इसी डेरे पर रहते हैं। रिटायर्ड होने के बाद वर्ष 1984 में उन्होंने अपने नाम से बंदूक का लाइसेंस लिया था, जो वर्ष 1995 में चोरी हो गई थी, जिसका आज तक पता नहीं चल सका है।
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