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Muzaffarnagar News: एस्जेक फैक्टरी पर लगा 17 लाख रुपये का जुर्माना
Fri, 02 Jan 2026 01:05 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 02 Jan 2026 01:05 AM IST
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मुजफ्फरनगर। वायु एवं जल प्रदूषण के बढ़ते ग्राफ के मद्देनजर हाल में की गई प्रदूषण नियंत्रण विभाग की चेकिंग के बाद होटल और कई औद्योगिक इकाइयों पर जुर्माने की कार्रवाई की गई है। ग्रैंड हेवेन होटल एंड रेस्टोरेंट पर 1.8 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वायु प्रदूषण फैलाने के मामले में औद्योगिक इकाई एस्जेक पर भी 17 लाख रुपये का जुर्माना लगा है। कई पेपर मिलों को नोटिस जारी किए गए हैं। जबकि एक फैक्टरी बंद करने के आदेश दिए गए हैं।
जनपद में वायु प्रदूषण को लेकर विवाद छिड़ा है। कुछ दिन पूर्व लखनऊ और अलीगढ़ से पहुंची प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमों ने औद्योगिक इकाइयों में विभिन्न मानकों पर जांच कर रिपोर्ट लखनऊ मुख्यालय भेजी थी। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने भी जांच के बाद विभाग को रिपोर्ट भेजी है।
उसके आधार पर शहर के होटल ग्रैंड हेवेन को पर्यावरण क्षति पहुंचाने का दोषी माना गया है। होटल में जल प्रदूषण समेत विभागीय मानक अधूरे मिले हैं, जिसके चलते लखनऊ मुख्यालय की संस्तुति पर 1.80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
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मंसूरपुर स्थित एस्जेक (यूपी-स्टील) फैक्टरी में क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने छह माह पूर्व जांच कर तीन भट्ठियों को सील किया था। उसके बाद लखनऊ मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी थी। सीएक्यूएम की रिपोर्ट भी इस फैक्टरी के विरुद्ध आई है।
इसके चलते फैक्टरी पर 17 लाख रुपये का जुर्माना लगा है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता कुंवर संतोष कुमार की ओर से ग्रैंड हेवेन होटल एंड रेस्टोरेंट और एस्जेक के विरुद्ध सीजेएम न्यायालय में वाद दायर कराया गया है।
इनके अलावा जट मुझेड़ा स्थित परिजात पेपर मिल, धंधेड़ा स्थित एसके पेपर मिल, भोपा रोड की सिल्वरटन इंडस्ट्रीज एवं प्रिंस मेटल में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए पर्याप्त प्रबंधन न किये जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जानसठ रोड की फिरोज मैटल फैक्टरी बंद करने के आदेश जारी किए हैं।
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जनपद में वायु प्रदूषण को लेकर विवाद छिड़ा है। कुछ दिन पूर्व लखनऊ और अलीगढ़ से पहुंची प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमों ने औद्योगिक इकाइयों में विभिन्न मानकों पर जांच कर रिपोर्ट लखनऊ मुख्यालय भेजी थी। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने भी जांच के बाद विभाग को रिपोर्ट भेजी है।
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उसके आधार पर शहर के होटल ग्रैंड हेवेन को पर्यावरण क्षति पहुंचाने का दोषी माना गया है। होटल में जल प्रदूषण समेत विभागीय मानक अधूरे मिले हैं, जिसके चलते लखनऊ मुख्यालय की संस्तुति पर 1.80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
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मंसूरपुर स्थित एस्जेक (यूपी-स्टील) फैक्टरी में क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने छह माह पूर्व जांच कर तीन भट्ठियों को सील किया था। उसके बाद लखनऊ मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी थी। सीएक्यूएम की रिपोर्ट भी इस फैक्टरी के विरुद्ध आई है।
इसके चलते फैक्टरी पर 17 लाख रुपये का जुर्माना लगा है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता कुंवर संतोष कुमार की ओर से ग्रैंड हेवेन होटल एंड रेस्टोरेंट और एस्जेक के विरुद्ध सीजेएम न्यायालय में वाद दायर कराया गया है।
इनके अलावा जट मुझेड़ा स्थित परिजात पेपर मिल, धंधेड़ा स्थित एसके पेपर मिल, भोपा रोड की सिल्वरटन इंडस्ट्रीज एवं प्रिंस मेटल में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए पर्याप्त प्रबंधन न किये जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जानसठ रोड की फिरोज मैटल फैक्टरी बंद करने के आदेश जारी किए हैं।