गठबंधन के भीतर बड़ा संकट: इन सीटों पर फंसा पेंच, क्या चुनाव से पहले बढ़ेगी अखिलेश और जयंत की टेंशन?
Lok Sabha Election 2024 : गठबंधन में भले ही सीटों का गणित तय हो चुका है। लेकिन अभी दो सीटें ऐसी हैं, जिन पर सपा और रालोद के बीच पेंच फंसा हुआ है।
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लोकसभा चुनाव के लिए सपा-रालोद के बीच सीटों का गणित लगभग तय है। लेकिन समाजवादी पार्टी सियासी रण में रालोद के हिस्से की चार सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारना चाहती है, जिससे गठबंधन में असमंजस का माहौल है। हाथरस सुरक्षित और मुजफ्फरनगर सीट पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी है। हालांकि, रालोद ने बिजनौर और कैराना में सपा के उम्मीदवारों पर हामी भर दी है।
सियासी रण में गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच सीटों को लेकर खींचतान जारी है। रालोद के हिस्से में मुजफ्फरनगर, हाथरस सुरक्षित, मेरठ, बागपत, कैराना, बिजनौर और मथुरा सीट तय है। लेकिन सपा के दांव से रालोद के रणनीतिकार असहज है। सपा ने कैराना, बिजनौर, मुजफ्फरनगर और हाथरस सुरक्षित सीट पर अपने प्रत्याशी रालोद के सिंबल पर लड़ाने की रणनीति तैयार की है।
सपा चाहती है कि कैराना और बिजनौर के अलावा हाथरस और मुजफ्फरनगर में भी उसके प्रत्याशी ही रालोद से चुनाव मैदान में उतरें। यहीं पर पेंच फंस गया है। अगर ऐसा हुआ तो रालोद के हिस्से में पिछले चुनाव की तरह सिर्फ तीन सीटें ही बचेंगी।
छपरौली में 12 फरवरी को मंथन
रालोद के रणनीतिकार 12 फरवरी को छपरौली में जुटेंगे। यहां दिवंगत केंद्रीय मंत्री अजित सिंह की प्रतिमा का अनावरण होगा। यहीं पर लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर भी मंथन किया जाएगा।
साक्षी मलिक को अखाड़े में उतारने की तैयारी
मुजफ्फरनगर सीट पर गठबंधन से सबसे चौंकाने वाला नया नाम ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक का भी चर्चा में शामिल हो गया है। रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह की पत्नी चारू चौधरी अगर चुनाव नहीं लड़ती तो बागपत या मुजफ्फरनगर से साक्षी मलिक के नाम पर भी मुहर लग सकती है। इसके अलावा पहलवान बजरंग पूनिया, बिजनौर के अभिनेता सुशांत सिंह का नाम भी रालोद के खेमे से आगे बढ़ाया जा रहा है।
सांगवान और चढूनी भी बागपत के दावेदार
किसान आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले गुरनाम चढूनी और रालोद के पुराने नेता राजकुमार सांगवान भी बागपत से टिकट के दावेदार हैं। रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह और उनकी पत्नी चारू चौधरी के चुनाव नहीं लड़ने की स्थिति में दोनों विकल्प के तौर पर देखे जा रहे हैं। चर्चा यह भी है कि अगर चौधरी परिवार ने चुनाव नहीं लड़ा तो हरियाणा के किसी उम्मीदवार को मैदान में उतारा जाएगा, इनमें कोई सेलिब्रेटी भी शामिल हो सकता है।
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मुजफ्फरनगर से इनके नाम सबसे आगे
गठबंधन में मुजफ्फरनगर सीट पर सपा के कोटे से पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक दावेदार हैं। जबकि रालोद से ओलंपियन साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया, शामली विधायक प्रसन्न चौधरी, पूर्व मंत्री योगराज सिंह, मनीषा अहलावत के नाम पर भी चर्चा चल रही है।
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