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धर्मपरिवर्तन का अधिकार सबको, धर्म पर टिप्पणी बर्दाश्त नहीं : मौलाना यासूब
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देवबंद। शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी के धर्म परिवर्तन करने पर कहा कि वह अपने क्रियाकलापों से पहले ही मजहब से निष्कासित किए जा चुके थे। मुल्क में हर किसी को आजादी है कि वह किस मजहब का होकर रहे, लेकिन यह आजादी किसी को नहीं कि किसी भी धर्म या धार्मिक पुस्तकों की शान में गुस्ताखी करें।
मंगलवार को सांपला बस स्टेंड स्थित पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री सैयद ईसा रजा के आवास पर पहुंचे मौलाना यासूब अब्बास मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा मुल्क आजाद है और प्रत्येक व्यक्ति को किसी भी मजहब में आने जाने की संवैधानिक आजादी है। कोई किसी भी धर्म में रहे, लेकिन किसी को यह आजादी नहीं है कि वह शान-ए-मुस्तफा और कुरान की आनबान में किसी तरह की गुस्ताखी करें। दो टूक कहा कि रसूल और कुरान की शान में गुस्ताखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मौलाना यासूब अब्बास ने कहा वसीम रिजवी जैसे लोग न कभी किसी के हुए और न ही किसी के हो सकते हैं। उन्होंने अब केवल नाम बदला है, धर्मपरिवर्तन तो उनका पहले ही हो चुका था। इसमें फैजान मलिक, नवेद अली, फहीम नबंरदार, सैयद मेहंदी हसन, सैयद हसन आदि मौजूद रहे।
जीशान की बीवी बच्चों को कब मिलेगा इंसाफ : यासूब अब्बास
देवबंद। शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने चार सितंबर को थीतकी निवासी जीशान हैदर की घर से बुलाकर की हत्या की जांच अभी तक पूरी न होने पर रोष जताया। कहा गुनाहगार कोई भी हो उसे सजा मिलनी चाहिए। मृतक जीशान की विधवा और उसके बच्चे इंसाफ चाहते हैं। सरकार को चाहिए कि वह मामले में जल्द जांच पूरी कराकर दोषियों को सजा देने का काम करें।
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मंगलवार को सांपला बस स्टेंड स्थित पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री सैयद ईसा रजा के आवास पर पहुंचे मौलाना यासूब अब्बास मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा मुल्क आजाद है और प्रत्येक व्यक्ति को किसी भी मजहब में आने जाने की संवैधानिक आजादी है। कोई किसी भी धर्म में रहे, लेकिन किसी को यह आजादी नहीं है कि वह शान-ए-मुस्तफा और कुरान की आनबान में किसी तरह की गुस्ताखी करें। दो टूक कहा कि रसूल और कुरान की शान में गुस्ताखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मौलाना यासूब अब्बास ने कहा वसीम रिजवी जैसे लोग न कभी किसी के हुए और न ही किसी के हो सकते हैं। उन्होंने अब केवल नाम बदला है, धर्मपरिवर्तन तो उनका पहले ही हो चुका था। इसमें फैजान मलिक, नवेद अली, फहीम नबंरदार, सैयद मेहंदी हसन, सैयद हसन आदि मौजूद रहे।
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देवबंद। शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने चार सितंबर को थीतकी निवासी जीशान हैदर की घर से बुलाकर की हत्या की जांच अभी तक पूरी न होने पर रोष जताया। कहा गुनाहगार कोई भी हो उसे सजा मिलनी चाहिए। मृतक जीशान की विधवा और उसके बच्चे इंसाफ चाहते हैं। सरकार को चाहिए कि वह मामले में जल्द जांच पूरी कराकर दोषियों को सजा देने का काम करें।
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